National Herald Money Laundering Case में एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) ने दिल्ली (Delhi) स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) में कांग्रेस (Congress) नेताओं सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के आरोपों को लेकर अपनी दलीलें पेश कीं। ईडी ने कहा कि इस मामले में प्रथम दृष्टया धन शोधन (Money Laundering) का अपराध बनता है।
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने (Vishal Gogne) के समक्ष ईडी की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू (SV Raju) और विशेष वकील जोहेब हुसैन (Zoheb Hossain) ने दलीलें दीं। एजेंसी ने कोर्ट से मांग की कि इस मामले का संज्ञान लिया जाए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि ईडी अपनी चार्जशीट की एक प्रति भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party – BJP) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) को भी दे, जिनकी निजी शिकायत के आधार पर यह मामला शुरू हुआ था।
दलीलों के दौरान ईडी ने कहा कि इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का स्पष्ट आधार है। एजेंसी ने कहा कि अपराध की आय (Proceeds of Crime) उत्पन्न करने के लिए आपराधिक गतिविधियां की गईं, जो कि मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आती हैं। अदालत ने इस मामले की आगे की सुनवाई के लिए 2 जुलाई से 8 जुलाई तक की तारीख तय की है। अब यह केस रोजाना सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
बचाव पक्ष के वकील अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) ने कहा कि ईडी द्वारा पेश किए गए 5000 पन्नों के दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए समय चाहिए। इसलिए उन्होंने जुलाई में सुनवाई का अनुरोध किया। कोर्ट ने इस दौरान एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (Associated Journals Limited – AJL) के शेयरों और संपत्तियों को लेकर सवाल पूछे कि क्या कंपनी के शेयरधारक उसकी संपत्तियों के मालिक माने जाएंगे?
ईडी के वकील ने तर्क दिया कि कांग्रेस पार्टी ने जिन लोगों से दान (Donation) लिया, उन्हीं के साथ धोखाधड़ी की गई। पार्टी ने दान लेकर उसे वाणिज्यिक गतिविधियों में लिप्त एक कंपनी को ऋण (Loan) के रूप में दे दिया, जिससे दानदाता ही असल में पीड़ित (Victim) हैं। कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी गलत काम के लिए व्यक्ति को दोषी ठहराया जा सकता है या पूरी पार्टी को?
ईडी ने यह भी कहा कि यह मामला आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) से जुड़ा है और इसमें एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL), यंग इंडियन (Young Indian) और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (All India Congress Committee – AICC) की भूमिका है। न्यायाधीश ने कहा कि यह एमपी-एमएलए कोर्ट (MP-MLA Court) है, जिसमें सप्ताहिक आधार पर सुनवाई होनी है।
ध्यान देने योग्य है कि इस केस की शुरुआत सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा 26 जून 2014 को दाखिल निजी शिकायत से हुई थी, जिसके आधार पर मजिस्ट्रेट अदालत ने संज्ञान लिया था। इसके बाद 2021 में ईडी ने इस केस में जांच शुरू की और हाल ही में आरोप पत्र (Charge Sheet) दायर किया गया है।








