Canada Immigration Rules में हाल ही में हुए बदलाव ने स्टडी (Study), वर्क (Work) और टूरिस्ट (Tourist) वीजा पर गए लाखों भारतीयों की चिंता बढ़ा दी है। कनाडा (Canada) की सरकार ने इमिग्रेशन और रिफ्यूजी प्रोटेक्शन रेगुलेशंस (Immigration and Refugee Protection Regulations) में संशोधन किया है, जिससे अब सीमा अधिकारी (Border Officers) किसी भी अस्थायी निवासी वीजा (Temporary Resident Visa – TRV) या इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (Electronic Travel Authorization – eTA) को कभी भी रद्द कर सकते हैं।
भारतीय स्टूडेंट्स पर सबसे ज्यादा असर
नए नियमों का सबसे बड़ा प्रभाव भारतीय छात्रों और कर्मचारियों पर पड़ने की संभावना है। वर्तमान में कनाडा में लगभग 4,27,000 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यह नया कानून उन सभी छात्रों और वर्क परमिट धारकों पर लागू होगा, जिनकी स्थिति या दस्तावेज़ों में किसी भी प्रकार की गलती पाई जाएगी। अगर सीमा अधिकारी यह मानता है कि कोई व्यक्ति अपनी वीजा अवधि समाप्त होने के बाद कनाडा नहीं छोड़ेगा, तो उसका वीजा रद्द किया जा सकता है।
वर्क परमिट और टूरिस्ट वीजा पर भी बढ़ा खतरा
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति स्थायी निवासी (Permanent Resident) बन जाता है या उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसका स्टडी या वर्क परमिट रद्द किया जा सकता है। इतना ही नहीं, अगर किसी दस्तावेज़ में प्रशासनिक त्रुटि पाई जाती है, तो भी अधिकारी को उसे रद्द करने का अधिकार होगा।
SDS वीजा कार्यक्रम पर भी पड़ा असर
कनाडा सरकार के इस फैसले से Student Direct Stream (SDS) वीजा कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ है, जिसे 2024 के अंत तक रद्द किया जा सकता है। इसके कारण भारतीय छात्रों को अब वीजा प्राप्त करने के लिए और अधिक कठिन प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ेगा।
भारतीय पर्यटकों पर भी असर
जनवरी से जुलाई 2024 के बीच कनाडा ने भारतीय नागरिकों को 3,65,750 विज़िटर वीज़ा (Visitor Visas) जारी किए थे, जो 2023 में इसी अवधि के दौरान जारी किए गए 3,45,631 वीज़ा से अधिक थे। नए नियमों के कारण अब इन वीज़ा धारकों पर भी खतरा मंडरा रहा है। अगर किसी पर्यटक की परिस्थितियाँ बदल जाती हैं, तो उसका वीज़ा भी रद्द किया जा सकता है।
नए नियमों से क्यों बढ़ी चिंताएं?
इन नए नियमों से हर साल हजारों विदेशी नागरिकों पर असर पड़ने की संभावना है। विशेष रूप से भारतीय समुदाय, जो कनाडा में पढ़ाई और काम करने के लिए बड़ी संख्या में जाता है, अब असमंजस की स्थिति में है। कनाडा में पढ़ाई और काम करने का सपना देखने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है।