Atishi Fake Video Case : दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री Atishi से जुड़े फर्जी वीडियो मामले में बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। जालंधर कोर्ट ने इस केस में अहम आदेश देते हुए वीडियो को डॉक्टर्ड माना है। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि संबंधित वीडियो को सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से 24 घंटे के भीतर हटाया जाए।
यह आदेश उस फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आया है, जिसमें वीडियो को छेड़छाड़ किया हुआ बताया गया है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा
मामले की जांच के दौरान सामने आई फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो असली नहीं है, बल्कि उसमें तकनीकी रूप से बदलाव किया गया है। इसी आधार पर कोर्ट ने तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया।
जालंधर कोर्ट का सख्त रुख
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि फर्जी और भ्रामक कंटेंट लोकतांत्रिक व्यवस्था और सार्वजनिक विश्वास को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए ऐसे वीडियो को बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सोशल मीडिया कंपनियों को 24 घंटे की मोहलत
कोर्ट ने Facebook, Instagram, X और Telegram को निर्देश दिया है कि वे 24 घंटे के भीतर संबंधित वीडियो हटाएं। इसके साथ ही समान या मिलते-जुलते वीडियो भी हटाने के आदेश दिए गए हैं।
साइबर क्राइम विभाग की भूमिका
कोर्ट ने यह भी कहा है कि जैसे ही साइबर क्राइम विभाग किसी अन्य समान वीडियो की जानकारी देगा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बिना देरी के उसे हटाना होगा। इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीतिक असर और विवाद
इस आदेश को राजनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर Bharatiya Janata Party के लिए। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और सोशल मीडिया पर फैलने वाली सामग्री की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
आम लोगों पर असर
यह फैसला आम सोशल मीडिया यूजर्स के लिए भी अहम है। इससे साफ संदेश जाता है कि फर्जी वीडियो और भ्रामक कंटेंट साझा करना कानूनी कार्रवाई को न्योता दे सकता है।

क्या है पृष्ठभूमि
यह विवाद उस वीडियो से जुड़ा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था और जिसमें दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से जुड़ी बातें दिखाई गई थीं। शिकायत के बाद मामला कोर्ट पहुंचा और फॉरेंसिक जांच कराई गई, जिसके बाद यह आदेश आया।
मुख्य बातें (Key Points)
- आतिशी से जुड़े फर्जी वीडियो पर जालंधर कोर्ट का सख्त आदेश
- फॉरेंसिक रिपोर्ट में वीडियो डॉक्टर्ड पाया गया
- फेसबुक, इंस्टाग्राम, X और टेलीग्राम को 24 घंटे में वीडियो हटाने का निर्देश
- समान वीडियो भी तुरंत हटाने के आदेश
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: Atishi Fake Video Case क्या है?
यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो से जुड़ा है, जिसे फॉरेंसिक जांच में फर्जी पाया गया।
प्रश्न 2: कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को क्या आदेश दिए हैं?
कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर वीडियो और उससे मिलते-जुलते कंटेंट हटाने का निर्देश दिया है।
प्रश्न 3: इस मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट का क्या महत्व है?
फॉरेंसिक रिपोर्ट में वीडियो के साथ छेड़छाड़ साबित हुई, जिसके आधार पर कोर्ट ने आदेश दिए।
प्रश्न 4: क्या आगे भी ऐसे वीडियो हटाए जाएंगे?
हां, साइबर क्राइम विभाग की सूचना पर भविष्य में भी ऐसे वीडियो तुरंत हटाने होंगे।
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