Chandigarh Mohali Panchkula 6-lane Road: ट्राई-सिटी (चंडीगढ़-मोहाली-पंचकूला) के लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने 1,463.95 करोड़ रुपये की लागत से 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड स्पर (ग्रीनफील्ड स्पर) को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी खुद केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने दी है। यह प्रोजेक्ट ट्राई-सिटी रिंग रोड प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा होगा और इससे इस पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
यह नया स्पर नेशनल हाईवे-205ए (NH-205A) के अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन को जीरकपुर बायपास (Zirakpur Bypass) से सीधे जोड़ेगा। इसके बनने से ट्राई-सिटी के प्रमुख शहरी जंक्शनों पर लगने वाला भीषण जाम काफी हद तक कम हो जाएगा। अभी जो भारी वाहन (ट्रक) और अन्य गाड़ियां शहरों के बीच से होकर गुजरती हैं, वे अब इस नए स्पर से डायवर्ट हो जाएंगी, जिससे शहर के अंदरूनी हिस्सों को जाम से राहत मिलेगी।
📢Punjab🛣️
In Punjab, we have approved ₹1,463.95 crore for the construction of a 6️⃣-lane, access-controlled greenfield spur linking the Ambala–Chandigarh section of NH-205A with the Zirakpur Bypass.
As part of the Tricity Ring Road project, the corridor will decongest key…
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) February 19, 2026
ट्राई-सिटी वालों को क्या होगा सबसे बड़ा फायदा?
इस 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड रोड के बनने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि NH-44, NH-205A और NH-152 पर भारी वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। फिलहाल इन राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोजाना भारी संख्या में ट्रक और अन्य वाहन गुजरते हैं, जिससे जाम लगना आम बात है। नए स्पर के बनने से थ्रू-ट्रैफिक (लंबी दूरी का यातायात) सीधे इसी रास्ते से निकल जाएगा, जिससे रोजाना चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के बीच आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। समय की बचत होगी और ईंधन की भी।
हिमाचल के लिए गेम-चेंजर साबित होगा कॉरिडोर
यह प्रोजेक्ट सिर्फ पंजाब और ट्राई-सिटी के लिए ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के लिए भी गेम-चेंजर साबित होगा। खासकर [शिमला (Shimla) रीजन की कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार आएगा। इस नए कॉरिडोर के बनने से हिमाचल की तरफ जाने वाले यात्रियों और माल वाहकों को सीधी और स्मूथ कनेक्टिविटी मिलेगी। यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खुद इस बात पर जोर दिया है कि इस प्रोजेक्ट से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
ट्राई-सिटी रिंग रोड का अहम हिस्सा
यह 6-लेन स्पर ट्राई-सिटी रिंग रोड (Tricity Ring Road) के बड़े विजन का एक अहम हिस्सा है। रिंग रोड प्रोजेक्ट की कुल लागत हजारों करोड़ रुपये में है। इसके पूरा होने पर दिल्ली (Delhi), हरियाणा (Haryana), पंजाब (Punjab), हिमाचल और जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) की तरफ जाने वाला सारा ट्रैफिक शहरों को बाईपास कर सकेगा। इस रिंग रोड के कई पैकेज पहले से ही निर्माणाधीन हैं, और यह नया स्पर इस प्रोजेक्ट को और मजबूती प्रदान करेगा। इससे क्षेत्र में एक मजबूत और कुशल सड़क नेटवर्क तैयार होगा।
कैसे बदलेगी तस्वीर?
ट्राई-सिटी, जो दिल्ली के बाद उत्तर भारत का एक प्रमुख शहरी केंद्र है, लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। शहरों की सीमाएं मिलने और बढ़ती आबादी के कारण यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा था। इस नए 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड रोड के बनने से न सिर्फ यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि इस पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी। हिमाचल जैसे पर्यटन राज्य के लिए यह रास्ता वरदान साबित होगा, क्योंकि अब पर्यटकों को शहरों के जाम में फंसने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के ‘गति शक्ति’ (Gati Shakti) विजन को भी साकार करता है, जिसका उद्देश्य देश में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी प्रदान करना है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इस कदम से साफ है कि सरकार शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्य बातें (Key Points)
केंद्र सरकार ने चंडीगढ़-मोहाली-पंचकूला (ट्राई-सिटी) में 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड रोड के निर्माण को 1,463.95 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।
यह स्पर NH-205A के अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन को जीरकपुर बायपास से जोड़ेगा और ट्राई-सिटी रिंग रोड का हिस्सा होगा।
इससे ट्राई-सिटी के प्रमुख जंक्शनों पर लगने वाला भीषण जाम कम होगा और भारी वाहनों का दबाव घटेगा।
हिमाचल प्रदेश, खासकर शिमला क्षेत्र के लिए यह कॉरिडोर गेम-चेंजर साबित होगा, यात्रा समय में कमी आएगी।
इस प्रोजेक्ट से क्षेत्रीय पर्यटन, व्यापार और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।








