Dr Gagan Randhawa Death मामले में शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने 23 मार्च को चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस करके आम आदमी पार्टी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। मजीठिया ने डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा की मौत को “सत्ता के घमंड से किया गया सियासी कत्ल” करार दिया और कहा कि अपने “गुंडे मंत्री” लालजीत भुल्लर को बचाने की लाख कोशिशों के बावजूद आखिरकार भगवंत मान सरकार को जनाक्रोश और विपक्ष के दबाव में झुककर गिरफ्तारी करनी पड़ी।
“यह आत्महत्या नहीं, सत्ता के नशे में किया गया सियासी कत्ल”
Dr Gagan Randhawa Death पर बिक्रम सिंह मजीठिया ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि यह कोई साधारण आत्महत्या का मामला नहीं है। उन्होंने कहा, “यह सत्ता के नशे और अहंकार में किया गया एक सियासी कत्ल है। एक काबिल और ईमानदार अधिकारी को मौत के मुंह में धकेल दिया गया।”
मजीठिया ने और भी तीखा हमला करते हुए कहा, “उस ईमानदार अफसर के खून से सिर्फ एक भ्रष्ट मंत्री ही नहीं, बल्कि पूरी सरकार के हाथ रंगे हुए हैं।” उनके इस बयान ने पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया है। एक वरिष्ठ विपक्षी नेता द्वारा पूरी सरकार पर हत्या का आरोप लगाना दिखाता है कि यह मामला कितना गंभीर और संवेदनशील हो चुका है।
मुख्यमंत्री का ट्वीट बताया बेशर्मी की हद
Dr Gagan Randhawa Death के बाद लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जो ट्वीट किया, उसे मजीठिया ने “सारी बेशर्मी की हद पार करने वाला” बताया। मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सारे पंजाब को अपना घर कहते हैं, लेकिन जिस दिन डॉ. गगन रंधावा की मौत हुई, उस दिन भगवंत मान अमृतसर में मौजूद थे।
मजीठिया ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने अफसोस जताने और पीड़ित परिवार के पास जाने की बजाय अपने मनोरंजन को पहल दी। अमृतसर में हुए गीत-संगीत के कार्यक्रम में शामिल होना उन्होंने ज्यादा जरूरी समझा। जबकि उसी समय “कैश और फरमाइश” के सहारे भुल्लर को बचाने की कवायद चल रही थी। एक मुख्यमंत्री जो अपने राज्य को परिवार बताता है, वह उसी परिवार के एक सदस्य की मौत के दिन संगीत कार्यक्रम में शामिल हो, यह बात अपने आप में बहुत कुछ कहती है।
दबाव में झुकी मान सरकार, तब हुई गिरफ्तारी
Dr Gagan Randhawa Death मामले में मजीठिया ने साफ कहा कि लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी AAP सरकार की मंशा से नहीं हुई है। यह पूरे पंजाब में उठे जनाक्रोश, विपक्ष के दबाव और पीड़ित परिवार की दर्दनाक पुकार का नतीजा है। यह मामला देश की संसद से लेकर पंजाब में बच्चे-बच्चे की आवाज बन गया था।
मजीठिया ने बताया कि सरकार 21 मार्च से लगातार भुल्लर का बचाव कर रही थी। पहले 24 घंटे तक FIR ही दर्ज नहीं की गई। पीड़ित परिवार को FIR दर्ज करवाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा, जो इस सरकार की संवेदनहीनता और बेपरवाही को दर्शाता है। इसके बाद भी न मंत्री को गिरफ्तार किया गया और न ही उनका इस्तीफा राज्यपाल को भेजा गया। जब सरकार हर तरफ से घिर गई, तब जाकर मजबूरी में गिरफ्तारी का फैसला लिया गया।
डॉ. रंधावा ने पहले ही लिखे थे शिकायती पत्र, किसी ने नहीं सुनी
Dr Gagan Randhawa Death के मामले में मजीठिया ने एक अहम खुलासा किया। उन्होंने बताया कि डॉ. रंधावा ने पहले ही तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर और अपने विभाग के प्रबंध निदेशक (MD) को पत्र लिखकर मंत्री लालजीत भुल्लर की दबंगई की शिकायत की थी। उन्होंने बार-बार अपनी प्रताड़ना की बात अधिकारियों तक पहुंचाई।
लेकिन इसके बावजूद न तो इंटेलिजेंस विभाग ने कोई संज्ञान लिया और न ही कार्यकारी डीजीपी ने कोई कार्रवाई की। मजीठिया ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री को इस पूरे मामले की जानकारी थी, तो उन्होंने अपने मंत्री के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठाया? एक अधिकारी मदद के लिए चिल्लाता रहा और पूरा सिस्टम चुप रहा, यह किसी भी लोकतंत्र के लिए सबसे शर्मनाक बात है।
मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना से मजबूर हुए डॉ. रंधावा
Dr Gagan Randhawa Death को लेकर मजीठिया ने बताया कि मृतक अधिकारी को मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया गया। उन्हें डराया-धमकाया गया, जिसके चलते उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। मजीठिया ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने मंत्री को बचाने के लिए हर हथकंडा अपनाया, यहां तक कि मृतक को बदनाम करने की भी कोशिश की गई।
यह आरोप बेहद गंभीर है। अगर वाकई एक सरकारी अधिकारी को एक मंत्री और उसके लोगों ने इस हद तक प्रताड़ित किया कि उसने जान दे दी, तो यह सत्ता के दुरुपयोग का सबसे भयावह उदाहरण है। और अगर इसके बाद सरकार ने मृतक को ही बदनाम करने की कोशिश की, तो यह दोहरा अन्याय है।
CBI जांच से केजरीवाल और दिल्ली तक जुड़ सकती हैं तारें
Dr Gagan Randhawa Death मामले में मजीठिया ने सबसे बड़ा दावा यह किया कि अगर इस मामले की CBI जांच होती है तो भ्रष्टाचार और अपराध की तारें भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के अन्य नेताओं तक भी जुड़ सकती हैं। यह आरोप इस पूरे मामले को पंजाब से निकालकर राष्ट्रीय राजनीति के दायरे में ले आता है।
मजीठिया ने कहा कि CBI जांच में मंत्री के अलावा उसके PA, परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उच्च स्तरीय CBI जांच जरूरी है ताकि साजिश के हर पहलू से पर्दा उठ सके। जब तक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी।
5 सांसदों ने गृहमंत्री को लिखा पत्र, बाकी से भी अपील
Dr Gagan Randhawa Death मामले में CBI जांच की मांग को और मजबूत करते हुए मजीठिया ने बताया कि पंजाब के पांच सांसदों ने पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र भेजकर CBI जांच की मांग की है। उन्होंने बाकी सांसदों से भी जल्द से जल्द ऐसा पत्र भेजने की अपील की।
मजीठिया ने तंज कसा कि AAP के सांसद इस मांग से दूर हैं, जो साबित करता है कि वे स्वतंत्र जांच नहीं चाहते। अगर सरकार निर्दोष है तो CBI जांच से डरने की क्या जरूरत है? जांच से सच्चाई ही सामने आएगी।
भुल्लर के पिता, PA और अन्य लोगों की गिरफ्तारी अभी बाकी
Dr Gagan Randhawa Death मामले में मजीठिया ने साफ कहा कि अभी सिर्फ मंत्री लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन इस साजिश में शामिल अन्य लोग अभी भी बाहर हैं। उनकी मांग है कि भुल्लर के पिता, उनके पर्सनल असिस्टेंट (PA) और अन्य लोगों को भी तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
इसके साथ ही मजीठिया ने मृतक डॉ. रंधावा का पोस्टमार्टम PGIMER या AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों के बोर्ड से कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि शरीर पर लगे हर घाव की वास्तविकता उजागर होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
“यह पहली जीत है, लड़ाई जारी रहेगी”
Dr Gagan Randhawa Death पर मजीठिया ने कहा कि भुल्लर की गिरफ्तारी इस लड़ाई में परिवार, आम जनता, मुलाजिमों, अफसरों और विपक्षी पार्टियों समेत अकाली दल की पहली जीत है, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है।
उन्होंने दृढ़ता से कहा, “जब तक इस सियासी कत्ल के हर दोषी को बेनकाब कर सख्त सजा नहीं दिलाई जाती, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। यह लड़ाई न्याय की है, सच्चाई की है और इसे अंत तक लड़कर ही रहेंगे।” शिरोमणी अकाली दल ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर अपना मोर्चा जारी रखेगा और तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
मुख्य बातें (Key Points)
- बिक्रम सिंह मजीठिया ने डॉ. गगन रंधावा की मौत को “सत्ता के घमंड से किया गया सियासी कत्ल” बताया और कहा कि ईमानदार अफसर के खून से सिर्फ मंत्री नहीं, पूरी AAP सरकार के हाथ रंगे हैं।
- मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला: डॉ. रंधावा की मौत वाले दिन अमृतसर में मनोरंजन कार्यक्रम में शामिल हुए, भुल्लर की गिरफ्तारी पर किए ट्वीट को “बेशर्मी की हद” बताया।
- CBI जांच से केजरीवाल और दिल्ली तक तारें जुड़ने का दावा: मजीठिया ने कहा कि भुल्लर के पिता, PA और अन्य लोगों की गिरफ्तारी अभी बाकी है, PGIMER या AIIMS में पोस्टमार्टम कराया जाए।
- गिरफ्तारी जनदबाव से हुई, सरकार की मंशा से नहीं: 21 मार्च से सरकार भुल्लर को बचा रही थी, 24 घंटे FIR नहीं हुई, पंजाब के 5 सांसदों ने गृहमंत्री को CBI जांच के लिए पत्र लिखा।








