Bhagwant Mann Naturopathy Treatment: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान स्वास्थ्य लाभ के लिए बेंगलुरु रवाना हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह सात दिवसीय नैचुरोपैथी (प्राकृतिक चिकित्सा) उपचार के लिए एक निजी नेचर केयर सेंटर में गए हैं। यह यात्रा उस समय हुई है जब वह हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे। मुख्यमंत्री बुधवार शाम को फिरोजपुर फीडर नहर के पुनर्निर्माण और रिलाइनिंग के पहले चरण का उद्घाटन करने के बाद बेंगलुरु के लिए रवाना हुए।
52 वर्षीय मुख्यमंत्री को पिछले दिनों अत्यधिक थकान (exhaustion) के चलते मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 15 फरवरी को संगरूर से उन्हें तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल लाया गया था। अगले दिन उन्हें छुट्टी दे दी गई, जिसके बाद वह मोगा में राज्य सरकार के ड्रग विरोधी अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। हालांकि, उसी दिन दोबारा थकान महसूस होने पर उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया।
19 फरवरी को हुए थे डिस्चार्ज
मुख्यमंत्री को दूसरी बार अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उनकी सेहत पर सबकी नजरें टिकी थीं। आखिरकार 19 फरवरी को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह से आराम करने की सलाह दी थी। इसी सलाह के मद्देनजर अब वह नैचुरोपैथी उपचार के लिए बेंगलुरु गए हैं, ताकि प्राकृतिक चिकित्सा के जरिए वह अपनी ऊर्जा वापस पा सकें।
नैचुरोपैथी (प्राकृतिक चिकित्सा) एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति है जो शरीर को प्राकृतिक रूप से ठीक करने पर जोर देती है। इसमें आहार, जल, मिट्टी, सूर्य की रोशनी और व्यायाम के जरिए शरीर को डिटॉक्स किया जाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जाती है। यह उपचार पद्धति तनाव और थकान से उबरने में काफी कारगर मानी जाती है।
मुख्यमंत्री की व्यस्त दिनचर्या और सेहत पर असर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अपनी व्यस्त दिनचर्या और लगातार जनसंपर्क कार्यक्रमों के लिए जाने जाते हैं। राज्य के कोने-कोने में जाकर वह विकास कार्यों की समीक्षा करते हैं और लोगों से मिलते हैं। उनके इसी व्यस्त शेड्यूल के चलते उनकी सेहत पर असर पड़ा और उन्हें थकान महसूस हुई। हाल ही में हुए अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी, जिसके बाद वह अब बेंगलुरु में इलाज करा रहे हैं।
पंजाब सरकार का ड्रग विरोधी अभियान
गौरतलब है कि पिछले दिनों जब मुख्यमंत्री को पहली बार अस्पताल से छुट्टी मिली थी, तो वह सीधे मोगा में राज्य सरकार के ड्रग विरोधी अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच गए थे। यह उनकी जिम्मेदारी और समर्पण को दर्शाता है कि वह अपनी सेहत की परवाह किए बिना जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। हालांकि, उसी दिन दोबारा थकान महसूस होने पर उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
‘जानें पूरा मामला’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सेहत को लेकर पिछले कुछ दिनों से चिंता जताई जा रही थी। फरवरी के मध्य में उन्हें अचानक तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो बार अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब उन्होंने नैचुरोपैथी इलाज का फैसला किया है। यह उपचार पद्धति शरीर को बिना दवाओं के प्राकृतिक रूप से ठीक करने में मदद करती है। मुख्यमंत्री का यह कदम उनके स्वास्थ्य के प्रति सजगता को दर्शाता है। उम्मीद है कि इस सात दिवसीय इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर वापस लौटेंगे और राज्य के विकास कार्यों में फिर से जुट जाएंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सात दिन के नैचुरोपैथी इलाज के लिए बेंगलुरु रवाना हुए।
वह 19 फरवरी को अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे, जहां उन्हें थकान के चलते भर्ती कराया गया था।
मुख्यमंत्री बुधवार शाम फिरोजपुर फीडर नहर परियोजना का उद्घाटन करने के बाद बेंगलुरु गए।
15 फरवरी को पहली बार और 16 फरवरी को दूसरी बार अस्पताल में भर्ती हुए थे।
नैचुरोपैथी उपचार के जरिए वह अपनी ऊर्जा वापस पाने और शरीर को डिटॉक्स करने का प्रयास करेंगे।








