Diljit Dosanjh News में इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा मानसा में हुई एक दर्दनाक घटना को लेकर हो रही है। मशहूर पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा को ‘शहीद’ का दर्जा दिया है और उनके परिवार के लिए इंसाफ की मांग उठाई है। यह बयान तब आया जब पूरा पंजाब इस हत्याकांड को लेकर गुस्से में है।
देखा जाए तो जब भी पंजाब में कोई संवेदनशील मुद्दा उठता है, इंडस्ट्री के बड़े नाम चुप नहीं बैठते। और इस बार भी ऐसा ही हुआ।
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इंस्टाग्राम पर दिलजीत का भावुक पोस्ट
दिलजीत दोसांझ ने रविवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर परविंदर सिंह झोटा की तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, “शहीद परविंदर सिंह। दुख की इस घड़ी में पूरा पंजाब परिवार के साथ है। परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए।”
दिलचस्प बात यह है कि इतने छोटे से संदेश ने ही पूरे पंजाब में एक नई बहस छेड़ दी। समझने वाली बात है कि जब कोई मशहूर शख्सियत इस तरह सीधे किसी मामले पर बोलती है, तो उसका असर आम जनता पर भी गहरा पड़ता है।
कैसे हुई थी झोटा की हत्या
कैमिस्ट की दुकानों से नशीले पदार्थों की गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते परविंदर सिंह झोटा को 13 अक्टूबर को मानसा के एक भीड़-भाड़ वाले बाजार में मेडिकल स्टोर के अंदर दिन-दहाड़े गोली मार दी गई थी।
स्टोर मालिक अश्विनी कुमार ने झोटा द्वारा एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाइयां बेचने पर सवाल पूछे जाने से भड़ककर उन पर गोलियां चला दी थीं। यह घटना उस वक्त हुई जब झोटा फेसबुक लाइव कर रहे थे। चिंता का विषय यह है कि मुलजिम को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया।
छह दिन बाद भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार
झोटा के कत्ल के छह दिन बीत जाने के बावजूद उनका पोस्टमार्टम और संस्कार नहीं हो सका है। परिवारिक सदस्य और हमदर्द मानसा में धरने पर बैठे हैं और इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, विभिन्न जथेबंदियों और समाजिक कार्यकर्ताओं को मिलाकर बनाई गई साझा एक्शन कमेटी इस मामले की CBI जांच और मुख्यमंत्री भगवंत मान व डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे सहित कई मांगें कर रही है।
नीरू बाजवा ने रोकी फिल्म स्क्रीनिंग
इसी बीच अभिनेत्री नीरू बाजवा ने भी बड़ा फैसला लिया। उन्होंने कहा कि झोटा के कत्ल के बाद पैदा हुए रोष को देखते हुए उन्होंने अपनी नई पंजाबी फिल्म “थापी” की स्क्रीनिंग फिलहाल रोकने का फैसला किया है, जो 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
नीरू बाजवा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “आज हम जो कुछ भी हैं, वह पंजाब और पंजाबियत की बदौलत हैं। सिनेमा लोगों के लिए है, यह कभी लोगों से बड़ा नहीं हो सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि वे हर पक्ष से पंजाब के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे।
बब्बू मान भी पहुंचे धरने पर
उम्मीद की किरण तब और बढ़ी जब पंजाबी गायक बब्बू मान ने रविवार को मानसा के धरने में शिरकत की। उन्होंने नशों के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए परविंदर सिंह झोटा की जमकर सराहना की।
यह दर्शाता है कि यह मामला अब सिर्फ एक परिवार या एक इलाके तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी पंजाबी इंडस्ट्री और समाज इससे भावनात्मक रूप से जुड़ चुका है।
आम आदमी के लिए क्यों मायने रखती है यह बात
जब दिलजीत दोसांझ जैसे बड़े कलाकार किसी सामाजिक मुद्दे पर खुलकर बोलते हैं, तो उसका सीधा असर जनता की सोच पर पड़ता है। इससे नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले आम लोगों का हौसला भी बढ़ता है।
विश्लेषण: सेलिब्रिटी आवाजों का सामाजिक मुद्दों पर बढ़ता असर
अगर गौर करें तो यह पहला मौका नहीं जब पंजाबी इंडस्ट्री ने किसी सामाजिक मुद्दे पर इतनी सक्रियता दिखाई हो। दिलजीत दोसांझ, नीरू बाजवा और बब्बू मान जैसे कलाकारों का इस मामले में खुलकर सामने आना यह दिखाता है कि अब पंजाब की सेलिब्रिटी इंडस्ट्री सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की दिशा में भी आगे आ रही है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में ऐसे मुद्दों पर जनदबाव बनाने में सेलिब्रिटी आवाजें अहम भूमिका निभा सकती हैं, जो प्रशासन पर तेज कार्रवाई का दबाव बनाने में मददगार साबित हो सकती हैं।
जानें पूरा मामला
13 अक्टूबर को मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद दिलजीत दोसांझ ने उन्हें ‘शहीद’ करार देते हुए इंसाफ की मांग की। नीरू बाजवा ने अपनी फिल्म की स्क्रीनिंग रोकी और बब्बू मान ने धरने में शिरकत की। परिवार अब भी CBI जांच की मांग को लेकर अड़ा हुआ है।
मुख्य बातें (Key Points)
- दिलजीत दोसांझ ने परविंदर सिंह झोटा को ‘शहीद’ करार देकर इंसाफ की मांग की
- 13 अक्टूबर को मानसा में मेडिकल स्टोर के अंदर झोटा की गोली मारकर हत्या हुई थी
- नीरू बाजवा ने अपनी फिल्म “थापी” की स्क्रीनिंग रोकी, बब्बू मान ने धरने में लिया हिस्सा
- छह दिन बाद भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार













