Karnataka Deputy CM : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो के आय से अधिक संपत्ति मामले को खारिज करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उपमुख्यमंत्री द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसने पहले उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।
Highlight :
- डीके शिवकुमार को लगा बड़ा झटका
- SC ने CBI जांच रद्द करने की याचिका की खारिज
- इससे पहले आयकर विभाग ने उनके खिलाफ छापेमारी की थी
डीके शिवकुमार को लगा बड़ा झटका
राज्य सरकार द्वारा शिवकुमार के खिलाफ सीबीआई मामले को वापस लेने के बाद सीबीआई ने कर्नाटक उच्च न्यायालय का रुख किया। उच्च न्यायालय भारतीय जनता पार्टी के विधायक बसंगौड़ा पाटिल यतनाल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच के लिए सहमति वापस लेने को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने पहले आय से अधिक संपत्ति मामले में कांग्रेस नेता शिवकुमार के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाने वाले कर्नाटक उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।
SC ने CBI जांच रद्द करने की याचिका की खारिज
कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार ने नवंबर में शिवकुमार के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई जांच वापस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस फैसले से राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच बड़े पैमाने पर राजनीतिक लड़ाई शुरू हो गई थी, जिसमें कांग्रेस ने राज्य मंत्रिमंडल के फैसले की आलोचना करते हुए इसे पूरी तरह से अवैध बताया था। सीबीआई उपमुख्यमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के मामले की जांच कर रही थी। इससे पहले आयकर विभाग ने उनके खिलाफ छापेमारी की थी।
इससे पहले आयकर विभाग ने उनके खिलाफ छापेमारी की थी
2017 में आयकर विभाग ने डीके शिवकुमार पर छापा मारा था, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने जांच की थी। बाद में सीबीआई ने ईडी जांच के निष्कर्षों के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी। 25 सितंबर, 2019 को मंजूरी दी गई और 3 अक्टूबर, 2020 को शिवकुमार पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए।








