Congress Protests at India AI Impact Summit: देश की राजधानी नई दिल्ली में चल रहे भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट समिट (India AI Impact Summit) में उस वक्त हड़कंप मच गया जब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरे को तोड़कर अंदर दाखिला लिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने ‘पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ (PM is Compromised) के नारे लगाए और अपनी टी-शर्ट उतारकर हाथों में लहराई। यह घटना तब हुई जब समिट में देश-विदेश की दिग्गज हस्तियां और टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता भारत मंडपम के अंदर घुसकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। आसपास मौजूद आम जनता और विभिन्न कंपनियों के पवेलियन के लोग इस अप्रत्याशित घटना को देखकर हैरान रह गए। सुरक्षा बलों को जैसे ही इसकी भनक लगी, उन्होंने तुरंत हरकत में आते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और परिसर से बाहर निकाल दिया।
कांग्रेस का पलटवार: ‘एंटी इंडिया’ का आरोप
इस प्रदर्शन के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। इंडियन यूथ कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “एआई समिट में कॉम्प्रोमाइज पीएम के चर्चे… भारतीय युवा कांग्रेस के जांबाज कार्यकर्ताओं ने देश की अस्मिता का सौदा करने वाले कॉम्प्रोमाइज प्रधानमंत्री के खिलाफ आवाज उठाई। इंकलाब जिंदाबाद।”
वहीं, दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना पर पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनके लिए एआई (AI) का मतलब ‘एंटी इंडिया’ (Anti India) है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को एआई समिट की सफलता से जलन हो रही है, जिसकी दुनिया भर में तारीफ हो रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के इशारे पर कांग्रेस पार्टी शर्टलेस नहीं, बल्कि ‘कैरेक्टरलेस’, ‘ब्रेनलेस’ और ‘इमोशनलेस’ होकर भारत का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पीएम या भाजपा का नहीं, बल्कि भारत की उपलब्धियों का विरोध है, चाहे वो यूपीआई हो, वैक्सीन हो या ऑपरेशन सिंदूर।
पहले भी हुआ था विवाद
गौरतलब है कि इससे पहले भी एआई इंपैक्ट समिट एक अन्य विवाद में रह चुका है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotia University) द्वारा एक चीनी रोबोट को अपना बताकर प्रस्तुत किए जाने का मामला सामने आया था, जिसके बाद उन्हें परिसर से बाहर निकाल दिया गया था। अब इस प्रदर्शन ने समिट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
विश्लेषण: सुरक्षा चूक या सियासी बवाल?
एआई समिट जैसे हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रदर्शन करना एक गंभीर सुरक्षा चूक की ओर इशारा करता है। जहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) , संयुक्त राष्ट्र महासचिव और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) जैसी हस्तियां मौजूद थीं, वहां इस तरह का प्रदर्शन होना शर्मनाक है। वहीं, राजनीतिक दलों के बीच इस घटना ने एक नया सियासी बवाल खड़ा कर दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि वह पीएम की विदेश नीति पर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा इसे देश विरोधी करार दे रही है। फिलहाल हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों पर क्या कार्रवाई होती है, यह देखना अहम होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट (India AI Impact Summit) में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने ‘पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए और टी-शर्ट उतारकर लहराई।
सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
भाजपा ने कांग्रेस पर एआई समिट की सफलता से जलने और देश विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया।
इससे पहले गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीनी रोबोट प्रदर्शित किए जाने का भी विवाद हुआ था।








