Bhagwant Mann Chandigarh Row को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। संगरूर जिले के गांव चीमा में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के लोकार्पण के बाद मीडिया से बातचीत में CM मान ने चंडीगढ़ में BJP दफ्तर के बाहर हुए हमले के लिए सीधे केंद्रीय गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ एक केंद्र शासित प्रदेश है जो पूरी तरह केंद्र सरकार के नियंत्रण में आता है, फिर भी BJP हर बार इस तरह की घटनाओं का दोष उन पर थोपने की कोशिश करती है। CM मान ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर चंडीगढ़ की घटनाओं के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है तो केंद्र को चंडीगढ़ पंजाब सरकार को सौंप देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स को लोक विरोधी बताया और किसानों व आढ़तियों के मुद्दे केंद्र के सामने उठाने का भरोसा दिया।
चंडीगढ़ का प्रशासन राज्यपाल चलाते हैं, BJP मुझ पर दोष क्यों मढ़ती है: CM मान
Bhagwant Mann Chandigarh Row पर CM मान ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि यह बात हर कोई जानता है कि चंडीगढ़ का प्रशासन पंजाब के राज्यपाल द्वारा चलाया जाता है, जो केंद्र सरकार के प्रतिनिधि हैं। चंडीगढ़ एक केंद्र शासित प्रदेश है और इसकी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी पूरी तरह केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक के अधिकार क्षेत्र में आती है।
CM मान ने कहा कि चाहे किसान आंदोलन हो, पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में आंदोलन हो या कोई भी अन्य मुद्दा हो, BJP हमेशा सारा दोष उन पर थोपने को तैयार रहती है। जबकि हकीकत यह है कि चंडीगढ़ में कानून-व्यवस्था बनाए रखना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है, पंजाब सरकार की नहीं। उन्होंने कहा कि BJP को इस मुद्दे पर बेबुनियाद और बेतुकी बयानबाजी से बाज आना चाहिए।
“चंडीगढ़ मांगो तो अलगाववाद, घटना हो तो मान जिम्मेदार”: CM का तीखा तंज
Bhagwant Mann Chandigarh Row में CM मान ने केंद्र सरकार की दोहरी नीति पर करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब पंजाब अपनी राजधानी चंडीगढ़ की मांग करता है तो उसे अलगाववादी विचारधारा करार दिया जाता है। लेकिन दूसरी तरफ जब चंडीगढ़ में कोई कानून-व्यवस्था की घटना होती है तो उसका दोष पंजाब के मुख्यमंत्री पर मढ़ दिया जाता है।
CM मान ने सवाल उठाया कि यह कैसा तर्क है कि चंडीगढ़ पर अधिकार तो केंद्र का रहे लेकिन जिम्मेदारी पंजाब सरकार की हो? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार UT चंडीगढ़ में कानून-व्यवस्था कायम रखने के अपने फर्ज से हमेशा भागती आई है। इस राजनीतिक दोषारोपण को रोकने का सीधा रास्ता यही है कि केंद्र अपनी ड्यूटी से भागने की बजाय चंडीगढ़ पंजाब सरकार को सौंप दे।
हिमाचल कांग्रेस सरकार का एंट्री टैक्स लोक विरोधी और गैर-वाजिब: CM मान
Bhagwant Mann Chandigarh Row के अलावा CM मान ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स को पूरी तरह लोक विरोधी और गैर-वाजिब करार दिया। CM मान ने दोनों सरकारों के शासन मॉडल के बीच बड़ा अंतर दर्शाते हुए कहा कि एक तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने टोल टैक्स खत्म करके आम आदमी को राहत दी है, लोगों से वित्तीय बोझ घटाया है।
दूसरी तरफ हिमाचल की कांग्रेस सरकार आम जनता पर बेलोड़ा टैक्स लाद रही है। CM मान ने साफ कहा कि यह कदम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका हर स्तर पर जोरदार विरोध किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर आम जनता में पहले से ही नाराजगी है और पंजाब से हिमाचल जाने वाले वाहनों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
किसानों के मोढे नाल मोढा लाकर खड़ी है पंजाब सरकार: CM मान
CM भगवंत सिंह मान ने किसानों और आढ़तियों के मुद्दों पर भी अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसान भाईचारे के मोढे नाल मोढा लाकर हमेशा खड़ी है। CM ने भरोसा दिलाया कि आढ़तियों की सभी जायज मांगें केंद्र सरकार के सामने लगातार उठाई जाएंगी क्योंकि उनकी सारी मांगें भारत सरकार से संबंधित हैं।
Bhagwant Mann Chandigarh Row के साथ-साथ किसान मुद्दों पर भी CM मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार ने ये मुद्दे पहले भी बार-बार केंद्र के समक्ष उठाए हैं और आगे भी लगातार ऐसा करती रहेगी। उन्होंने कहा कि AAP सरकार किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सुचारू और मुश्किल रहित फसल खरीद सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ प्रतिबद्ध है। पिछले सफल खरीद सीजनों की तरह इस बार भी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्यों अहम है चंडीगढ़ का मुद्दा पंजाब की राजनीति में?
चंडीगढ़ का मुद्दा पंजाब की राजनीति में हमेशा से सबसे संवेदनशील और भावनात्मक रहा है। 1966 में पंजाब के विभाजन के बाद चंडीगढ़ को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया, जबकि पंजाब इसे अपनी राजधानी मानता है और इस पर अपना हक जताता रहा है। हर पंजाबी सरकार चंडीगढ़ पंजाब को सौंपने की मांग करती आई है।
CM मान ने इस पुरानी मांग को फिर से उठाते हुए एक नए राजनीतिक संदर्भ में रखा है। उनका तर्क सीधा और स्पष्ट है कि अगर केंद्र चंडीगढ़ पर नियंत्रण रखना चाहता है तो वहां की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी भी उसकी है। और अगर वह यह जिम्मेदारी पंजाब पर डालना चाहता है तो चंडीगढ़ पंजाब को सौंप दे। यह बयान भाजपा और केंद्र सरकार दोनों के लिए एक राजनीतिक चुनौती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- CM मान ने चंडीगढ़ में BJP दफ्तर के बाहर हमले के लिए केंद्रीय गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया, कहा: चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश है, दोष मुझ पर क्यों?
- मान ने कहा: अगर चंडीगढ़ की घटना के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराया जा रहा है तो केंद्र चंडीगढ़ पंजाब सरकार को सौंप दे।
- हिमाचल कांग्रेस सरकार के एंट्री टैक्स को लोक विरोधी बताया, कहा: AAP ने टोल खत्म किया, कांग्रेस टैक्स लाद रही है; हर स्तर पर विरोध होगा।
- आढ़तियों की जायज मांगें केंद्र सरकार के सामने उठाने और फसल की निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।













