DIG Bhullar CBI Case : पंजाब पुलिस के निलंबित DIG Harcharan Singh Bhullar ने CBI की विशेष अदालत में अर्जी दाखिल कर अपने पिता और बेटी के 10 बैंक खातों को डी-फ्रीज करने की मांग की है। उनका कहना है कि इन खातों में पेंशन और खेती से होने वाली वैध आय जमा होती रही है और इनका कथित ट्रैप केस से कोई लेना-देना नहीं है। अदालत ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए CBI को नोटिस जारी किया है और 6 फरवरी तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
भुल्लर की जमानत याचिका पहले ही 2 जनवरी को खारिज हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने यह नई अर्जी दाखिल की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि CBI ने अदालत की पूर्व अनुमति के बिना उनके पिता और बेटी के खाते फ्रीज कर दिए।
पिता-बेटी के खातों को लेकर अदालत में दलील
याचिका में भुल्लर ने कहा कि उनके पिता सेना के पूर्व अधिकारी रहे हैं और बाद में पंजाब के DGP पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके बैंक खातों में पेंशन और खेती से होने वाली आय आती है। ऐसे खातों को फ्रीज करना न केवल गलत है, बल्कि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी असर डाल रहा है। भुल्लर ने अदालत से इन खातों को तुरंत डी-फ्रीज करने के निर्देश देने की मांग की।
बिचौलिए की जमानत याचिका भी खारिज
मामले में सह-आरोपी बिचौलिए किश्नु शारदा की जमानत याचिका भी CBI कोर्ट ने खारिज कर दी है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि चालान दाखिल हो चुका है और जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन अदालत ने CBI के तर्कों से सहमति जताते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।
CBI के अनुसार किश्नु शारदा को 16 अक्टूबर 2025 को Central Bureau of Investigation ने DIG भुल्लर के साथ गिरफ्तार किया था।
CBI का आरोप: FIR सेटल कराने के बदले रिश्वत
CBI का कहना है कि वर्ष 2023 में सरहिंद पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR को सेटल कराने और शिकायतकर्ता Akash Batta के स्क्रैप कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने के बदले भुल्लर ने बिचौलिए के माध्यम से अवैध धन की मांग की थी।
बचाव पक्ष की दलीलें
भुल्लर के वकील SPS Bhullar ने अदालत में कहा कि CBI ने चालान में “सेवा-पानी” शब्द का इस्तेमाल किया है, जिसका अर्थ जरूरी नहीं कि रिश्वत ही हो। उन्होंने यह भी कहा कि केस में समय, तारीख और स्थान का स्पष्ट उल्लेख नहीं है और रिश्वत की रकम को लेकर भी विरोधाभास है।
CBI का जवाब: केस नॉन-बेलेबल, मजबूत सबूत
CBI की ओर से एडवोकेट Narinder Singh ने कहा कि DIG भुल्लर के खिलाफ दर्ज केस नॉन-बेलेबल है। उन्होंने बताया कि इंस्पेक्टर पवन लांबा और इंस्पेक्टर आरएम शर्मा इस केस में गवाह हैं। CBI के मुताबिक, भुल्लर द्वारा भेजे गए मैसेज में “पूरे 8 लाख करने हैं” जैसी बातें साफ तौर पर अवैध मांग की ओर इशारा करती हैं।
CBI ने यह भी कहा कि पूर्व DIG को 16 अक्टूबर 2025 को मोहाली स्थित CBI कार्यालय से गिरफ्तार किया गया था। छापेमारी के दौरान उनके घर से 7 करोड़ 50 लाख रुपये, महंगी घड़ियां, शराब और गाड़ियों की चाबियां बरामद होने का दावा किया गया है।
विजिलेंस का भी केस, जेल में बंद
CBI ने भुल्लर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। इसके अलावा Punjab Vigilance Bureau ने भी आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। फिलहाल भुल्लर बुड़ैल जेल में बंद हैं।
विश्लेषण (Analysis): खाते डी-फ्रीज बनाम भ्रष्टाचार की जांच
यह मामला अब केवल जमानत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिवार के खातों को फ्रीज करने और वैध आय के दावे पर केंद्रित हो गया है। एक तरफ भुल्लर पेंशन और खेती की आय का हवाला दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर CBI बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और संपत्ति बरामदगी का दावा कर रही है। अदालत का अगला फैसला यह तय करेगा कि जांच के दौरान परिवार के खातों पर रोक कितनी जायज है और एजेंसियों की कार्रवाई की सीमा क्या होनी चाहिए।
जानें पूरा मामला
DIG हरचरण सिंह भुल्लर को 2025 में CBI ने रिश्वत और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में गिरफ्तार किया था। जमानत खारिज होने के बाद अब उन्होंने अपने पिता और बेटी के खातों को डी-फ्रीज कराने के लिए CBI कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पूर्व DIG भुल्लर ने CBI कोर्ट में खातों को डी-फ्रीज करने की अर्जी दी
- पिता-बेटी के 10 खातों में पेंशन और खेती की आय का दावा
- CBI को नोटिस, 6 फरवरी तक जवाब मांगा
- बिचौलिए किश्नु शारदा की जमानत याचिका खारिज
- भुल्लर पर रिश्वत और आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोप








