Gagandeep Randhawa Suicide Case : शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पंजाब वेयरहाउस कार्पोरेशन के अमृतसर जिला मैनेजर डॉक्टर गगनदीप सिंह रंधावा की खुदकुशी पर पंजाब सरकार को जमकर घेरा है। मजीठिया ने शनिवार, 21 मार्च 2026 को कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर तुरंत धारा 302 सहित अन्य धाराओं में हत्या का मामला दर्ज करने, पूरी जांच CBI को सौंपने और सरकार पर कवर अप ऑपरेशन चलाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मंत्री भुल्लर का इस्तीफा बताया ड्रामेबाजी, चार दिन में क्लीन चिट का खतरा
बिक्रम मजीठिया ने कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के इस्तीफे पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि यह महज ड्रामेबाजी है और इससे ज्यादा कुछ नहीं। उन्होंने शंका जताई कि संभव है चार दिन बाद सरकार मंत्री भुल्लर को क्लीन चिट दे दे और फिर से मंत्रिमंडल में शामिल कर ले। मजीठिया ने कहा कि अगर भगवंत मान सरकार सच में इस मामले को लेकर गंभीर है, तो सिर्फ इस्तीफा लेना काफी नहीं है।
उन्होंने सीधे तौर पर मांग की कि मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें तुरंत हिरासत में लिया जाए। साथ ही परिवार की मांग के अनुसार पूरे मामले की जांच CBI (सीबीआई) से करवाई जाए। मजीठिया ने चेतावनी दी कि अगर पंजाब सरकार ऐसा नहीं करती, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार इस मामले को दबाना चाहती है और यह सब एक योजनाबद्ध ड्रामा है।
यह मांग इसलिए अहम है क्योंकि मंत्री स्तर के व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के इतने गंभीर आरोप आने पर सिर्फ इस्तीफा लेना और चीफ सेक्रेटरी से जांच करवाना किसी भी मायने में पर्याप्त नहीं माना जा सकता। जांच पर सवाल इसलिए और गहरे हो जाते हैं क्योंकि जांचकर्ता खुद सरकार के ही अधीन काम करते हैं।
कवर अप का गंभीर आरोप: चीफ सेक्रेटरी और DGP को बताया कठपुतली
मजीठिया ने सबसे तीखा हमला सरकार की जांच प्रक्रिया पर बोला। उन्होंने कहा कि जांच चीफ सेक्रेटरी के.ए.पी. सिन्हा को देकर सरकार ने इस पूरी घटना का कवर अप ऑपरेशन शुरू कर दिया है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि चीफ सेक्रेटरी के.ए.पी. सिन्हा और कार्यकारी DGP गौरव यादव, दोनों मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के हाथ की कठपुतलियां हैं।
उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों से जो भी कहा जाएगा, वही होगा और ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना बेमानी है। मजीठिया ने कहा कि जब तक CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी जांच नहीं करती, न्याय की कल्पना भी नहीं की जा सकती, खासकर जब मामला एक रसूखदार कैबिनेट मंत्री से जुड़ा हो, जिसका सीधा संपर्क केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे शीर्ष नेताओं से है।
परिवार को धमकाने का आरोप: SP अमृतसर पर गंभीर इल्जाम
मजीठिया ने एक और विस्फोटक आरोप लगाते हुए कहा कि अमृतसर के SP (सीनियर पुलिस अधिकारी) हरपाल लगातार दिवंगत गगनदीप सिंह रंधावा के परिवार वालों को धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवार को कहा जा रहा है कि बयानों में खुदकुशी का जिक्र न करें, वरना उनके बच्चों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।
अगर यह आरोप सच हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है। एक हताश परिवार जो अपना कमाने वाला खो चुका है, उस पर दबाव बनाकर सच दबाने की कोशिश करना न्याय व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल है। यही वजह है कि परिवार और विपक्ष, दोनों CBI जांच की मांग पर अड़े हैं ताकि स्थानीय पुलिस का दबाव और राजनीतिक हस्तक्षेप खत्म हो सके।
13 मार्च की रात: कपड़े उतरवाकर मारपीट और पिस्तौल की नोक पर वीडियो
मजीठिया ने रंधावा के परिवार के हवाले से 13 मार्च की उस भयावह रात का पूरा ब्यौरा सामने रखा, जिसने एक ईमानदार अफसर को खुदकुशी के लिए मजबूर कर दिया। परिवार के अनुसार 13 मार्च को मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने गगनदीप सिंह को अपने घर बुलाया, जहां मंत्री के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और कुछ अन्य लोग पहले से मौजूद थे।
इन सबकी उपस्थिति में गगनदीप सिंह के साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्हें जलील किया गया, उनके साथ मारपीट की गई, उनके कपड़े उतारे गए और पिस्तौल की नोक पर जबरन वीडियो बनाई गई, जिसमें गगनदीप से कहलवाया गया कि उन्होंने रिश्वत ली है। गगनदीप को धमकी दी गई कि वह सुधर जाएं और मंत्री के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर व अन्य के नाम पर सभी टेंडर जारी कर दें।
सबसे खौफनाक बात यह रही कि गगनदीप को यह तक धमकी दी गई कि अगर टेंडर जारी नहीं किए गए तो न सिर्फ उन्हें मार दिया जाएगा, बल्कि उनकी पत्नी और बच्चों को भी नहीं छोड़ा जाएगा। गगनदीप को इस बात का गहरा सदमा लगा क्योंकि उनकी बेटी उस समय नीट (NEET) की परीक्षा की तैयारी कर रही है।
पूरी रात रोते रहे गगनदीप, आखिरी वीडियो में सब बता गए
रंधावा के परिवार के मुताबिक उस रात गगनदीप पूरी रात अपनी पत्नी के साथ रोते रहे। वह बार-बार कहते रहे कि वह ईमानदारी से नौकरी कर रहे हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार कह रही है कि तुम्हारे बच्चों को मार देंगे। गगनदीप इतने टूट गए कि आखिरकार उन्होंने अपनी एक वीडियो बनाई और उसे अपने मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम जैन और जनरल मैनेजर को भेजी।
इस अंतिम वीडियो में गगनदीप ने अपने साथ हुए पूरे वाक्ये का विस्तार से जिक्र किया और अपनी मौत का जिम्मेदार सीधे तौर पर मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके साथियों को ठहराया। गगनदीप ने मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम जैन से अपनी बदली की गुहार लगाई और जैन ने उनका तबादला भी कर दिया, लेकिन गगनदीप गैंगस्टरों की धमकी और उस खौफ से मुक्त नहीं हो पाए कि उनके परिवार की खैर नहीं। इसी डर में गगनदीप ने आखिरकार जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी।
FCI टेंडर का खेल: कैसे ईमानदार अफसर को बनाया गया शिकार
मजीठिया ने फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) का टेंडर दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि इस टेंडर के लिए गगनदीप पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर अपने पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर यह टेंडर हासिल करना चाहते थे।
मजीठिया ने स्पष्ट किया कि टेंडर अलॉटमेंट के लिए एक कमेटी बनाई जाती है, जिसमें जिला मैनेजर सिर्फ एक सदस्य होता है, जबकि बाकी अधिकांश सदस्य भारत सरकार की FCI के होते हैं। लेकिन इसके बावजूद मंत्री और उनके पिता लगातार गगनदीप पर दबाव बनाते रहे कि वह जैसे-तैसे टेंडर उनके पिता को अलॉट करवाएं। परिवार ने बताया कि मंत्री भुल्लर ने अपने पिता के नाम पर 20 हजार मीट्रिक टन का एक टेंडर पास भी करवा लिया था, लेकिन बाकी टेंडर भी उन्हीं के नाम पर चाहते थे। गगनदीप ने कई बार अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया कि वह टेंडर अलॉट करने की अथॉरिटी नहीं हैं और मंत्री लगातार दबाव बना रहे हैं, लेकिन कोई राहत नहीं मिली।
कौन थे डॉक्टर गगनदीप सिंह रंधावा: ईमानदारी और काबिलियत की मिसाल
मजीठिया ने बताया कि डॉक्टर गगनदीप सिंह रंधावा एक ईमानदार और नेकदिल इंसान थे। उनकी काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वेयरहाउस कार्पोरेशन ने उन्हें अमृतसर के अलावा तरनतारन जिले सहित कई अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपे हुए थे। गगनदीप के पास बी.एस.सी. एग्रीकल्चर, एम.एस.सी. एग्रीकल्चर, पीएचडी और एम.बी.ए. की डिग्री थी, इसीलिए उन्हें ‘डॉक्टर’ गगनदीप सिंह रंधावा कहा जाता था।
लेकिन पंजाब सरकार ने इस काबिल और ईमानदार अफसर के सामने हालात ऐसे बना दिए कि उसे अपनी जान देनी पड़ी। एक ऐसे व्यक्ति का इस तरह टूट जाना, जो कई डिग्रियों का धारक था और अपने काम में बेहद कुशल माना जाता था, यह बताता है कि राजनीतिक दबाव कितना भयानक और अमानवीय स्तर तक पहुंच चुका था।
AAP पर भड़के मजीठिया: कट्टर ईमानदार नहीं, कट्टर बेईमान पार्टी
मजीठिया ने आम आदमी पार्टी द्वारा खुद को ‘कट्टर ईमानदार’ पार्टी कहे जाने पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज पंजाब के जो हालात हैं, उसमें AAP कट्टर ईमानदार नहीं बल्कि ‘कट्टर बेईमान’ पार्टी बनकर उभरी है, क्योंकि इनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। मजीठिया ने कहा कि सिवाए झूठ और ठगी के अलावा यह सरकार कुछ नहीं करती।
मुख्य बातें (Key Points)
- बिक्रम मजीठिया ने डॉक्टर गगनदीप सिंह रंधावा की सुसाइड पर पंजाब सरकार को घेरते हुए मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर धारा 302 लगाने और CBI जांच की मांग की।
- मजीठिया ने भुल्लर के इस्तीफे को ड्रामेबाजी बताया और कहा कि सरकार चार दिन में उन्हें क्लीन चिट दे सकती है।
- परिवार के हवाले से बताया कि 13 मार्च को मंत्री के घर गगनदीप के कपड़े उतरवाकर मारपीट की गई, पिस्तौल की नोक पर जबरन वीडियो बनाई गई।
- मजीठिया ने चीफ सेक्रेटरी और DGP को भगवंत मान-केजरीवाल की कठपुतलियां
बताते हुए जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए।
👉ਇਹ Proof ਹੈ ਕਿ ਮੰਤਰੀ ਲਾਲਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ਆਪਣੇ ਪਿਤਾ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਭੁੱਲਰ ਦੇ ਨਾਂ 'ਤੇ ਟੈਂਡਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਸੀ।
👉 ਇਹ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ Proof ਹੈ ਅਜਿਹੇ ਕਈ ਟੈਂਡਰ ਲਾਲਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ਨੇ ਲਏ ਅਤੇ ਕਈ ਹੋਰ ਲੈਣੇ ਚਾਹੁੰਦਾ ਸੀ।
👉 ਜਿਸ ਦੇ ਚਲਦੇ ਡਾ. ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ ਨੂੰ ਧਮਕਾਇਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਪਿਸਤੌਲ ਦੀ ਨੋਕ ਤੇ ਵੀਡੀਓ ਬਣਵਾਈ ਗਈ।… pic.twitter.com/UQRmflpCGM— Bikram Singh Majithia (@bsmajithia) March 21, 2026








