Fake Medicine Factory Mohali — मोहाली जिले में नकली दवाइयों के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। देर शाम जीरकपुर के पभात गोदाम एरिया में पुलिस ने दो फैक्ट्रियों पर छापा मारा, जहां बिना लाइसेंस और गंदगी भरे माहौल में एलोपैथिक व आयुर्वेदिक दवाइयों का निर्माण किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकली दवाएं जब्त की गईं और एक फैक्ट्री को सील कर दिया गया।
मोहाली जिला पुलिस की टीमों ने Zirakpur के पभात गोदाम एरिया में यह कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान हालात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत Food Safety Department और Drug Control Department के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया।
बिना लाइसेंस, गंदगी में चल रहा था उत्पादन
जांच में सामने आया कि फैक्ट्रियों में एलोपैथिक दवाइयों के साथ आयुर्वेदिक उत्पाद, फूड सप्लीमेंट्स और ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाए जा रहे थे। ये सभी गतिविधियां बिना किसी वैध लाइसेंस के हो रही थीं और उत्पादन स्थल पर साफ-सफाई के न्यूनतम मानक भी नहीं थे। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे हालात में बनी दवाएं मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
पहले भी लग चुका है 16 लाख का जुर्माना
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से एक फैक्ट्री के सैंपल पहले फेल हो चुके थे। उस समय इस फैक्ट्री पर 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बावजूद अवैध गतिविधियां लंबे समय तक जारी रहीं, जिससे निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
छह घंटे चली जांच, फैक्ट्री सील
ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने करीब छह घंटे तक गहन जांच की। इस दौरान दर्जनों सैंपल एकत्र किए गए। जांच के बाद आवश्यक मापदंड पूरे न करने पर एक फैक्ट्री को मौके पर ही सील कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह इकाई पूरी तरह अवैध तरीके से काम कर रही थी।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली दवाइयों की सप्लाई किन-किन इलाकों और राज्यों में की जा रही थी। जब्त सैंपल्स को सरकारी लैब भेजा गया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।
आम लोगों पर असर
नकली दवाओं का यह नेटवर्क सीधे आम लोगों की सेहत से जुड़ा है। ऐसी दवाएं न केवल बीमारी ठीक करने में नाकाम रहती हैं, बल्कि गंभीर साइड इफेक्ट्स का कारण भी बन सकती हैं। इस कार्रवाई ने लोगों में जागरूकता और सतर्कता की जरूरत को फिर से रेखांकित किया है।
जानें पूरा मामला
मोहाली में हुई यह छापेमारी नकली दवाइयों के संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती है। बिना लाइसेंस उत्पादन, पहले से जुर्माना लगने के बावजूद कारोबार जारी रहना और अब फैक्ट्री का सील होना—ये सभी तथ्य इस मामले की गंभीरता को दिखाते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- जीरकपुर के पभात गोदाम एरिया में दो फैक्ट्रियों पर छापा
- भारी मात्रा में नकली एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाएं जब्त
- एक फैक्ट्री मौके पर सील, पहले 16 लाख का जुर्माना लग चुका
- सैंपल सरकारी लैब भेजे गए, सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी








