CAG Reports Corruption : दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) में मंगलवार को पिछली सरकार के दौरान किए गए कार्यों को लेकर बड़ी हलचल मचने वाली है। CAG (Comptroller and Auditor General) की 14 लंबित रिपोर्ट्स पेश की जाएंगी, जो पिछले 3 सालों से दबाई हुई थीं। भाजपा सरकार ने इन रिपोर्ट्स को सामने लाने का फैसला लिया है, जिससे आम आदमी पार्टी (AAP) और इसके प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर दबाव बढ़ गया है।
भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने इस मुद्दे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार जानबूझकर इन रिपोर्ट्स को 3 साल तक दबाकर बैठी रही। उनका आरोप है कि यह डर था कि अगर ये रिपोर्ट्स सामने आ जातीं तो सरकार की कथित लूट-खसोट का खुलासा हो जाता।
सिरसा का बड़ा आरोप: भ्रष्टाचार छिपाने की साजिश?
विधानसभा में जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिरसा ने कहा, “आज दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल द्वारा किए गए घोटालों का खुलासा किया जाएगा, जो CAG रिपोर्ट में सामने आए हैं।” उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल सरकार ने इन रिपोर्ट्स को इसलिए दबाया क्योंकि इनमें भ्रष्टाचार की पोल खुलती।
सिरसा का यह भी कहना है कि यह पहली बार है जब किसी सरकार ने CAG रिपोर्ट को विधानसभा में टेबल नहीं किया। इसके लिए विपक्ष को हाई कोर्ट (High Court) तक का रुख करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केजरीवाल की बेईमानी का सबसे बड़ा प्रमाण है।
भाजपा का दावा: जनता के सामने आएंगे काले कारनामे
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा (Virendra Sachdeva) ने भी केजरीवाल सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि CAG रिपोर्ट में केजरीवाल सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए भ्रष्टाचार का पूरा ब्योरा सामने आएगा।
सचदेवा ने कहा, “हमने चुनाव में वादा किया था कि भ्रष्टाचार करने वालों को जवाब देना पड़ेगा। आज वही दिन है जब जनता के सामने सच्चाई आएगी।” उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) के भाषण के बाद ये रिपोर्ट्स पेश की जाएंगी, जिससे जनता को सही जानकारी मिल सकेगी।
आखिरी दांव: क्या जनता को मिलेगा जवाब?
अब सबकी निगाहें दिल्ली विधानसभा पर टिकी हुई हैं, जहां ये रिपोर्ट्स पेश की जाएंगी। अगर भाजपा सरकार के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। वहीं, अगर ये आरोप साबित नहीं होते, तो भाजपा के आरोप राजनीति से प्रेरित माने जाएंगे।
इस राजनीतिक लड़ाई में असली फैसला जनता के हाथ में होगा, जो यह तय करेगी कि कौन सही है और कौन गलत।