BMC Election Politics : महाराष्ट्र के ठाणे जिले में नगर निगम चुनाव से पहले सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। अंबरनाथ नगर परिषद से जुड़ी राजनीति में कांग्रेस को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब उसके निलंबित 12 पार्षद एक साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है, जब पूरे राज्य में नगर निगम चुनाव को लेकर दलों की रणनीति निर्णायक मोड़ पर है।
मामला ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद से जुड़ा है, जहां पहले कांग्रेस, बीजेपी और एनसीपी ने मिलकर अंबरनाथ विकास आघाड़ी बनाई थी। इस गठजोड़ ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया था, लेकिन अंदरूनी सियासत और पार्टी लाइन से अलग रुख के चलते कांग्रेस ने अपने 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया। अब यही पार्षद औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल हो गए हैं।

बीजेपी में शामिल हुए 12 पार्षद, कांग्रेस को करारा झटका
बीएमसी चुनाव से पहले कांग्रेस के निलंबित सभी 12 पार्षदों का बीजेपी में जाना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इन पार्षदों को महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चौहान ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर उन्होंने बीजेपी की “विकासमुखी और जनहितैषी कार्यशैली” का जिक्र किया और नए सदस्यों का स्वागत किया।
अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव का पूरा समीकरण
अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में शिंदे गुट की शिवसेना को सबसे ज्यादा 27 सीटें मिली थीं, लेकिन बहुमत से वह चार सीटें पीछे रह गई थी। बीजेपी ने 14, कांग्रेस ने 12 और एनसीपी ने 4 सीटें जीती थीं। इसके बाद बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी ने मिलकर अंबरनाथ विकास आघाड़ी बनाई और एक निर्दलीय पार्षद को साथ लेकर 32 का आंकड़ा छू लिया, जो बहुमत से ज्यादा था।
कांग्रेस की कार्रवाई और बदली सियासी तस्वीर
आघाड़ी बनने के बाद कांग्रेस नेतृत्व को यह गठजोड़ रास नहीं आया और पार्टी लाइन से अलग जाकर राजनीति करने के आरोप में 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया गया। अब यही निलंबित पार्षद बीजेपी का दामन थाम चुके हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषण: चुनाव से पहले बीजेपी की बढ़त
इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर आने वाले नगर निगम चुनाव पर पड़ सकता है। एक तरफ कांग्रेस को संगठनात्मक कमजोरी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी अपनी ताकत बढ़ाने में जुटी दिख रही है। अंबरनाथ में हुआ यह राजनीतिक फेरबदल यह भी दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर सत्ता संतुलन कितनी तेजी से बदल सकता है और इसका असर राज्यव्यापी राजनीति तक जा सकता है।
जानें पूरा मामला
अंबरनाथ नगर परिषद में पहले कांग्रेस, बीजेपी और एनसीपी के साझा मोर्चे ने बहुमत बनाकर सबको चौंका दिया था, लेकिन कांग्रेस की सख्त कार्रवाई के बाद समीकरण पूरी तरह बदल गया। अब 12 पार्षदों के बीजेपी में जाने से अंबरनाथ की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो गया है, जिसका असर आने वाले बीएमसी और अन्य नगर निगम चुनावों में देखने को मिल सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- कांग्रेस के निलंबित 12 पार्षद बीजेपी में शामिल हुए
- अंबरनाथ नगर परिषद की राजनीति में बड़ा उलटफेर
- बीएमसी चुनाव से पहले कांग्रेस को संगठनात्मक झटका
- बीजेपी की स्थिति स्थानीय स्तर पर और मजबूत








