Gangstaran Te Vaar अभियान के 62वें दिन पंजाब पुलिस ने राज्य भर में गैंगस्टरों और उनके साथियों के चिह्नित 447 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी करते हुए 186 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चलाए जा रहे इस निर्णायक अभियान की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 16,497 तक पहुंच गई है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इसी दौरान “युद्ध नशेयां विरुद्ध” अभियान के 387वें दिन 6.2 किलो हेरोइन सहित 102 नशा तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।
Gangstaran Te Vaar: 62वें दिन 447 ठिकानों पर एक साथ छापे, 3 भगोड़े भी पकड़े
Gangstaran Te Vaar अभियान के तहत 23 मार्च को पंजाब के सभी जिलों की पुलिस टीमों ने एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) पंजाब के समन्वय से गैंगस्टरों के साथियों के पहचाने गए और मैप किए गए 447 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पुलिस ने गैंगस्टर नेटवर्क के हर सहयोगी, शरणदाता और फंडर के ठिकानों को पहले से चिह्नित करके एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाया।
62वें दिन की कार्रवाई में 186 व्यक्तियों की गिरफ्तारी के अलावा 52 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई (Preventive Action) की गई है। इसका मतलब है कि इन लोगों पर संगठित अपराध में सहायता करने या भविष्य में आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का संदेह था, इसलिए उन्हें पहले से ही चेतावनी देकर या निवारक हिरासत में लेकर रोका गया। 74 व्यक्तियों को पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया, जिससे साफ है कि पुलिस सिर्फ अंधाधुंध गिरफ्तारी नहीं कर रही, बल्कि जांच के बाद निर्दोष लोगों को छोड़ रही है।
सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि इस कार्रवाई में पुलिस टीमों ने 3 भगोड़े अपराधियों (Proclaimed Offenders) को भी गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर थे। भगोड़े अपराधियों की गिरफ्तारी इस अभियान की गंभीरता और पुलिस की खुफिया नेटवर्क की मजबूती को दर्शाती है।
20 जनवरी से शुरू हुआ Gangstaran Te Vaar अभियान: 62 दिनों में 16,497 गिरफ्तारियां
Gangstaran Te Vaar अभियान 20 जनवरी 2026 को DGP गौरव यादव ने शुरू किया था। इसका मकसद पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाना है। पिछले 62 दिनों के आंकड़े बताते हैं कि यह अभियान कितने बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा है। 62 दिनों में कुल 16,497 गिरफ्तारियां हुई हैं, जिसका मतलब है कि औसतन हर दिन करीब 266 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) पंजाब इस पूरे ऑपरेशन का समन्वय कर रही है। AGTF के तहत सभी जिलों की पुलिस टीमें एक केंद्रीय रणनीति के अनुसार काम कर रही हैं, जिसमें गैंगस्टरों के ठिकानों की मैपिंग, उनके वित्तीय नेटवर्क की पहचान, हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ना और सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों की निगरानी शामिल है। पंजाब में गैंगस्टर संस्कृति पिछले कुछ सालों में एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है, जहां सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, धमकी भरे वीडियो और फिरौती की वारदातें आम हो गई थीं। इस अभियान ने इस संस्कृति पर ब्रेक लगाने का काम किया है।
पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 भी जारी किया है, जिसके माध्यम से आम नागरिक गोपनीय रूप से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकते हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। यह हेल्पलाइन आम लोगों को अपराध के खिलाफ लड़ाई में सीधे भागीदार बनाती है।
युद्ध नशेयां विरुद्ध: 387वें दिन 6.2 किलो हेरोइन समेत 102 तस्कर गिरफ्तार
Gangstaran Te Vaar अभियान के साथ-साथ पंजाब पुलिस का “युद्ध नशेयां विरुद्ध” (नशे के खिलाफ युद्ध) अभियान भी पूरी ताकत से जारी है। इस अभियान के 387वें दिन पुलिस टीमों ने 102 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए।
23 मार्च को बरामद किए गए नशीले पदार्थों में 6.2 किलोग्राम हेरोइन, 10 किलोग्राम भुक्की (अफीम का छिलका), 2,160 नशीली गोलियां और कैप्सूल तथा 17,113 रुपये की ड्रग मनी (नशे की बिक्री से कमाया गया पैसा) शामिल है। “युद्ध नशेयां विरुद्ध” अभियान की शुरुआत से अब तक मात्र 387 दिनों में कुल 55,152 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड संख्या है।
नशा मुक्ति अभियान का एक और सकारात्मक पहलू यह रहा कि पंजाब पुलिस ने आज 23 व्यक्तियों को नशा मुक्ति एवं पुनर्वास उपचार के लिए राजी किया। यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नशे की समस्या सिर्फ तस्करों को पकड़ने से नहीं सुलझती, बल्कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों का इलाज और पुनर्वास करना भी उतना ही जरूरी है। पुलिस का यह दृष्टिकोण ‘सजा के साथ-साथ सुधार’ की नीति को दर्शाता है।
पंजाब के आम नागरिकों के लिए क्या मायने रखती है यह कार्रवाई?
Gangstaran Te Vaar और युद्ध नशेयां विरुद्ध: ये दोनों अभियान सीधे पंजाब के आम नागरिकों की सुरक्षा और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़े हैं। गैंगस्टर संस्कृति ने पंजाब के युवाओं में हथियारों और अपराध के प्रति एक खतरनाक आकर्षण पैदा किया था। व्यापारियों से फिरौती, भूमि विवादों में धमकी और राजनीतिक संरक्षण में पल रहे अपराधी आम लोगों के लिए सिरदर्द बने हुए थे।
दूसरी ओर, नशे की समस्या ने पंजाब के लाखों परिवारों को तबाह कर दिया है। गांवों और शहरों में हेरोइन, चिट्टा और नशीली गोलियों ने पूरी एक पीढ़ी को अपनी चपेट में ले लिया था। ऐसे में पुलिस का यह दोतरफा अभियान: एक तरफ गैंगस्टरों पर शिकंजा और दूसरी तरफ नशा तस्करों पर वार, पंजाब के आम नागरिकों के लिए राहत की बात है। हालांकि, इन अभियानों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या ये कार्रवाइयां लंबे समय तक उसी तीव्रता से जारी रहती हैं और क्या गिरफ्तार अपराधियों को अदालतों में सजा मिलती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Gangstaran Te Vaar 62वां दिन: पंजाब पुलिस ने 447 ठिकानों पर छापेमारी करके 186 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, 3 भगोड़े अपराधी भी पकड़े गए, अभियान में अब तक कुल 16,497 गिरफ्तारियां हुई हैं।
- युद्ध नशेयां विरुद्ध 387वां दिन: 102 नशा तस्कर गिरफ्तार, 6.2 किलो हेरोइन, 10 किलो भुक्की, 2,160 नशीली गोलियां और ₹17,113 ड्रग मनी बरामद, 387 दिनों में कुल 55,152 तस्कर पकड़े गए।
- एहतियाती कार्रवाई: 52 व्यक्तियों पर निवारक कार्रवाई, 74 को पूछताछ के बाद रिहा किया गया, 23 नशे की लत वालों को पुनर्वास उपचार के लिए राजी किया।
- हेल्पलाइन जारी: गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन 93946-93946 पर कोई भी नागरिक गोपनीय रूप से अपराधियों की सूचना दे सकता है।








