Budget Session 2025 की शुरुआत के साथ ही राजनीतिक विवाद गहराने लगा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) के अभिभाषण पर कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) की टिप्पणी ने सियासी हलचल मचा दी है। सोनिया गांधी ने कहा –
“राष्ट्रपति अंत तक बहुत थकी हुई लग रही थीं, मुश्किल से बोल पा रही थीं। बेचारी महिला।”
उनकी इस टिप्पणी पर भाजपा (BJP) ने कड़ा विरोध जताया है, वहीं कांग्रेस इसे “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” बता रही है।
राष्ट्रपति मुर्मू के अभिभाषण पर राहुल गांधी ने क्या कहा?
Rahul Gandhi ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति का भाषण बेहद उबाऊ (Boring) था और इसमें कुछ नया नहीं था।
भाजपा नेताओं ने राहुल और सोनिया के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रपति पद की गरिमा का अपमान है।
सत्ता पक्ष ने इसे कांग्रेस की ‘महिला विरोधी मानसिकता’ करार दिया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने अभिभाषण में क्या कहा?
किसानों की आय (Farmers’ Income) बढ़ाने पर सरकार का फोकस।
अनुच्छेद 370 (Article 370) हटने के बाद जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) में शांति और विकास का माहौल।
पूर्वोत्तर (Northeast) में शांति समझौतों (Peace Agreements) के जरिए उग्रवाद को खत्म करने की कोशिश।
‘विकसित भारत’ (Developed India) के लक्ष्य को पूरा करने की सरकार की योजनाएं।
विपक्ष ने राष्ट्रपति के भाषण पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सोनिया गांधी का बयान:
“राष्ट्रपति मुर्मू थकी हुई लग रही थीं, मुश्किल से बोल पा रही थीं।”
“कृषि और किसानों को लेकर सरकार की बातें केवल दिखावा हैं।”
“संविधानिक पदों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन सरकार जनता को गुमराह कर रही है।”
राहुल गांधी का बयान:
“राष्ट्रपति का भाषण बोरिंग था, इसमें कुछ नया नहीं था।”
“सरकार सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है।”
भाजपा का पलटवार:
“कांग्रेस महिलाओं का सम्मान करना नहीं जानती, सोनिया गांधी की टिप्पणी अस्वीकार्य है।”
“राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को बोरिंग कहकर उनकी गरिमा का अपमान किया।”
“अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस की चुप्पी दिखाती है कि उन्हें देशहित से ज्यादा अपनी राजनीति की चिंता है।”
अनुच्छेद 370 और पूर्वोत्तर पर क्या बोलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू?
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद अभूतपूर्व विकास हुआ है।
लोकसभा और विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से हुए।
सरकार ने पूर्वोत्तर के लोगों के दिल से दूरियों का भाव समाप्त किया।
10 से अधिक शांति समझौतों (Peace Agreements) से उग्रवादियों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश।
‘अष्टलक्ष्मी महोत्सव’ (Ashtalakshmi Mahotsav) के जरिए पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता दी गई।
राजनीतिक हलचल तेज, सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
सोनिया गांधी की ‘बेचारी महिला’ टिप्पणी पर भाजपा हमलावर।
राहुल गांधी के ‘बोरिंग भाषण’ बयान पर कांग्रेस के नेता बचाव में।
भाजपा ने इसे राष्ट्रपति पद की गरिमा के खिलाफ बताया।
विपक्ष का दावा – सरकार केवल जुमलेबाजी कर रही है।
संसद के बजट सत्र (Budget Session 2025) के पहले दिन ही राजनीतिक हलचल तेज।
सोनिया गांधी की “बेचारी महिला” टिप्पणी पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरा।
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के भाषण को “बोरिंग” बताया।
अनुच्छेद 370 और पूर्वोत्तर विकास पर सरकार की बड़ी घोषणाएं।
विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस जारी।
क्या सोनिया गांधी का बयान कांग्रेस के लिए नया विवाद खड़ा करेगा? क्या राष्ट्रपति के भाषण पर विपक्ष का हमला राजनीतिक फायदे के लिए था? आने वाले दिनों में सियासी हलचल और बढ़ने की संभावना है।








