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The News Air - Breaking News - Festivals in April 2026: अप्रैल में पड़ेंगे ये बड़े त्योहार, देखें पूरी लिस्ट!

Festivals in April 2026: अप्रैल में पड़ेंगे ये बड़े त्योहार, देखें पूरी लिस्ट!

हनुमान जयंती से लेकर अक्षय तृतीया तक, अप्रैल 2026 में व्रत-त्योहारों की भरमार, जानें तारीख और महत्व

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
बुधवार, 1 अप्रैल 2026
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Festivals in April 2026
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Festivals in April 2026: अप्रैल 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास होने जा रहा है। इस महीने में एक ओर चैत्र मास अपने अंतिम चरण में होगा, तो दूसरी ओर वैशाख मास की शुरुआत होगी। हनुमान जयंती से लेकर अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती, सीता नवमी और नृसिंह जयंती जैसे बड़े पर्व इसी महीने पड़ रहे हैं। हिंदू परंपरा में वैशाख मास को अत्यंत पवित्र माना गया है और मान्यता है कि इस पूरे महीने में किए गए स्नान, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।

2 अप्रैल: चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती से होगी शुरुआत

Festivals in April 2026 की शुरुआत ही एक बड़े पर्व से हो रही है। 2 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा के साथ-साथ हनुमान जयंती मनाई जाएगी। यह दिन बजरंगबली की भक्ति के लिए समर्पित होता है। देशभर के हनुमान मंदिरों में इस दिन विशेष पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन किया जाता है। भक्तजन इस दिन व्रत रखते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।

चैत्र पूर्णिमा का भी अपना अलग महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करना विशेष फलदायी माना जाता है। यह तिथि चैत्र मास का समापन भी करती है, जिसके बाद वैशाख मास का आगमन होता है।

3 से 5 अप्रैल: वैशाख मास का आरंभ और संकष्टी चतुर्थी

Festivals in April 2026 के क्रम में 3 अप्रैल को वैशाख मास का आरंभ हो जाएगा। हिंदू पंचांग में वैशाख को पुण्य कमाने का विशेष समय माना जाता है। इस पूरे महीने में गंगा स्नान, दान और पूजा-अर्चना का फल अक्षय यानी कभी क्षय न होने वाला माना गया है। यही वजह है कि श्रद्धालु इस दौरान धार्मिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय रहते हैं।

इसके दो दिन बाद 5 अप्रैल को विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन गणेश जी की विधिवत पूजा करने और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलने से सभी विघ्न दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

9-10 अप्रैल: कृष्ण जन्माष्टमी और काला अष्टमी

9 अप्रैल को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। यह तिथि भगवान कृष्ण की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मासिक जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है और भक्तजन इस दिन व्रत रखकर कृष्ण भगवान की पूजा करते हैं।

इसके अगले दिन 10 अप्रैल को काला अष्टमी पड़ेगी। यह तिथि भगवान शिव के उग्र रूप भैरव की आराधना के लिए विशेष मानी जाती है। शिव भक्तों के लिए यह दोनों दिन धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं।

13-14 अप्रैल: वरुथिनी एकादशी, वल्लभाचार्य जयंती और मेष संक्रांति

Festivals in April 2026 के बीच 13 अप्रैल को वरुथिनी एकादशी और वल्लभाचार्य जयंती का संयोग बन रहा है। एकादशी का व्रत विशेष रूप से भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। वल्लभाचार्य भक्ति मार्ग के प्रमुख आचार्यों में से एक थे और उनकी जयंती पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के अनुयायियों के लिए विशेष उत्सव का दिन है।

इसके अगले दिन 14 अप्रैल को मेष संक्रांति होगी। यह सूर्य के राशि परिवर्तन का संकेत देती है, जब सूर्य मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करता है। ज्योतिषीय दृष्टि से इसे शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व होता है।

15 और 17 अप्रैल: मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत और वैशाख अमावस्या

15 अप्रैल को मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है। शिव भक्तों के लिए यह अत्यंत खास दिन होगा। प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल मिलता है और शिवरात्रि के साथ इसका संयोग इसे और भी पुण्यकारी बना देता है।

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Breaking News Live Updates 1 April 2026: Today Big Updates, हर पल खबर

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17 अप्रैल को वैशाख अमावस्या आएगी। इस तिथि को पितरों के तर्पण और दान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य किया जाता है। पवित्र तीर्थ स्थलों पर इस दिन विशेष भीड़ रहती है।

19 अप्रैल: अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती, महीने का सबसे बड़ा पर्व

Festivals in April 2026 का सबसे चर्चित और शुभ दिन 19 अप्रैल होगा, जब अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। इस दिन को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है, यानी बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। सोना-चांदी खरीदना, नया व्यापार शुरू करना, गृह प्रवेश और विवाह जैसे मांगलिक कार्य इस दिन बिना किसी शंका के किए जा सकते हैं।

इसी दिन भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाएगी। परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं। आम जनता के लिए अक्षय तृतीया का सबसे बड़ा आकर्षण सोने की खरीदारी है, क्योंकि मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना कभी कम नहीं होता और सदैव बढ़ता रहता है।

21-22 अप्रैल: आदि शंकराचार्य, सूरदास और रामानुजाचार्य जयंती

21 और 22 अप्रैल को कई महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन होंगे। इन दो दिनों में आदि शंकराचार्य जयंती, सूरदास जयंती और रामानुजाचार्य जयंती मनाई जाएगी। ये तीनों महान संत और आचार्य भारतीय धर्म, दर्शन और भक्ति परंपरा के स्तंभ माने जाते हैं। उनके अनुयायी और भक्तगण इन दिनों विशेष पूजा, प्रवचन और सत्संग का आयोजन करते हैं।

23-25 अप्रैल: गंगा सप्तमी, बगलामुखी जयंती, दुर्गाष्टमी और सीता नवमी

Festivals in April 2026 की लिस्ट में 23 अप्रैल को गंगा सप्तमी का पर्व है। मान्यता है कि इस दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। गंगा तट पर स्नान और दान इस दिन विशेष फलदायी माना जाता है।

24 अप्रैल को बगलामुखी जयंती और दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं और उनकी पूजा शत्रु विजय और संकट निवारण के लिए की जाती है। वहीं दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की विशेष आराधना होती है।

25 अप्रैल को सीता नवमी मनाई जाएगी। यह दिन माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। विवाहित महिलाएं इस दिन सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं।

27-30 अप्रैल: मोहिनी एकादशी, प्रदोष व्रत और नृसिंह जयंती

27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी मनाई जाएगी। यह एकादशी भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार से जुड़ी हुई है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से मोह-माया के बंधनों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

28 अप्रैल को महीने का दूसरा प्रदोष व्रत पड़ेगा, जो शिव भक्तों के लिए एक और पूजा का अवसर लेकर आएगा। और महीने के आखिरी बड़े पर्व के रूप में 30 अप्रैल को नृसिंह जयंती मनाई जाएगी। भगवान नृसिंह भगवान विष्णु के चौथे अवतार हैं, जिन्होंने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए नर-सिंह रूप धारण किया था। इस दिन भगवान नृसिंह की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

वैशाख मास का विशेष महत्व: क्यों खास है यह पूरा महीना?

Festivals in April 2026 की इस पूरी लिस्ट को देखकर स्पष्ट है कि अप्रैल का महीना व्रत, त्योहारों और धार्मिक आयोजनों से पूरी तरह भरा हुआ है। वैशाख मास का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इस दौरान गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना का फल अक्षय माना जाता है, यानी कभी खत्म न होने वाला। यही कारण है कि श्रद्धालु इस समय को आध्यात्मिक उन्नति का सबसे अच्छा अवसर मानते हैं।

जो लोग धार्मिक अनुष्ठानों में रुचि रखते हैं, उनके लिए अप्रैल 2026 में लगभग हर हफ्ते कोई न कोई महत्वपूर्ण व्रत या त्योहार पड़ रहा है। पहले से तैयारी करके इन तिथियों का लाभ उठाना बेहतर रहेगा।


अप्रैल 2026 फेस्टिवल कैलेंडर (Festival Calendar April 2026)
तारीखत्योहार/व्रत
2 अप्रैलचैत्र पूर्णिमा, हनुमान जयंती
3 अप्रैलवैशाख मास आरंभ
5 अप्रैलविकट संकष्टी चतुर्थी
9 अप्रैलमासिक कृष्ण जन्माष्टमी
10 अप्रैलकाला अष्टमी
13 अप्रैलवरुथिनी एकादशी, वल्लभाचार्य जयंती
14 अप्रैलमेष संक्रांति
15 अप्रैलमासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत
17 अप्रैलवैशाख अमावस्या
19 अप्रैलअक्षय तृतीया, परशुराम जयंती
21-22 अप्रैलआदि शंकराचार्य जयंती, सूरदास जयंती, रामानुजाचार्य जयंती
23 अप्रैलगंगा सप्तमी
24 अप्रैलबगलामुखी जयंती, दुर्गाष्टमी
25 अप्रैलसीता नवमी
27 अप्रैलमोहिनी एकादशी
28 अप्रैलप्रदोष व्रत
30 अप्रैलनृसिंह जयंती

मुख्य बातें (Key Points)
  • अप्रैल 2026 में चैत्र मास का समापन और वैशाख मास की शुरुआत हो रही है, महीने में 20 से अधिक व्रत-त्योहार पड़ रहे हैं।
  • 2 अप्रैल को हनुमान जयंती और 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया महीने के सबसे बड़े पर्व हैं, अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना जाता है।
  • वैशाख मास में स्नान, दान और पूजा का फल अक्षय यानी कभी क्षय न होने वाला माना गया है।
  • शंकराचार्य जयंती, सूरदास जयंती, गंगा सप्तमी, सीता नवमी, मोहिनी एकादशी और नृसिंह जयंती जैसे पर्व भी इसी महीने पड़ रहे हैं।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: अक्षय तृतीया 2026 कब है?

अक्षय तृतीया 2026 रविवार, 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी पूरे दिन बिना मुहूर्त देखे शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इसी दिन परशुराम जयंती भी है।

Q2: हनुमान जयंती 2026 कब मनाई जाएगी?

हनुमान जयंती 2026 चैत्र पूर्णिमा के दिन 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान हनुमान की भक्ति और पूजा के लिए समर्पित होता है।

Q3: वैशाख मास 2026 कब शुरू हो रहा है?

वैशाख मास 2026 की शुरुआत 3 अप्रैल से हो रही है। हिंदू परंपरा में इस पूरे महीने में किए गए स्नान, दान और पूजा का फल अक्षय यानी कभी क्षय न होने वाला माना जाता है।

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अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

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