Bikram Singh Majithia Punjab Law Order CBI : चंडीगढ़, 6 मार्च 2026। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब में “जंगल राज” की स्थिति बन चुकी है। मोगा जिले के पत्तों गांव के सरपंच हरविंदर सिंह हैप्पी की दिनदहाड़े हत्या का जिक्र करते हुए मजीठिया ने इस मामले में CBI जांच की मांग की और AAP MLA का नाम जुड़ने पर किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग भी की।
पंजाब विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने के पहले ही दिन राज्य में एक और सरपंच की हत्या ने विपक्ष को सरकार पर हमले का बड़ा मौका दे दिया। मजीठिया ने इस हत्या को अकेली घटना के रूप में नहीं, बल्कि जनवरी 2025 से अब तक हुई हत्याओं की एक लंबी और चिंताजनक श्रृंखला के हिस्से के रूप में पेश किया।
‘मोगा सरपंच हत्या: इंटेलिजेंस फेलियर का आरोप’
6 मार्च को मोगा के बाघापुराना इलाके में कोटकपूरा रोड के पास हथियारबंद हमलावर एक गाड़ी में आए, सरपंच हरविंदर सिंह हैप्पी को घेरकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और फरार हो गए। अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई। मजीठिया ने आरोप लगाया कि सरपंच को पहले से धमकियां मिल रही थीं और इस बारे में इंटेलिजेंस इनपुट भी मौजूद थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इसकी तुलना 2022 में सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले हुई कथित इंटेलिजेंस फेलियर से करते हुए कहा कि राज्य की मशीनरी चुने हुए प्रतिनिधियों की सुरक्षा करने में बार-बार नाकाम हो रही है।
‘AAP MLA का नाम जुड़ा, Independent जांच की मांग’
मजीठिया ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस हत्या के सिलसिले में AAP के MLA अमृतपाल सिंह सुखानंद का नाम सामने आया है। उन्होंने मांग की कि जब एक सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक का नाम मर्डर केस में आए, तो ऐसे में राज्य पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसलिए इस मामले की जांच CBI या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।
‘जनवरी से अब तक हत्याओं की लंबी फेहरिस्त’
मजीठिया ने एक के बाद एक हत्याओं की पूरी सूची पेश करते हुए सरकार को घेरा। 4 जनवरी को तरनतारन के वल्टोहा गांव के सरपंच और AAP नेता जरमल सिंह की शादी समारोह में करीब से गोली मारकर हत्या कर दी गई। 25 जनवरी को पटियाला में हेड कांस्टेबल अमनदीप सिंह की चाकू घोंपकर हत्या हुई।
28 जनवरी को मोहाली में SSP ऑफिस के पास गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के चचेरे भाई की हत्या के आरोपी गुरविंदर सिंह को गोली मार दी गई और उसी दिन गुरदासपुर में केमिस्ट रणबीर सिंह की भी हत्या हुई। फरवरी में तरनतारन के ठठियां महंत गांव के सरपंच और AAP नेता हरबिंदर सिंह की 500 से ज्यादा मेहमानों की मौजूदगी में शादी फंक्शन के दौरान सिर में करीब से गोली मारकर हत्या कर दी गई।
28 फरवरी को जालंधर के मॉडल टाउन में AAP नेता लकी ओबेरॉय की गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसकी जिम्मेदारी गैंगस्टर जोगा फोलरीवाल ने ली। 1 मार्च को होशियारपुर के महिंदवानी गुजरां में रिटायर्ड ASI की पत्नी रचना देवी को धार्मिक स्थल से लौटते वक्त गोली मारी गई। और अब 6 मार्च को मोगा के सरपंच हरविंदर सिंह हैप्पी की दिनदहाड़े हत्या हो गई।
‘Sidhu Moosewala हत्या जैसी Intelligence Failure’
मजीठिया ने कहा कि तरनतारन में DC और SSP के घर के पास एक सरपंच का मर्डर हो गया। इससे पहले गुरदासपुर में 19 साल के रंजीत सिंह के कथित फेक एनकाउंटर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राणा बलाचौरिया की हत्या भी इसी कड़ी का हिस्सा है। AK-47 और अत्याधुनिक हथियारों का खुलेआम इस्तेमाल बताता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हो चुके हैं और सरकार व पुलिस का डर पूरी तरह खत्म हो गया है।
‘Acting DGP कुर्सी बचाओ मिशन में व्यस्त: मजीठिया’
मजीठिया ने तरनतारन की शादी में हुई सरपंच हत्या के बाद कार्यवाही एक्टिंग DGP गौरव यादव द्वारा DSP जगबीर सिंह और सरहाली थाने के SHO गुरविंदर सिंह को सस्पेंड करने का जिक्र तो किया, लेकिन साथ ही तीखा तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि एक्टिंग DGP लॉ एंड ऑर्डर ठीक करने के बजाय “कुर्सी बचाओ मिशन” में ज्यादा व्यस्त दिखते हैं। नीचे के अधिकारियों को सस्पेंड कर देने से अपराध नहीं रुकते, इसके लिए ऊपर से नीचे तक पूरी व्यवस्था को ठीक करना होगा।
‘हर नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहा है’
मजीठिया ने कहा कि चाहे व्यापारी हो, व्यवसायी हो या छोटा दुकानदार, पंजाब में हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहा है। राज्य में जंगल जैसे हालात बन चुके हैं और इसके बावजूद सरकार गहरी नींद में सोई हुई है। बजट सत्र के पहले दिन जब राज्य सरकार प्रहार-1 और प्रहार-2 जैसे ऑपरेशन की सफलता का बखान कर रही थी, उसी दिन मोगा में एक सरपंच को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। यह सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई का सबसे बड़ा सबूत है।
‘राजनीतिक संदर्भ’
मजीठिया का यह हमला इस मायने में अहम है कि वे हत्याओं की एक सुनियोजित सूची के साथ सामने आए हैं, जिसमें AAP के अपने नेताओं की हत्याएं भी शामिल हैं। यह दिखाता है कि कानून-व्यवस्था का संकट किसी एक राजनीतिक दल या वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे पंजाब की समस्या बन चुकी है। 2027 के चुनाव से पहले अकाली दल इस मुद्दे को केंद्र में रखकर AAP सरकार को घेरने की पूरी कोशिश कर रहा है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- बिक्रम सिंह मजीठिया ने मोगा सरपंच हरविंदर सिंह हैप्पी हत्या में CBI जांच की मांग की, AAP MLA का नाम जुड़ने पर स्वतंत्र एजेंसी से जांच मांगी।
- जनवरी से मार्च 2026 तक 8 से ज्यादा बड़ी हत्याओं की सूची जारी कर सरकार को घेरा, इनमें दो AAP नेता और दो सरपंच भी शामिल।
- Acting DGP पर तंज: “लॉ एंड ऑर्डर ठीक करने के बजाय कुर्सी बचाओ मिशन में व्यस्त।”
- मजीठिया का आरोप: AK-47 और आधुनिक हथियारों से हत्याएं हो रही हैं, पंजाब में “जंगल राज” बन चुका है।








