Golden Temple Sevadar Uniform को लेकर अमृतसर से बड़ी खबर सामने आई है। श्री हरिमंदिर साहिब में तैनात सेवादारों की वर्दी में बदलाव किया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य परंपरा, अनुशासन और सेवा की गरिमा को और मजबूत करना बताया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब सेवादार पहली बार दो रंगों—पीला और गहरा नीला—की वर्दी में नजर आएंगे। यह फैसला तीन दिन पहले लिया गया था, जिसे आज 5 फरवरी को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया।
पहली बार दो रंगों की वर्दी व्यवस्था
अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में तैनात सुरक्षा सेवा दल के सेवादार अब सप्ताह में बारी-बारी से दो-दो दिन अलग-अलग रंग की वर्दी पहनेंगे। जब सेवादार पीले रंग की वर्दी पहनेंगे, तब उनकी पगड़ी नीले रंग की होगी। वहीं जब वर्दी नीले रंग की होगी, तब पगड़ी पीले रंग की रहेगी। इससे एकरूपता और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
पहले भी बदली जा चुकी है वर्दी
सेवादारों की वर्दी में यह पहला बदलाव नहीं है। 1960–70 के दशक में सेवादार पूरी तरह पारंपरिक वेशभूषा में रहते थे। इसके बाद 1990 में नीले रंग की तय वर्दी और पहचान चिन्ह जोड़े गए। वर्ष 2000 में वर्दी पर कंधों और सीने पर पहचान के साथ “श्री दरबार साहिब, श्री अमृतसर” लिखने की शुरुआत हुई। 2015 के बाद मुख्य रूप से नीले रंग की वर्दी ही प्रचलन में रही, लेकिन अब एक बार फिर बदलाव किया गया है।
खंडा और हजूरिया से बढ़ी पहचान
नई वर्दी की सबसे खास बात दोनों कंधों पर की गई खंडे की नक्काशी है। खंडा सिख धर्म में साहस, सेवा और सत्य का प्रतीक माना जाता है। वर्दी के सीने पर साफ अक्षरों में “गोल्डन टेंपल, श्री अमृतसर” लिखा गया है, जिससे सेवादारों की पहचान और स्पष्ट होती है। इसके साथ सेवादार सफेद रंग का हजूरिया भी पहनेंगे, जो पवित्रता और विनम्र सेवा भाव का प्रतीक है।
कमरकस्सा और पगड़ी पर खंडा भी शामिल
नई व्यवस्था में सेवादारों को विशेष कपड़े का कमरकस्सा दिया गया है। इसके अलावा पगड़ी पर सजाने के लिए खंडे भी प्रदान किए गए हैं। इन सभी बदलावों से सेवादारों की वेशभूषा पहले से अधिक गरिमामयी, अनुशासित और प्रभावशाली नजर आ रही है।
SGPC का फैसला, सेवादारों को मिल चुकी है वर्दी
यह पूरा बदलाव शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से किया गया है। सेवादारों को नई वर्दियां दी जा चुकी हैं और जिन सेवादारों को अभी वर्दी नहीं मिली है, उन्हें भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए भी होगी सुविधा
श्री दरबार साहिब के मैनेजर राजिंदर सिंह रूबी ने कहा कि यह बदलाव बहुत सोच-समझकर किया गया है। नई वर्दियों से सेवादारों की पहचान और स्पष्ट होगी और उनकी मर्यादा व गरिमा भी बढ़ेगी। इससे श्रद्धालुओं को सेवादारों को पहचानने में आसानी होगी और व्यवस्थाएं और बेहतर ढंग से चल सकेंगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- गोल्डन टेंपल के सेवादारों की वर्दी बदली गई
- पहली बार पीले और गहरे नीले रंग की दो वर्दियां लागू
- कंधों पर खंडे की नक्काशी और सफेद हजूरिया शामिल
- SGPC के फैसले से सेवादारों की पहचान और गरिमा बढ़ेगी








