EPFO New Rule कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ निकासी पर टीडीएस छूट के नियमों में एक बड़ा और अहम बदलाव कर दिया है। अब तक जो फॉर्म 15G और 15H टीडीएस बचाने का सबसे भरोसेमंद जरिया थे, वे वित्त वर्ष 2026-27 से पूरी तरह इतिहास बन चुके हैं। उनकी जगह अब एक नया फॉर्म आ गया है: Form 121।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। अगर आप 5 साल की नौकरी पूरी होने से पहले पीएफ का पैसा निकाल रहे हैं और आपने यह नया फॉर्म नहीं भरा, तो आपकी मेहनत की कमाई से सीधा 10% टीडीएस कट जाएगा। यानी ₹50,000 निकाले तो ₹5,000 सीधे कट। यह किसी भी कर्मचारी के लिए बड़ा झटका है।
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Form 15G-15H क्यों बंद हुए?
देखा जाए तो यह बदलाव नए आयकर अधिनियम 2025 और आयकर नियम 2026 के लागू होने की वजह से किया गया है। EPFO ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साफ कर दिया है कि पीएफ निकालते समय टैक्स छूट का दावा करने के लिए अब कर्मचारियों को सिर्फ और सिर्फ Form 121 जमा करना होगा।
पहले की व्यवस्था में आम करदाता Form 15G और वरिष्ठ नागरिक Form 15H भरकर EPFO को बताते थे कि उनकी कुल आय पर कोई टैक्स नहीं बनता, इसलिए टीडीएस न काटा जाए। लेकिन अब यह पूरी व्यवस्था बदल चुकी है।
TDS कब और क्यों कटता है?
समझने वाली बात है कि नियम बहुत सीधा है। अगर किसी कर्मचारी ने लगातार 5 साल की नौकरी पूरी किए बिना अपने ईपीएफ खाते से पैसा निकाला और यह रकम ₹50,000 से ज्यादा है, तो आयकर नियमों की धारा 192A के तहत उस पर सीधा 10% टीडीएस काट लिया जाता है।
इसका मतलब यह है कि 5 साल पूरे होने से पहले पैसा निकालते समय आपको तीन चीजें बहुत ध्यान से देखनी होंगी:
| क्र. | जांच बिंदु | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | नौकरी की अवधि | क्या लगातार 5 साल पूरे हुए हैं? |
| 2 | निकासी राशि | क्या ₹50,000 से ज्यादा निकाल रहे हैं? |
| 3 | सालाना आय | क्या कुल आय टैक्स छूट सीमा में है? |
Form 121 क्या है और कैसे काम करता है?
Form 121 दरअसल एक स्वघोषणा यानी सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म है। इसमें आप खुद लिखकर और प्रमाणित करके देते हैं कि संबंधित टैक्स वर्ष में आपकी कुल अनुमानित आय इतनी नहीं है कि उस पर टैक्स बने। इस घोषणा के आधार पर EPFO आपके पैसे से टीडीएस काटने से छूट देता है।
दिलचस्प बात यह है कि यह फॉर्म सिर्फ पीएफ निकासी तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में बैंक या पोस्ट ऑफिस की जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस बचाने के लिए भी इसी Form 121 का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
सावधान: गलत घोषणा पर नोटिस आ सकता है
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि विशेषज्ञों का साफ कहना है कि सिर्फ Form 121 भर देना टैक्स छूट की गारंटी नहीं है। अगर आपकी वास्तविक आय टैक्स स्लैब में आती है और आपने गलत घोषणा की है, तो आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है। इसलिए Form 121 भरते समय अपनी पूरी सालाना आय का सही-सही हिसाब लगाना बेहद जरूरी है।
आम आदमी पर क्या असर?
बहुत से कर्मचारी आपातकालीन स्थिति में या नौकरी बदलते वक्त अचानक पीएफ का पैसा निकाल लेते हैं। लेकिन नियमों की पूरी जानकारी न होने के कारण उनके खाते में 10% रकम कट कर आती है, जिससे बड़ा झटका लगता है। इस नए नियम के बाद अगर आप Form 121 सही से भरेंगे, तो इस नुकसान से बच सकते हैं।
जानें पूरा मामला
EPFO ने नए आयकर अधिनियम 2025 और आयकर नियम 2026 के तहत Form 15G और 15H को बंद कर दिया है। वित्त वर्ष 2026-27 से TDS छूट के लिए सिर्फ Form 121 लागू होगा। 5 साल से पहले और ₹50,000 से ज्यादा की निकासी पर 10% TDS कटता है, जिससे बचने के लिए यह फॉर्म भरना अनिवार्य है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- Form 15G और 15H वित्त वर्ष 2026-27 से पूरी तरह बंद
- TDS छूट के लिए अब सिर्फ Form 121 भरना होगा
- 5 साल से पहले ₹50,000+ निकासी पर 10% TDS कटता है
- Form 121 एक सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म है
- गलत घोषणा पर आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है












