कैप्टन ग्रुप के मंत्री व विधायकों ने नवजोत सिद्धू के करीबियों के खि़लाफ़ सख्त कार्यवाही करने की मांग की


चंडीगढ़ , 24 अगस्त (The News Air)

नवजोत सिद्धू के दो सहयोगियों की तरफ से देश विरोधी और पाकिस्तान समर्थित की जा रही टिप्पणियों का सख़्त नोटिस लेते हुये पंजाब कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों के एक समूह ने मंगलवार को मालविन्दर माली और प्यारे लाल गर्ग के विरुद्ध कानून के मुताबिक सख़्त कार्यवाही करने की माँग की है।

कैबिनेट मंत्रियों ब्रह्म महिंद्रा, विजय इंदर सिंगला, भारत भूषण आशु, बलबीर सिंह सिद्धू और साधु सिंह धर्मसोत के इलावा विधायक राज कुमार वेरका ने कहा कि पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू के इन दोनों नव-नियुक्त सलाहकारों के बयान स्पष्ट तौर पर भारत के हितों के विरुद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरनाक हैं।

माली और गर्ग के खि़लाफ़ सख़्त कानूनी कार्यवाही के इलावा उन्होंने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय लीडरशिप से अपील की कि पार्टी और देश के हित के लिए सिद्धू को तुरंत अपने सहयोगियों पर लगाम लगाने के निर्देश दिए जाएँ। मंत्रियों ने ज़ोर देते हुये कहा कि कांग्रेस ने देश की सुरक्षा और शान्ति के लिए बहुत बलिदान दिये हैं, जैसे सरहदों पर हमारे फ़ौजी देश के लिए करते हैं। किसी को भी इन बलिदानों को दांव पर लगाने और हमारे देश और इसके लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने की इजाज़त नहीं दी जा सकती और न ही ऐसा करने की आज्ञा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान ख़ास तौर पर सरहदी राज्य पंजाब के लिए गंभीर साबित हो सकते हैं।

नजदीकी सहयोगियों की तरफ से ऐसे देश विरोधी और पाक समर्थित बयानों पर सिद्धू की तरफ से कोई कार्यवाही करने में असफल रहने के कारण सिद्धू पर सवाल उठाते हुये इन कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि हालाँकि इसके खि़लाफ़ पार्टी स्तर पर भी आवाज़ उठी है, परन्तु इस मामले पर सिद्धू की चुप ने विरोधी पार्टियों को बोलने का मौका दिया जो पहले ही पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख के साथ नज़दीकी को उछालने के लिए तत्पर थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यह घटनाक्रम कांग्रेस पार्टी को 2022 के पंजाब विधान सभा मतदान, जिनमें छह महीनों से भी कम समय है, नुकसान पहुंचा सकता है।

एक बयान में पंजाब कांग्रेस के चार नेताओं ने कश्मीर संबंधी माली के बयान को जम्मू -कश्मीर के बारे भारत की मौजूदा स्थिति के लिहाज़ से ख़तरनाक और अस्वीकार्य करार दिया। जम्मू-कश्मीर को भारत का अटूट अंग घोषित करने वाली भारत की संसद के 1994 के सर्वसम्मति से पास किये प्रस्ताव पर सवाल उठाते (जिसको 2012 में दोहराया गया था) हुये माली ने पाकिस्तान की हाँ में हाँ मिलाई है, जो इस क्षेत्र पर अपना दावा करता आ रहा है और कुछ ख़ास हिस्सों जैसे अधिकृत कश्मीर पर कबिज़ भी है।

मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की पाकिस्तान के प्रति आलोचना का विरोध करने वाले गर्ग का बयान भी पाकिस्तान समर्थित झुकाव को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी जो सरहद पार से पंजाब और भारत को अस्थिर करने की लगातार कोशिशों की निंदा नहीं करता, वह दुश्मन के हाथों में खेल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान से आए दिन ड्रोन पंजाब में हथियार और नशा फैंक रहे हैं। हमारे जवान सरहद पर शहीद हो रहे हैं। ऐसे हालातों में कौन सा देशभगत होगा जो ऐसे कामों की निंदा नहीं करेगा।
भारत में अमन और शान्ति को सरहद पार से खतरे का हवाला देते हुये मंत्रियों ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी टिप्पणियों को अगर सख़्ती से न रोका गया तो यह देश विरोधी बयानों, जिनको राष्ट्र विरोधी ताकतों द्वारा उत्साहित किया जा रहा है, का आधार बनेगी।
पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विवादित और बेहद आपत्तिजनक स्कैच को पोस्ट करने के लिए माली की निंदा करते हुये इसको कांग्रेस पार्टी विरोधी एक और कदम करार दिया।


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