Greater Noida Dirty Water : ग्रेटर नोएडा में बेहतर सुविधाओं और साफ-सफाई के दावों के बीच बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया है। शहर के अल्फा-2 सेक्टर में नलों से आ रहे गंदे और बदबूदार पानी को पीने और इस्तेमाल करने से करीब 40 लोग अचानक बीमार पड़ गए। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। उल्टी, दस्त, पेट दर्द और त्वचा संबंधी समस्याओं की शिकायत के बाद लोगों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा।
अल्फा-2 सेक्टर में बिगड़े हालात
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से नलों में मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा था। इसकी शिकायत Greater Noida Authority और संबंधित विभागों से की गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हालात तब बिगड़े जब एक ही दिन में दर्जनों लोग बीमार हो गए।

बीमारों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग
दूषित पानी पीने के बाद कई लोगों को तेज उल्टी-दस्त की समस्या हुई, जबकि कुछ को नहाने के बाद त्वचा पर रैश और खुजली की शिकायत हुई। परिजन बीमारों को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद अधिकतर को घर भेज दिया गया। हालांकि चार मरीजों का इलाज अभी भी जारी है।
मेडिकल टीम और अस्थायी राहत
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घर-घर जाकर दवाइयां और पीने के लिए पाउच बांटे गए। अधिकारियों का कहना है कि पानी की पाइपलाइन में लीकेज को ठीक कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय लोग अब भी नलों से गंदा पानी आने की शिकायत कर रहे हैं।
पुरानी पाइपलाइन बनी बड़ी वजह
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों और निवासियों का आरोप है कि सेक्टर में 30 साल से ज्यादा पुरानी पाइपलाइनें पूरी तरह गल चुकी हैं। सीवर लाइन ओवरफ्लो होने से गंदा पानी पीने के पानी में मिल रहा है। कई लोगों ने बताया कि समस्या डेढ़ से दो साल से बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
इससे पहले डेल्टा-1 सेक्टर में भी दूषित पानी से करीब 20 लोग बीमार पड़े थे। उस समय स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर जांच की थी। अब अल्फा-2 की घटना के बाद लोगों में गुस्सा साफ नजर आ रहा है और प्राधिकरण के खिलाफ प्रदर्शन भी किया गया।

विश्लेषण (Analysis)
ग्रेटर नोएडा जैसे विकसित शहर में दूषित जलापूर्ति का मामला प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। अस्थायी मरम्मत से समस्या दब तो सकती है, लेकिन पुरानी पाइपलाइन और सीवर सिस्टम को बदले बिना ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे। यह मामला केवल स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि शहरी प्रबंधन की बड़ी परीक्षा बन चुका है।
जानें पूरा मामला
अल्फा-2 सेक्टर में नलों से गंदा पानी आने की शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं। कार्रवाई में देरी के कारण लोग बीमार पड़े, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्राधिकरण हरकत में आया। फिलहाल लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- अल्फा-2 सेक्टर में दूषित पानी से करीब 40 लोग बीमार।
- उल्टी, दस्त और त्वचा रोग की शिकायतें सामने आईं।
- पुरानी पाइपलाइन और सीवर लीकेज मुख्य वजह।
- लोगों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही के आरोप लगाए।








