Bird Flu Bihar: बिहार में बर्ड फ्लू (Avian Influenza) का खतरा अब गंभीर रूप ले चुका है। पटना स्थित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (Bihar Animal Sciences University) के अंतर्गत आने वाली मुख्य पोल्ट्री यूनिट में बर्ड फ्लू फैलने की पुष्टि के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। करीब 6,000 बटेर और मुर्गियों को एहतियातन मार दिया गया और उन्हें 10 फीट गहरे गड्ढे में नमक डालकर दफना दिया गया।
यह कार्रवाई तब की गई जब आसपास के इलाकों में कुछ कौवों के रहस्यमय तरीके से मरने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सतर्क होकर पोल्ट्री यूनिट में जांच कराई, जिसमें H5N1 वायरस की पुष्टि हुई।
10 फीट गहरे गड्ढे में नमक के साथ दफनाया गया
बर्ड फ्लू की दहशत के बीच यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर 6,000 बटेर और मुर्गियों को मार डाला गया। सावधानी के लिए मौके पर मौजूद सभी कर्मचारियों ने पीपीई किट (PPE Kit) पहन रखी थी और मुंह पर मास्क लगा रखा था। इन पक्षियों को मारकर 10 फीट गहरे गड्ढे में नमक के साथ दफनाया गया, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पूरी तरह से सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई है। उन्होंने बताया, “बिहार सरकार के पशुपालन विभाग के द्वारा विश्वविद्यालय के पोल्ट्री रिसर्च ट्रेनिंग सेंटर में यह अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें 6,000 मुर्गे, मुर्गियां और बच्चे हैं, सबको कलिंग (मारने) की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।”
कई जिलों में हाई अलर्ट, 1 किमी के दायरे में सर्विलांस
यूनिवर्सिटी में इतने बड़े पैमाने पर पक्षियों के मारे जाने के बाद आशंका है कि बर्ड फ्लू का संक्रमण आसपास के इलाकों में भी पहुंचा हो सकता है। एहतियातन 1 किलोमीटर के दायरे में बाकी पालतू पक्षियों को भी मारने का अभियान शुरू किया जा रहा है।
बिहार में बढ़ते हुए बर्ड फ्लू के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है। पटना, भागलपुर और दरभंगा जैसे जिलों में कौवों और पक्षियों की मौत के बाद जांच में H5N1 वायरस पाया गया है। स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।
कहां-कहां मिले मामले?
दरअसल, यूनिवर्सिटी प्रशासन को खबर मिली थी कि भागलपुर, मुजफ्फरपुर जैसे अन्य जगहों पर कौवों की मौत हो रही है। इससे सतर्क होकर कुक्कुट प्रशिक्षण संस्थान में जांच कराई गई तो यहां भी मुर्गियों की मौत की खबर सामने आई। जांच में पुष्टि हुई कि यह एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) का मामला है।
फिलहाल राज्य में कहीं भी मानव संक्रमण (Human Infection) की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। पोल्ट्री फार्मों और मुर्गी बाजारों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
‘क्या है पूरा मामला’
बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से पक्षियों में फैलता है। यह H5N1 वायरस के कारण होता है, जो अत्यधिक संक्रामक होता है और पक्षियों में तेजी से फैल सकता है। यह वायरस कभी-कभी मनुष्यों में भी संक्रमण का कारण बन सकता है, खासकर उन लोगों में जो संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में आते हैं। बिहार में हाल के दिनों में कई जिलों में कौवों और अन्य पक्षियों की मौत की खबरें आ रही थीं, जिसके बाद जांच में वायरस की पुष्टि हुई। सरकार ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए यह कदम उठाया है।
मुख्य बातें (Key Points)
Bird Flu Bihar के मामले में पटना के बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में 6,000 मुर्गियां और बटेर मारकर दफनाए गए।
कौवों की मौत के बाद हुई जांच में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
पक्षियों को मारकर 10 फीट गहरे गड्ढे में नमक के साथ दफनाया गया, कर्मचारियों ने PPE किट पहनी।
पटना, भागलपुर और दरभंगा में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है।
1 किलोमीटर के दायरे में अन्य पालतू पक्षियों को मारने का अभियान शुरू, मानव संक्रमण की अभी कोई पुष्टि नहीं।








