Epstein Files India Hardip Puri Prince Andrew Arrest : 19 फरवरी 2026 को ब्रिटेन के शाही परिवार में वह हुआ जो शायद कई सौ सालों में पहली बार हुआ है। किंग चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई एंड्र्यू माउंटबेटन विंडसर को उनके 66वें जन्मदिन पर ही ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वजह है जेफरी एप्स्टीन से उनके गहरे संबंध और सरकारी पद पर रहते हुए गोपनीय जानकारी एप्स्टीन को देने का संदेह। इसी दिन भारत में दिल्ली एआई समिट में बिल गेट्स ने अपना मुख्य भाषण देने से इनकार कर दिया। दोनों घटनाओं ने मिलकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के लिए संकट और गहरा कर दिया है।
‘सौ साल में पहली बार — शाही खानदान के सदस्य हथकड़ी में’
नॉरफोक के सैंड्रिंघम एस्टेट में पुलिस की कारें पहुंचीं और एंड्र्यू माउंटबेटन विंडसर को हिरासत में ले लिया गया। थेम्स वैली पुलिस ने पुष्टि की कि सार्वजनिक पद के दुरुपयोग (Misconduct in Public Office) के संदेह में यह गिरफ्तारी हुई है। बर्कशायर और नॉरफोक के दो ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली जा रही थी। यह गिरफ्तारी अंग्रेजी कानून में सबसे गंभीर अपराधों में से एक मानी जाती है जिसकी सजा आजीवन कारावास तक हो सकती है।
एंड्र्यू जो कभी किंग चार्ल्स के बाद ब्रिटेन के राजा बनने की कतार में रह चुके थे, अब जेल की हवा खा रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर में ही किंग चार्ल्स ने उनसे शाही उपाधि छीन ली थी और रॉयल लॉज से बाहर निकाल दिया था। इस महीने की शुरुआत में एंड्र्यू ने महल खाली कर सैंड्रिंघम शिफ्ट किया था, और आज उसी जगह उनकी गिरफ्तारी हुई।
किंग चार्ल्स ने बकिंघम पैलेस से बयान जारी किया कि वे इस खबर से “बेहद चिंतित” हैं और “कानून को अपना काम करने देंगे।” उन्होंने कहा कि जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।
‘एप्स्टीन कनेक्शन — वर्जिनिया की कहानी जो अनसुनी रह गई’
यह मामला 2001 से शुरू होता है जब वर्जिनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया कि एप्स्टीन ने उनकी मुलाकात एंड्र्यू से कराई और उनका यौन शोषण हुआ। 2011 की एक तस्वीर में एंड्र्यू, वर्जिनिया और एप्स्टीन की पार्टनर गिलन मैक्सवेल तीनों साथ नजर आते हैं। उसी साल के ईमेल में एप्स्टीन ने लिखा था कि वर्जिनिया उसके प्राइवेट जेट में गई थी और एंड्र्यू के साथ उनकी तस्वीर एप्स्टीन ने खुद ली थी।
2019 में एंड्र्यू ने बीबीसी की एमिली मैटलिस को इंटरव्यू दिया जो उनके लिए उलटा पड़ गया। कई बातें उन्होंने इंटरव्यू में खुद स्वीकार कर लीं जिससे मामला पूरी तरह पलट गया। 2022 में उन्होंने वर्जिनिया के साथ मुकदमा अदालत के बाहर करीब 1.6 करोड़ डॉलर देकर सुलझाया, लेकिन आरोपों से इनकार करते रहे। वर्जिनिया गिफ्रे की अप्रैल 2025 में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। उनके परिवार ने आज कहा कि एंड्र्यू की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि “कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।”
‘गोपनीय सरकारी जानकारी एप्स्टीन को भेजी — यह है असली आरोप’
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी एप्स्टीन फाइल्स में ऐसे ईमेल सामने आए जिनसे पता चलता है कि एंड्र्यू ने ब्रिटेन के व्यापार दूत (Trade Envoy) के रूप में काम करते हुए अपने विशेष सलाहकार से मिली गोपनीय रिपोर्ट्स सीधे एप्स्टीन को फॉरवर्ड कीं। इनमें सिंगापुर, हांगकांग, वियतनाम की यात्राओं की संवेदनशील जानकारी थी और अफगानिस्तान में निवेश के अवसरों का एक गोपनीय दस्तावेज भी था। यही आरोप उनकी गिरफ्तारी का आधार बना है।
ब्रिटेन में इस गिरफ्तारी का असर सरकार पर भी पड़ा है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की सरकार दबाव में है। कैबिनेट सेक्रेटरी को हटाना पड़ा और लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता पीटर मेंडलसन को इस्तीफा देना पड़ा। फ्रांस में भी पूर्व संस्कृति मंत्री याक लांग के दफ्तर पर पुलिस ने छापा मारा है जिनका नाम 700 बार एप्स्टीन फाइल्स में आया है।
‘बिल गेट्स का भाषण रद्द — दिल्ली समिट में बड़ा झटका’
भारत में एआई समिट के दौरान उम्मीद थी कि बिल गेट्स प्रधानमंत्री मोदी के बाद मुख्य भाषण देंगे। उनका नाम वेबसाइट पर आखिरी समय तक दर्ज था। लेकिन 19 फरवरी को गेट्स फाउंडेशन ने खुद घोषणा की कि बिल गेट्स का की-नोट एड्रेस नहीं होगा। फाउंडेशन ने कोई विस्तृत कारण नहीं दिया, बस इतना कहा कि यह फैसला “सोच-समझकर लिया गया ताकि समिट पर ध्यान बना रहे।”
गेट्स के एप्स्टीन से संबंध भी उजागर हो चुके हैं। हालांकि उन पर यौन अपराध के कोई आरोप नहीं हैं, लेकिन एप्स्टीन के नेटवर्क में उनकी मौजूदगी अब विवाद का केंद्र है। अगर वे मंच पर होते और तालियां बजती तो पूरी दुनिया में वह वीडियो वायरल होता, जो एआई समिट की छवि और भारत सरकार दोनों के लिए शर्मिंदगी का सबब बनता।
‘हरदीप पुरी — कब तक चलेगा यह सिलसिला?’
इन दोनों घटनाओं ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के लिए सियासी संकट और गहरा कर दिया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आंकड़े सामने रखे हैं कि 2014 में हरदीप पुरी एप्स्टीन से नौ बार मिले और 62 बार ईमेल का आदान-प्रदान हुआ। जबकि खुद पुरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीन-चार बार मुलाकात बता चुके हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने दावा किया है कि मुलाकातों की संख्या 14 तक है।
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर तंज कसा कि कम से कम बिल गेट्स ने तो अपना कार्यक्रम रद्द करके शर्म दिखाई, लेकिन हरदीप पुरी कैबिनेट में बने हुए हैं। विपक्ष ने संसद सत्र के दौरान उनके इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।
सवाल यह भी है कि जब हरदीप पुरी न मंत्री थे और न किसी सरकारी पद पर, उस वक्त एप्स्टीन से डिजिटल इंडिया जैसी आने वाली सरकारी योजना पर चर्चा क्यों की गई जबकि वह योजना आठ महीने बाद आई? क्या यह देश की संप्रभुता से खिलवाड़ नहीं?
‘कानून सबके लिए बराबर है — अब भारत की बारी?’
ब्रिटेन में जो हो रहा है वह एक स्पष्ट संदेश है। जहां अमेरिका में कई नामों को बचाया जा रहा है, वहीं ब्रिटेन में शाही परिवार के सदस्य तक को गिरफ्तार किया गया, नेताओं को इस्तीफे देने पड़े और अफसरों को पदों से हटाया गया। यह सवाल अब भारत में भी उठेगा कि एप्स्टीन से इतनी बार मिलने वाले एक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ जांच क्यों नहीं? 30 साल से चले एप्स्टीन के अपराध नेटवर्क में से अभी तक केवल 2% दस्तावेज ही सार्वजनिक हुए हैं। जब पूरी फाइल्स खुलेंगी तो तस्वीर और साफ होगी।
अगर हरदीप पुरी को इस्तीफा देना पड़ा तो वे एमजे अकबर के बाद ऐसे दूसरे केंद्रीय मंत्री होंगे जिन्हें इस तरह के मामले में पद छोड़ना होगा। प्रधानमंत्री मोदी एआई समिट के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं या वाकई इस मुद्दे को संज्ञान में लेंगे, यह देखना बाकी है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- एंड्र्यू माउंटबेटन विंडसर को आज 19 फरवरी को उनके 66वें जन्मदिन पर सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में गिरफ्तार किया गया, यह सैकड़ों साल में किसी ब्रिटिश शाही सदस्य की पहली गिरफ्तारी है।
- गिरफ्तारी का आधार ट्रेड एनवॉय के रूप में गोपनीय सरकारी दस्तावेज एप्स्टीन को भेजना है, न कि यौन अपराध में शामिल होना।
- दिल्ली AI समिट में बिल गेट्स ने बिना कारण बताए की-नोट भाषण रद्द कर दिया, उनके एप्स्टीन से संबंधों पर पहले से सवाल उठ रहे थे।
- हरदीप पुरी पर विपक्ष का आरोप है कि उन्होंने 2014 में एप्स्टीन से नौ बार मुलाकात की और 62 बार ईमेल किया, जबकि वे खुद तीन-चार बार बता चुके हैं।








