Cibil Score Rules: आज के आर्थिक युग में Credit Score आपकी वित्तीय कुंडली की तरह है, जिसे देखे बिना बैंक आपको एक रुपया भी उधार नहीं देते। अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और आपको लगता है कि एक दिन की देरी से कोई फर्क नहीं पड़ता, तो यह खबर आपके लिए ही है। एक छोटी सी चूक आपके सालों के बने-बनाए क्रेडिट स्कोर को मिट्टी में मिला सकती है, जिसका सीधा असर आपकी जेब और भविष्य के सपनों पर पड़ेगा।
स्कोर गिरते ही बंद हो जाएंगे रास्ते
क्रेडिट स्कोर का महत्व तब समझ आता है जब हमें अचानक लोन की जरूरत पड़ती है। यह स्कोर ही बताता है कि आपकी उधार चुकाने की क्षमता कितनी है। अगर आप क्रेडिट कार्ड की पेमेंट करना भूल जाते हैं या पैसों की कमी के कारण समय पर भुगतान नहीं कर पाते, तो इसका सीधा और गहरा असर आपके सिबिल स्कोर पर पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पेमेंट मिस होने से आपका क्रेडिट स्कोर तेजी से नीचे गिरता है। स्कोर कम होने का मतलब है कि बैंक आपको ‘रिस्की कस्टमर’ मानेंगे और लोन देने से मना कर सकते हैं।
लेट फीस और ब्याज का डबल अटैक
भुगतान में देरी केवल स्कोर ही खराब नहीं करती, बल्कि आपकी जेब पर भी भारी पड़ती है। क्रेडिट कार्ड का भुगतान न करने पर बैंक आपसे ‘लेट पेमेंट फीस’ वसूलते हैं, जो हर दिन के हिसाब से बढ़ सकती है।
इसके अलावा, सबसे खतरनाक होता है ब्याज का चक्रव्यूह। क्रेडिट कार्ड पर लगने वाला ब्याज आपके बकाया बैलेंस, आउटस्टैंडिंग प्रिंसिपल अमाउंट और यहां तक कि लेट फीस पर भी लगता है। यानी आपको ब्याज पर ब्याज देना पड़ता है। अगर आप एक दिन या एक हफ्ते भी लेट होते हैं, तो यह राशि तेजी से बढ़ती है।
‘मिनिमम ड्यू’ (Minimum Due) का जाल
अक्सर लोग सोचते हैं कि पूरा बिल न भरकर सिर्फ ‘न्यूनतम राशि’ (Minimum Amount Due) जमा कर देने से वे बच जाएंगे। लेकिन यह एक बड़ी गलतफहमी है।
मिनिमम अमाउंट देने से आप सिर्फ लेट फीस से बचते हैं, लेकिन बाकी बची हुई राशि पर बैंक भारी ब्याज लगाता रहता है। धीरे-धीरे यह ब्याज इतना बढ़ जाता है कि कर्ज़ का बोझ संभालना मुश्किल हो जाता है। इसलिए हमेशा कोशिश करें कि समय से पहले ही पूरा बिल चुका दें।
30% का गोल्डन रूल
अपने क्रेडिट स्कोर को सुरक्षित रखने के लिए एक और जरूरी नियम है—अपनी लिमिट का सही इस्तेमाल। जानकारों के मुताबिक, आपको अपने क्रेडिट कार्ड की कुल लिमिट का केवल 30% ही इस्तेमाल करना चाहिए।
उदाहरण के लिए, अगर आपकी लिमिट 1 लाख रुपये है, तो कोशिश करें कि खर्च 30 हजार से ज्यादा न हो। पूरा लिमिट इस्तेमाल करने से बैंक को लगता है कि आप कर्ज़ पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, जिससे आपका स्कोर नीचे जा सकता है।
जॉइंट लोन में सावधानी
अगर आपने किसी दोस्त या परिवार के सदस्य के साथ मिलकर जॉइंट लोन (Joint Loan) लिया है, तो आपको एक्स्ट्रा सावधान रहने की जरूरत है। अगर दूसरा व्यक्ति (Co-borrower) डिफॉल्टर बनता है या समय पर किस्त नहीं चुकाता, तो इसका नुकसान उसे तो होगा ही, साथ ही आपका क्रेडिट स्कोर भी खराब होगा।
‘जानें पूरा मामला’
क्रेडिट स्कोर या CIBIL Score तीन अंकों की एक संख्या होती है (300 से 900 के बीच), जो आपके पिछले लोन और क्रेडिट कार्ड के भुगतान के इतिहास पर आधारित होती है। 750 या उससे ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है। जब आप पेमेंट मिस करते हैं, तो यह जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को भेजी जाती है, जिससे आपका स्कोर कम हो जाता है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
पेमेंट फेल: भुगतान चूकने पर सिबिल स्कोर तुरंत गिर सकता है।
ब्याज: लेट पेमेंट पर ब्याज और पेनल्टी दोनों लगते हैं।
न्यूनतम राशि: सिर्फ मिनिमम ड्यू भरने से ब्याज का बोझ बढ़ता रहता है।
लिमिट: क्रेडिट लिमिट का 30% से ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें।
जॉइंट लोन: दूसरे व्यक्ति की गलती की सजा आपके स्कोर को भी मिल सकती है।








