Gold Silver Rate Today : अगर आप सोने में निवेश या ज्वैलरी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म यूबीएस (UBS) ने अनुमान लगाया है कि 2026 में सोने की कीमत ऐतिहासिक ऊंचाई को छू सकती है। यूबीएस के मुताबिक, सोना $6200 प्रति औंस के स्तर को पार कर सकता है, जो भारतीय करेंसी में लगभग ₹1,98,484 प्रति 10 ग्राम के आसपास होगा। इस तरह सोना 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को भी पार कर सकता है।
सोने की कीमतों में इस उछाल के पीछे तीन बड़े कारक हैं: वैश्विक तनाव, रिकॉर्ड केंद्रीय बैंक खरीद और ब्याज दरों में संभावित कटौती। इन सबके बीच निवेशक सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
क्यों बढ़ सकती है सोने की कीमत?
यूबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में सोने की कीमतों को कई कारक समर्थन दे सकते हैं:
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: 2025 में केंद्रीय बैंकों ने 863 मीट्रिक टन सोना खरीदा था। 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 950 टन तक पहुंचने का अनुमान है।
गोल्ड ETF में निवेश: गोल्ड ETF में भी 825 टन तक का जबरदस्त निवेश होने की संभावना है।
वैश्विक मांग: वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में पहली बार वैश्विक सोने की मांग 5000 मीट्रिक टन के पार चली गई।
एशिया से मांग: एशिया में बढ़ती आय और ज्वैलरी की मांग लंबे समय से सोने को सहारा दे रही है।
सप्लाई स्थिर: दूसरी तरफ सोने की सप्लाई लगभग स्थिर बनी हुई है। वुड मैकेंजी का अनुमान है कि 2028 तक करीब 80 खदानें अपना मौजूदा उत्पादन पूरा कर लेंगी।
भू-राजनीतिक तनाव का असर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी सोने की कीमतों को सपोर्ट दिया है। अमेरिकी सेना ने मिडिल ईस्ट में अपनी तैनाती बढ़ा दी है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते को लेकर 10-15 दिन की चेतावनी दी है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं और सोना पारंपरिक हेज (बचाव) के तौर पर पसंद किया जा रहा है।
तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों पर भी असर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड 71.5 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है, जो सप्ताह की शुरुआत से करीब 4% ऊपर है।
फिलहाल कहां है सोना?
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 2935 डॉलर प्रति औंस के आसपास है। हालिया तनाव के बीच इसमें करीब 0.8% की बढ़त देखी गई है। अगर यूबीएस का अनुमान सही रहता है, तो आने वाले समय में सोने में अभी से काफी तेजी आ सकती है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय रणनीति बनाने का हो सकता है। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले बाजार की स्थितियों और अपने जोखिम उठाने की क्षमता को समझना जरूरी है। सोने को लंबे समय में मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है।
मुख्य बातें (Key Points)
यूबीएस ने अनुमान लगाया कि 2026 में सोना $6200 प्रति औंस (करीब ₹2 लाख) के पार जा सकता है।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी (950 टन) और गोल्ड ETF में निवेश (825 टन) से कीमतों को सपोर्ट मिलेगा।
अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक अनिश्चितता ने सोने की सेफ हेवन डिमांड बढ़ाई है।
2025 में पहली बार वैश्विक सोने की मांग 5000 टन के पार चली गई थी।








