Surgical Strike : पहलगाम (Pahalgam) में हुए आतंकी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) और भारत सरकार के सैन्य कदमों पर उठे सियासी सवालों ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में गर्मी ला दी है। पंजाब (Punjab) के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस (Congress) के जालंधर (Jalandhar) से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट (Balakot) एयरस्ट्राइक पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि उन्हें आज तक यह स्पष्ट नहीं हुआ कि ये हमले वास्तव में कहां हुए और कैसे अंजाम दिए गए।
चन्नी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “मैं नहीं जान पाया कि यह स्ट्राइक कहां हुई, कितने लोग मारे गए, और पाकिस्तान (Pakistan) में किस स्थान पर यह ऑपरेशन हुआ। क्या हमें नहीं पता चलेगा अगर हमारे देश में कोई बम गिराया गया हो?” उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार (Central Government) से सबूतों की मांग की और कहा कि आम लोगों को सच्चाई बताई जानी चाहिए।
इन बयानों के तुरंत बाद दिल्ली (Delhi) सरकार के मंत्री और बीजेपी (BJP) नेता मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “चन्नी को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ पाकिस्तान चले जाना चाहिए।” सिरसा ने कहा कि कांग्रेस और गांधी परिवार की सोच यही है कि वे बार-बार भारतीय सेना (Indian Army) की बहादुरी पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने खुद स्वीकार किया था कि भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी, लेकिन कांग्रेस अब भी उसे झुठलाती है।
सिरसा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह चुनावी राजनीति के लिए देश की सुरक्षा तक को दांव पर लगा देती है। उन्होंने कहा कि “चन्नी का बयान शर्मनाक है, और यह भारतीय सेना के बलिदान का अपमान है।”
यह पहली बार नहीं है जब सांसद चन्नी किसी विवाद में आए हों। 2018 में उन्होंने एक महिला IAS अधिकारी को आपत्तिजनक मैसेज भेजे थे, जिसे बाद में स्वीकार कर माफी मांगी थी। इसके अलावा, जालंधर वेस्ट (Jalandhar West) के उपचुनाव के दौरान भी उनके पोस्टर एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में सामने आए थे, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी बवाल हुआ।
एक अन्य विवाद में चन्नी का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वे शिरोमणि अकाली दल की नेता बीबी जागीर कौर (Bibi Jagir Kaur) के मुंह को छूते दिखे थे। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि “बीबी जागीर कौर मेरी मां जैसी हैं,” और बीबी जागीर कौर ने भी उन्हें अपना भाई बताया, लेकिन विवाद की आग फिर भी नहीं बुझ पाई।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद जिस तरह राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे भी सियासी बहस का केंद्र बनते जा रहे हैं।








