Congress Protest Punjab Assembly : पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन पंजाब कांग्रेस ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन करते हुए विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की। पंजाब भर से आए हजारों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार से उनके अधूरे वादों का जवाब मांगने निकले थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक लिया और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस भवन के बाहर जमा होकर कार्यकर्ता विधानसभा की ओर मार्च करने लगे थे। विधानसभा के आसपास भारी पुलिस बल तैनात था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इससे पहले कि प्रदर्शनकारी विधानसभा तक पहुंचते, पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोककर हिरासत में लेना शुरू कर दिया। यह प्रदर्शन उस वक्त हुआ जब राज्य में AAP सरकार के चार साल पूरे होने को हैं।

‘Raja Warring का AAP सरकार पर सीधा हमला’
इस मौके पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मौजूदा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। वड़िंग ने आरोप लगाया कि पंजाब पर कर्ज का बोझ 4 लाख करोड़ रुपये पार कर चुका है और यह जल्द ही 4.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक ईंट तक नहीं लगाई गई, जबकि हजारों करोड़ रुपये सिर्फ विज्ञापनों पर उड़ा दिए गए। उनका आरोप था कि AAP ने पंजाब के पैसे दिल्ली, गुजरात और गोवा में चुनाव लड़ने पर खर्च कर दिए।
‘महिलाओं को ₹1000, OPS और डीए: वादों की फेहरिस्त’
राजा वड़िंग ने AAP सरकार के उन वादों की पूरी फेहरिस्त सामने रखी जो अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार ने महिलाओं को हर महीने ₹1000 देने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ और अब इसकी चार साल की बकाया राशि भी बन चुकी है। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना यानी OPS बहाल करने, बकाया महंगाई भत्ता देने और रेत खनन से 20,000 करोड़ रुपये की आय के दावे भी अभी तक जमीन पर नहीं उतरे।
‘कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल’
पत्रकारों से बातचीत में वड़िंग ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। गैंगस्टर और अपराधी बेखौफ होकर हत्याएं कर रहे हैं, बम फेंके जा रहे हैं, बाबा साहेब की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया और नशे की समस्या भी लगातार बड़ा मुद्दा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की जान-माल की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम रही है और लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे।
‘AAP और BJP के बीच गुप्त समझौते का आरोप’
राजा वड़िंग ने एक बड़ा राजनीतिक बम भी फोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और भारतीय जनता पार्टी के बीच एक गुप्त समझौता हुआ है, जिसका मकसद कांग्रेस को पंजाब में दोबारा सत्ता में आने से रोकना है। यह आरोप आगामी विधानसभा चुनावों की राजनीतिक बिसात पर एक नई बहस को जन्म दे सकता है।
‘Bajwa और Randhawa ने भी साधा निशाना’
इस प्रदर्शन को पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी संबोधित किया। दोनों नेताओं ने AAP सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी आलोचना करते हुए सरकार की विफलताओं को जनता के सामने रखा।
‘कार्यकर्ताओं से वादा: 3 ब्लॉक और 2 जिला अध्यक्षों को राज्यसभा’
वड़िंग ने इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए एक बड़ा वादा भी किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस जमीनी कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान दे रही है। पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर वे पार्टी हाईकमान को राज्य से 3 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों और 2 जिला कांग्रेस अध्यक्षों को राज्यसभा के लिए नामित करने की सिफारिश करेंगे।
‘क्या है राजनीतिक मायने?’
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और बजट सत्र के पहले दिन कांग्रेस का यह बड़ा प्रदर्शन साफ बताता है कि विपक्ष ने अभी से चुनावी मोड में आना शुरू कर दिया है। AAP सरकार के चार साल के कार्यकाल पर सवाल उठाकर कांग्रेस जनता के बीच यह संदेश देना चाहती है कि सरकार वादों पर खरी नहीं उतरी। महिलाओं को ₹1000 जैसे भावनात्मक मुद्दे को उठाकर कांग्रेस महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश भी कर रही है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव की कोशिश की, पुलिस ने रास्ते में रोककर हिरासत में लिया।
- राजा वड़िंग ने कहा: पंजाब पर 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज, महिलाओं को ₹1000 का वादा 4 साल बाद भी अधूरा।
- AAP पर आरोप: पंजाब का पैसा दिल्ली, गुजरात और गोवा के चुनावों में खर्च, विकास के नाम पर सिर्फ विज्ञापन।
- वड़िंग का बड़ा आरोप: AAP और BJP के बीच गुप्त समझौता, कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने की साजिश।








