चंडीगढ़ पुलिस ने गैंगस्टर से एक्टिविस्ट बना लक्खा सिधाना समेत कई अज्ञात किसानों पर मामला किया दर्ज


चंडीगढ़, 27 जून, (The News Air)

26 जून को चंडीगढ़ में किसानों द्वारा निकाले गए मार्च के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चंडीगढ़ पुलिस ने गैंगस्टर से एक्टिविस्ट बना लक्खा सिधाना, किरती किसान यूनियन के उप प्रधान दीप रजिंदर सिंह वाला, जस बाजवा, सोनिया मान, बलदेव सिंह सिरसा और कई अज्ञात किसान नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि इन्होंने किसानों को बैरिकेड तोड़ने के लिए उकसाया है। चंडीगढ़ पुलिस ने इनके खिलाफ ड्यूटी पर बाधा पहुंचाने और दंगा करवाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

राज्यपाल को ज्ञापन देने पर अड़े किसान शनिवार को पुलिस बैरिकेड तोड़कर चंडीगढ़ में दाखिल हुए। हजारों की संख्या में पहुंचे किसान करीब ढाई घंटे तक चंडीगढ़ की सड़कों पर जमा रहे। प्रदर्शन में लक्खा सिधाना भी शामिल रहा। उस पर 26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले में हिंसा फैलाने का आरोप है। लाल किले की घटना के बाद से वह फरार चल रहा है। उस पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख का इनाम भी रखा है।

बता दें कि शनिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे किसानों ने मोहाली के वाईपीएस चौक की ओर से चंडीगढ़ में दाखिल होने की कोशिश की। पानी की बौछार से पुलिस ने उनको रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। ट्रैक्टर से पुलिस बैरिकेड तोड़कर किसान चंडीगढ़ की सीमा में दाखिल हो गए। चंडीगढ़ में घुसते ही किसानों ने दमकल विभाग की खड़ी गाड़ियों की टोटियां खोलकर पानी बहा दिया और वाटर कैनन पर कब्जा कर लिया ताकि पुलिस उन पर पानी की बौछार न कर सके।

उसके बाद किसान हिमालय मार्ग की ओर आगे बढ़े। किसानों को आगे बढ़ता देख चंडीगढ़ पुलिस ने पूरे हिमालय मार्ग का ट्रैफिक रोक दिया। दोनों तरफ की सड़कें खाली हो गईऱ्ं। सेक्टर 34-35 के पास पुलिस की बैरिकेडिंग देखकर किसानों ने डिवाइडिंग रोड की रेलिंग ट्रैक्टर से तोड़ दी। इस दौरान एक किसान ट्रैक्टर से गिरकर घायल तक हो गया। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए सख्त प्रबंध किए थे लेकिन किसान ने इन्हें ताश के पत्तों की तरह ढेर कर दिया। 


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