शुक्रवार, 13 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Dehradun War Memorial: शहीदों के स्मारक के खिलाफ याचिका पर SC भड़का, पूछा: किसके इशारे पर आए?

Dehradun War Memorial: शहीदों के स्मारक के खिलाफ याचिका पर SC भड़का, पूछा: किसके इशारे पर आए?

सुप्रीम कोर्ट ने देहरादून के सैन्य धाम युद्ध स्मारक के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, CJI ने कहा शहीदों का सम्मान करना सीखें, ₹1 लाख जुर्माने और कारण बताओ नोटिस की दी चेतावनी

The News Air Team by The News Air Team
शुक्रवार, 13 मार्च 2026
A A
0
Dehradun War Memorial
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Dehradun War Memorial को लेकर दायर एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए सुनवाई से साफ इनकार कर दिया। उत्तराखंड के देहरादून में बन रहे सैन्य धाम युद्ध स्मारक के निर्माण को चुनौती देने वाली इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से दो टूक सवाल किया कि “आप किसके इशारे पर यहां आए हैं?” कोर्ट ने इस याचिका को शरारतपूर्ण करार देते हुए ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाने और कारण बताओ नोटिस जारी करने की चेतावनी भी दे दी।

क्या है पूरा मामला: सैन्य धाम पर क्यों उठा विवाद

Dehradun War Memorial यानी सैन्य धाम देश के वीर शहीदों की याद में बनाया जा रहा एक भव्य युद्ध स्मारक है, जिसका निर्माण 2021 में शुरू हुआ था और अब लगभग पूरा हो चुका है। इस स्मारक के खिलाफ एक व्यक्ति ने याचिका दायर कर दावा किया कि जिस जमीन पर यह स्मारक बन रहा है, वह वन भूमि (Forest Land) है और वहां निर्माण नहीं होना चाहिए।

यह याचिका सबसे पहले उत्तराखंड हाईकोर्ट (नैनीताल) में दाखिल की गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे पहले ही खारिज कर दिया। हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में भी उसे वही जवाब मिला, बल्कि उससे भी सख्त।

यह भी पढे़ं 👇

Ladli Behna Yojana 34th Installment

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1.25 करोड़ बहनों के खाते में पहुंचे ₹1836 करोड़, CM यादव ने किया ट्रांसफर

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Kerala Lottery Result Today

Kerala Lottery Result Today: Suvarna Keralam SK 44 का ₹1 करोड़ का जैकपॉट लगा, देखें विनर लिस्ट

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Chinese Grand Prix 2026

Chinese Grand Prix 2026: George Russell ने जीता Sprint Qualifying का पोल, Mercedes का 1-2 लॉकआउट

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Malayalam OTT Releases This Week

Malayalam OTT Releases This Week: Pennu Case से Made in Korea तक, 5 नई फिल्में हुईं रिलीज

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
CJI सूर्यकांत ने लगाई जमकर फटकार

Dehradun War Memorial मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जयमल्ला बागची और जस्टिस विपुल एम. चमोली की तीन सदस्यीय पीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से सीधे सवाल किया कि “क्या आपको युद्ध स्मारक बनाने से कोई समस्या है?”

CJI ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि “जिन लोगों ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी है, जो देश के लिए शहीद हुए हैं, उनके प्रति कम से कम कुछ सम्मान तो होना चाहिए।” यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की उस भावना को दर्शाती है कि शहीदों के सम्मान से जुड़े मामलों में अदालत किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं है।

₹1 लाख जुर्माने की चेतावनी, कारण बताओ नोटिस का भी जिक्र

सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी सिर्फ सवालों तक सीमित नहीं रही। पीठ ने याचिकाकर्ता पर ₹1 लाख तक की लागत यानी जुर्माना लगाने की बात भी कही। CJI ने टिप्पणी की कि ऐसी याचिकाएं शरारतपूर्ण तरीके से दायर की जाती हैं और इनका मकसद सिर्फ विकास कार्यों में अड़ंगा लगाना होता है।

इतना ही नहीं, CJI ने यह भी कहा कि “इस याचिकाकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे। उन्हें आकर स्पष्टीकरण देना होगा और हम इस बात की जांच करेंगे कि वह किसके कहने पर यह याचिका दायर कर रहे हैं।” कोर्ट की यह टिप्पणी साफ इशारा करती है कि अदालत को संदेह है कि इस याचिका के पीछे कोई और ताकत काम कर रही है।

हाईकोर्ट को भी सुनाई खरी-खरी

Dehradun War Memorial मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ याचिकाकर्ता को ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड हाईकोर्ट को भी एक सीख दी। कोर्ट ने कहा कि “हाईकोर्ट को इस याचिका को जुर्माने के साथ खारिज करना चाहिए था।” मतलब सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि हाईकोर्ट ने जब यह याचिका खारिज की तो उसे सिर्फ खारिज करने की बजाय जुर्माना भी लगाना चाहिए था, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की बेबुनियाद याचिकाएं दायर करने की हिम्मत न करे।

राज्य सरकार ने रखा अपना पक्ष: जमीन वन भूमि नहीं है

सुनवाई के दौरान उत्तराखंड सरकार ने भी अपना पक्ष अदालत के सामने रखा। राज्य सरकार ने बताया कि विवादित जमीन का राजस्व विभाग और वन विभाग द्वारा संयुक्त सर्वेक्षण किया गया था। सर्वे रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि यह जमीन वन भूमि नहीं है। इसलिए सैन्य धाम युद्ध स्मारक के निर्माण में कोई भी कानूनी बाधा नहीं है।

सरकार ने यह भी बताया कि सैन्य धाम स्मारक का निर्माण 2021 में शुरू हुआ था और अब यह लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में जब स्मारक तकरीबन बनकर तैयार है और सर्वे रिपोर्ट भी साफ है, तो इस याचिका का कोई औचित्य ही नहीं बनता था।

याचिकाकर्ता ने वापस ली याचिका, कोर्ट ने दी मंजूरी

जब सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने साफ कर दिया कि वह इस याचिका पर विचार करने के मूड में बिल्कुल नहीं है और जुर्माने से लेकर कारण बताओ नोटिस तक की चेतावनी दे दी, तो याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस अनुमति को स्वीकार कर लिया।

हालांकि कोर्ट की सख्त टिप्पणियां इस बात का स्पष्ट संदेश हैं कि भविष्य में शहीदों के सम्मान से जुड़े स्मारकों के खिलाफ इस तरह की बेबुनियाद याचिकाएं दायर करने वालों को अदालत बख्शने के मूड में नहीं है।

शहीदों के सम्मान पर अदालत बेहद संवेदनशील

Dehradun War Memorial पर सुप्रीम कोर्ट का यह रुख बताता है कि देश की सर्वोच्च अदालत शहीदों के सम्मान से जुड़े मामलों में बेहद संवेदनशील है। जब कोर्ट ने कहा कि “जिन्होंने देश के लिए जान दी, उनके प्रति कम से कम सम्मान तो होना चाहिए,” तो यह सिर्फ एक टिप्पणी नहीं बल्कि पूरे देश को एक मजबूत संदेश था। वे सैनिक जो सीमाओं पर अपनी जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा करते हैं, उनकी याद में बनने वाले स्मारकों को रोकने की कोशिश करना न सिर्फ कानूनी रूप से गलत है, बल्कि नैतिक रूप से भी अस्वीकार्य है। सुप्रीम कोर्ट ने “किसके इशारे पर आए” पूछकर यह भी साफ कर दिया कि अदालत ऐसी याचिकाओं के पीछे की मंशा की भी गहराई से जांच करेगी।


मुख्य बातें (Key Points)
  • सुप्रीम कोर्ट ने देहरादून के सैन्य धाम युद्ध स्मारक के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार किया, याचिकाकर्ता से पूछा “किसके इशारे पर आए?”
  • CJI सूर्यकांत ने कहा कि शहीदों के प्रति सम्मान होना चाहिए, याचिका को शरारतपूर्ण बताया और ₹1 लाख जुर्माने की चेतावनी दी।
  • उत्तराखंड सरकार ने बताया कि संयुक्त सर्वे में जमीन वन भूमि नहीं पाई गई, स्मारक का निर्माण 2021 से चल रहा है और लगभग पूरा हो चुका है।
  • याचिकाकर्ता ने अंततः याचिका वापस ले ली, पहले उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी इसे खारिज कर दिया था।
Previous Post

UP Panchayat Chunav 2026: चुनाव कार्यक्रम नहीं, प्रत्याशियों की जेब ढीली और मायूसी भारी

Next Post

PAK vs BAN Live: बांग्लादेश के खिलाफ पाकिस्तान की खराब शुरुआत, दूसरे ODI में सीरीज बचाना चुनौती

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Ladli Behna Yojana 34th Installment

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1.25 करोड़ बहनों के खाते में पहुंचे ₹1836 करोड़, CM यादव ने किया ट्रांसफर

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Kerala Lottery Result Today

Kerala Lottery Result Today: Suvarna Keralam SK 44 का ₹1 करोड़ का जैकपॉट लगा, देखें विनर लिस्ट

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Chinese Grand Prix 2026

Chinese Grand Prix 2026: George Russell ने जीता Sprint Qualifying का पोल, Mercedes का 1-2 लॉकआउट

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Malayalam OTT Releases This Week

Malayalam OTT Releases This Week: Pennu Case से Made in Korea तक, 5 नई फिल्में हुईं रिलीज

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
GPAT 2026 Answer Key

GPAT 2026 Answer Key: आंसर की जारी, ऐसे करें डाउनलोड और आपत्ति दर्ज

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
ISS India Night View

ISS India Night View: अंतरिक्ष से दिखी भारत की अद्भुत रोशनी, ISS ने शेयर की चौंकाने वाली तस्वीरें

शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Next Post
PAK vs BAN Live

PAK vs BAN Live: बांग्लादेश के खिलाफ पाकिस्तान की खराब शुरुआत, दूसरे ODI में सीरीज बचाना चुनौती

The Hundred Auction

The Hundred Auction: पाकिस्तानी खिलाड़ी लिस्ट में थे लेकिन नहीं लिए, हेमांग बडानी का बड़ा बयान

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।