गुरूवार, 5 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home Breaking News

Budget 2026: शेयर मार्केट को लगा तगड़ा झटका, STT बढ़ने से 1600 पॉइंट टूटा

बजट में कॉर्पोरेट को राहत, रिटेल निवेशकों पर शिकंजा, किसान-मजदूर-आम आदमी का जिक्र गायब

The News Air Team by The News Air Team
रविवार, 1 फ़रवरी 2026
A A
0
Budget 2026
104
SHARES
693
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Budget 2026 STT Hike Stock Market Crash: केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही शेयर बाजार में भूचाल आ गया। जैसे ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करने का ऐलान किया, बाजार एक झटके में 1600 पॉइंट नीचे गिर गया। यह बजट एक बड़ा संदेश लेकर आया है – सरकार अब छोटे निवेशकों को शेयर बाजार से हतोत्साहित करना चाहती है और बड़े कॉर्पोरेट प्लेयर्स के हाथों में देश की अर्थव्यवस्था की कमान सौंपना चाहती है।


यह बजट कई मायनों में अलग है। इस बार बजट भाषण में किसान, मजदूर, आम आदमी या मिडिल क्लास का सीधा जिक्र नहीं था। सरकार का पूरा फोकस कॉर्पोरेट सेक्टर, MSME और सर्विस सेक्टर पर रहा। यह एक साफ संकेत है कि सरकार की आर्थिक नीति की दिशा बदल रही है।

STT बढ़ोतरी से बाजार में हड़कंप

बजट पेश होने के दौरान दोपहर 12:07 बजे जैसे ही STT बढ़ाने की घोषणा हुई, बाजार तुरंत 1600 पॉइंट नीचे आ गया। बाद में कुछ संभला जरूर, लेकिन झटका गहरा था। यह दर्शाता है कि बाजार इस घोषणा का इंतजार कर रहा था।

यह भी पढे़ं 👇

Aaj Ka Rashifal 5 March 2026

Aaj Ka Rashifal 5 March 2026: गुरुवार को किन राशियों पर बरसेगा धन?

गुरूवार, 5 मार्च 2026
Trump Iran War Crisis

Trump Iran War Crisis: व्हाइट हाउस में हड़कंप, सेनेटर्स बोले ‘कोई प्लान ही नहीं!’

बुधवार, 4 मार्च 2026
Cockroaches in Coffee

Cockroaches in Coffee: क्या सच में कॉफी में होते हैं कॉकरोच?

बुधवार, 4 मार्च 2026
Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader

Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader : अरबों के मालिक हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर

बुधवार, 4 मार्च 2026

STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करना मतलब 150% की बढ़ोतरी है। यह कदम रिटेल निवेशकों को फ्यूचर्स और ऑप्शंस में सट्टेबाजी से रोकने के लिए उठाया गया है। सरकार चाहती है कि छोटे निवेशक कैश में डील करें, भविष्य की सट्टेबाजी छोड़ें।

बायबैक टैक्स में बड़ा बदलाव

पिछले साल सरकार ने बायबैक को कैपिटल गेन से जोड़ दिया था। तब प्रमोटर्स को 30% टैक्स देना पड़ता था। इस बार इसे घटाकर 20% कर दिया गया है। यह बड़े शेयरहोल्डर्स के लिए राहत है।

वित्त मंत्री ने साफ कहा – “इन द इंटरेस्ट ऑफ माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स, आई प्रपोज टू टैक्स बायबैक फॉर ऑल टाइप्स ऑफ शेयरहोल्डर्स एज कैपिटल गेन्स।” लेकिन साथ ही यह भी कहा कि टैक्स आर्बिट्राज के मिसयूज को रोकने के लिए प्रमोटर्स को एडिशनल बायबैक टैक्स देना होगा।

सरकार का असली मकसद क्या है?

यह बजट एक साफ संदेश देता है – सरकार चाहती है कि शेयर बाजार में लिमिटेड प्लेयर्स रहें। बड़े कॉर्पोरेट हाउसेस कैश डील करें। उन पर सरकार की निगाह और निगरानी रहे। वे पॉलिटिकल फंडिंग करते रहें। राजनीति भी चले, धंधा भी चले।

देश में 17 करोड़ डीमैट अकाउंट हैं। इनमें से बड़ी संख्या छोटे शहरों और गांवों के निवेशकों की है जो छोटी-छोटी सट्टेबाजी से कमाई करते थे। अब इनको डिस्करेज किया जा रहा है।

बजट बनाम खर्च: चौंकाने वाले आंकड़े

सरकार की असली मुश्किल यह है कि बजट में जो पैसा एलोकेट किया जाता है, विभाग उसे खर्च ही नहीं कर पाते। पिछले साल के आंकड़े देखें:

खेती के लिए ₹1,58,838 करोड़ का बजट था, लेकिन सिर्फ ₹1,51,853 करोड़ ही खर्च हुआ। यानी ₹7,000 करोड़ खर्च ही नहीं हो पाए। इस बार ₹1,62,671 करोड़ का बजट बना दिया गया।

एजुकेशन में ₹1,28,650 करोड़ का बजट था, सिर्फ ₹1,21,000 करोड़ खर्च हुआ। इस बार ₹1,39,000 करोड़ का बजट है।

हेल्थ सेक्टर में ₹98,031 करोड़ का बजट था, ₹94,625 करोड़ खर्च हुआ। इस बार ₹1,44,599 करोड़ का बजट बना दिया गया।

सोशल वेलफेयर के लिए ₹60,000 करोड़ था, सिर्फ ₹50,000 करोड़ खर्च हुआ। इस बार ₹62,000 करोड़ का बजट है।

अर्बन डेवलपमेंट में ₹96,000 करोड़ का बजट था, सिर्फ ₹57,000 करोड़ खर्च हुए। इस बार ₹85,000 करोड़ का बजट है।

कॉर्पोरेट के लिए राहत ही राहत

इस बजट में MSME के लिए ₹10,000 करोड़ की विकास निधि बनाई गई है। आत्मनिर्भर भारत निधि ₹2,000 करोड़ की है। छोटी इंडस्ट्रीज के लिए भी ₹2,000 करोड़ हैं। इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए ₹4,000 करोड़ और कार्बन कैप्चर के लिए ₹20,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जो ₹11.2 लाख करोड़ था, उसे बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया। MSME को ट्रेड्स से ₹7 लाख करोड़ की फंडिंग होगी।

सर्विस सेक्टर को 10% ग्लोबल हिस्सेदारी का टारगेट

भारत का सर्विस सेक्टर दुनिया में मशहूर है। इस बजट में टारगेट रखा गया है कि भारत का सर्विस सेक्टर दुनिया के बाजार में 10% योगदान दे। इसके लिए विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे देने का प्रावधान किया गया है जो भारत से क्लाउड सर्विसेज और डेटा सेंटर सर्विसेज देती हैं।

IT सेक्टर जो बेंगलुरु और हैदराबाद में डगमगा रहा था, उसको संभालने की कोशिश है। इसके लिए 15% का सेफ हार्बर भी दिया गया है।

बैंक रिफॉर्म और फॉरेक्स कमेटी

बैंकों की शिकायत है कि उनके पास लिक्विडिटी नहीं है। जो लोन बड़े कॉर्पोरेट हाउसेस को दिया जाता है, उससे बैंक परेशान हैं। इसलिए अब बैंक रिफॉर्म की तरफ बढ़ने की बात है। फॉरेन करेंसी के लिए भी एक कमेटी बनेगी।

SBI के चेयरमैन ने भी कमेंट किया था कि बैंक और शेयर बाजार के बीच एक प्लेइंग फील्ड होनी चाहिए।

विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

जब शेयर बाजार 2000 पॉइंट नीचे था, तब राहुल गांधी से पूछा गया तो उन्होंने कहा – “मैं क्या कहूं? अगर वो लोग डिसअपॉइंटेड हैं तो हम क्या खुश हो सकते हैं क्या?”

ममता बनर्जी ने कहा – “What they said about three corridors, that is absolutely a garbage of lie, blatant lies. It is already on process.”

Reliance और तेल का मुद्दा

भारत की बड़ी मजबूरी एनर्जी और तेल है। Reliance एक वक्त वेनेजुएला और रूस से तेल खरीदती थी। अमेरिका ने रोक लगा दी। ईरान से भी तेल मंगाना बंद करना पड़ा। चाबहार का रास्ता भी अटक गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ऐलान कर दिया कि भारत अब वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। यह वो स्थिति है जिसमें भारत के बड़े कॉर्पोरेट को भी भरोसा नहीं है कि सरकार अमेरिका के सामने खड़ी हो पाएगी।

Rare Earth के लिए स्पेशल कॉरिडोर

भारत की ऑटो इंडस्ट्री चीन के रेयर अर्थ पर निर्भर है। भारत की कंपनियों के डायरेक्टर्स चीन सरकार से मिलने गए थे। पहली बार भारत को समझ आया कि ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में रेयर अर्थ के लिए स्पेशल कॉरिडोर बनाना होगा। लेकिन इसके लिए अभी कोई ठोस बजट नहीं है।

टेक्सटाइल सेक्टर और महात्मा गांधी ग्राम स्वराज

भारत टेक्सटाइल में पिछड़ रहा है। चीन का धागा और बांग्लादेश का बाजार हावी है। इसलिए नेशनल फाइबर स्कीम बनाई जाएगी। नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को मदद मिलेगी। मेगा टेक्सटाइल पार्क बनेंगे।

महात्मा गांधी ग्राम स्वराज के तहत खादी को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रोडक्शन, ट्रेनिंग और मार्केटिंग की दिशा में काम होगा।

आम आदमी पर असर

इस बजट का सीधा संदेश है – अगर आप छोटे निवेशक हैं तो शेयर बाजार में सट्टेबाजी छोड़िए। FD में पैसा रखेंगे तो 5-6% ब्याज मिलेगा। सेविंग में 2.5% मिलेगा। लेकिन महंगाई का डाटा सरकार अपने हाथ में रखती है। बाजार में बढ़ती कीमतें और बैंकों का ब्याज दर मेल नहीं खाते।

रुपये की वैल्यू लगातार गिर रही है। एशियाई देशों में भी कई करेंसी के मुकाबले भारतीय रुपया नीचे है।

क्या है पृष्ठभूमि

यह बजट एक बड़े बदलाव का संकेत है। सरकार के कंधे अर्थव्यवस्था संभालते-संभालते थक गए हैं। जियोपॉलिटिक्स के दबाव में भारत को अपनी रणनीति बदलनी पड़ रही है। एक तरफ अमेरिका का टैरिफ दबाव है, दूसरी तरफ चीन से प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में सरकार ने फैसला किया है कि बड़े कॉर्पोरेट और MSME को आगे किया जाए और वे देश की अर्थव्यवस्था का बोझ उठाएं।

देश में 7 करोड़ लोग टैक्स देते हैं। उन्हीं का बाजार है। उसी के लिए यह पूरा खेल है। बाकी 100 करोड़ से ज्यादा लोगों का इस बजट में कोई खास जिक्र नहीं है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • STT में 150% बढ़ोतरी: सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स 0.02% से बढ़कर 0.05% हुआ, जिससे शेयर बाजार एक झटके में 1600 पॉइंट गिर गया। यह छोटे निवेशकों को सट्टेबाजी से रोकने का कदम है।
  • बजट vs खर्च का फर्क: पिछले साल कई सेक्टर में बजट का पैसा खर्च ही नहीं हो पाया – खेती में ₹7,000 करोड़, अर्बन डेवलपमेंट में ₹39,000 करोड़ बचे रह गए।
  • कॉर्पोरेट फोकस: MSME के लिए ₹10,000 करोड़ की विकास निधि, सर्विस सेक्टर को 10% ग्लोबल हिस्सेदारी का टारगेट, और विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे।
  • किसान-मजदूर गायब: इस बार के बजट भाषण में किसान, मजदूर, आम आदमी और मिडिल क्लास का सीधा जिक्र नहीं था।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: Budget 2026 में STT कितना बढ़ा?

उत्तर: STT (Securities Transaction Tax) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है। यह 150% की बढ़ोतरी है। इससे फ्यूचर्स और ऑप्शंस में ट्रेडिंग करने वालों पर ज्यादा टैक्स बोझ आएगा।

Q2: शेयर बाजार क्यों गिरा Budget 2026 में?

उत्तर: जैसे ही STT बढ़ाने की घोषणा हुई, बाजार एक झटके में 1600 पॉइंट नीचे गिर गया। यह इसलिए हुआ क्योंकि निवेशकों को लगा कि सरकार रिटेल निवेशकों को discourage कर रही है।

Q3: Budget 2026 में MSME के लिए क्या है?

उत्तर: MSME के लिए ₹10,000 करोड़ की विकास निधि बनाई गई है। इसके अलावा ट्रेड्स से ₹7 लाख करोड़ की फंडिंग होगी। टैक्स डिस्प्यूट सेटलमेंट भी आसान किया गया है।

Q4: इनकम टैक्स स्लैब में क्या बदलाव हुआ?

उत्तर: Budget 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पुरानी दरें जारी हैं।

Q5: कैंसर दवाओं पर टैक्स कम हुआ क्या?

उत्तर: हां, कैंसर की दवाओं पर जो 5% इंपोर्ट शुल्क लगता था, वह हटा दिया गया है। कुछ दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री की गई हैं।

Previous Post

Halwara Airport Naming: शहीद सराभा को सम्मान दिलाने की मान की अपील

Next Post

Gender Budget 2026: महिलाओं को मिला 5.08 लाख करोड़ का Gender Budget तोहफा

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Aaj Ka Rashifal 5 March 2026

Aaj Ka Rashifal 5 March 2026: गुरुवार को किन राशियों पर बरसेगा धन?

गुरूवार, 5 मार्च 2026
Trump Iran War Crisis

Trump Iran War Crisis: व्हाइट हाउस में हड़कंप, सेनेटर्स बोले ‘कोई प्लान ही नहीं!’

बुधवार, 4 मार्च 2026
Cockroaches in Coffee

Cockroaches in Coffee: क्या सच में कॉफी में होते हैं कॉकरोच?

बुधवार, 4 मार्च 2026
Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader

Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader : अरबों के मालिक हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर

बुधवार, 4 मार्च 2026
Bihar Board 12th Result 2026

Bihar Board 12th Result 2026: मार्च के अंत तक आ सकता है रिजल्ट!

बुधवार, 4 मार्च 2026
Trump

US Iran War: ईरान के बाद Trump का Ecuador में नया ऑपरेशन शुरू!

बुधवार, 4 मार्च 2026
Next Post
Gender Budget

Gender Budget 2026: महिलाओं को मिला 5.08 लाख करोड़ का Gender Budget तोहफा

Small Taxpayers

Budget 2026: Small Taxpayers को अफसरों के चक्कर से मिलेगी मुक्ति, TDS Rules बदले

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।