Bangladesh Teacher Appointment : बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस की सरकार ने कट्टरपंथी इस्लामिक समूहों के दबाव के आगे घुटने टेक दिए हैं। सरकार ने सोमवार को प्राथमिक स्कूलों में संगीत (Music) और शारीरिक शिक्षा (Physical Education) शिक्षकों के नए पदों को समाप्त करने का फैसला किया है।
मंत्रालय ने की पुष्टि, दो कैटेगरी हटीं
बांग्लादेश के प्राथमिक एवं जन शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को इस फैसले की पुष्टि की। मंत्रालय के एक अधिकारी मसूद अख्तर खान ने कहा कि नियमों में संशोधन किया गया है और सहायक शिक्षकों की चार कैटेगरी में से दो (संगीत और शारीरिक शिक्षा) को हटा दिया गया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फैसला मजहबी समूहों के दबाव में लिया गया, तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
तालिबान से हो रही तुलना
यूनुस प्रशासन के इस यू-टर्न की तुलना अफगानिस्तान में तालिबान के सख्त रुख से की जा रही है, जिसने स्कूलों में संगीत पर प्रतिबंध लगा दिया है। शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद बनी अंतरिम सरकार के इस फैसले को कट्टरपंथियों की बड़ी जीत माना जा रहा है।
क्या थी कट्टरपंथियों की मांग?
कट्टरपंथी इस्लामिक तत्वों ने सितंबर में ही चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे सड़कों पर उतरेंगे। उनकी मांग थी कि सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में केवल धार्मिक शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाए। ढाका स्थित ‘डेली स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कट्टरपंथियों ने संगीत और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की नियुक्ति को “जबरन और अप्रासंगिक” बताया था।
‘बच्चों को चरित्रहीन बनाना चाहते हैं’
सितंबर में जमात-ए-इस्लामी, खिलाफत मजलिस समेत कई कट्टरपंथी संगठनों ने बैठक की थी। उनका दावा था कि संगीत शिक्षकों की नियुक्ति का असली मकसद भावी पीढ़ी का मजहब में विश्वास खत्म करना और बच्चों को “बर्बाद” करना है।
इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के प्रमुख सैयद रेजाउल करीम ने कहा था, “अब आप संगीत शिक्षक नियुक्त करना चाहते हैं? वे क्या पढ़ाएंगे? आप हमारे बच्चों को अपमानजनक और चरित्रहीन बनाना चाहते हैं? हम इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर यूनुस प्रशासन ने “उनकी मांगों” पर ध्यान नहीं दिया, तो वे सड़कों पर उतरेंगे।
‘इस्कॉन पर बैन लगाने की भी मांग’
यह फैसला यूनुस सरकार द्वारा इस्लामी दबाव में लिए गए कई नीतिगत फैसलों में से एक है। शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद बनी अंतरिम सरकार के राज में कट्टरपंथी समूह खुद को ज्यादा निडर महसूस कर रहे हैं। संगीत शिक्षकों के विरोध के अलावा, बांग्लादेश में कट्टरपंथी समूह अब इस्कॉन (ISKCON) पर भी बैन लगाने की मांग कर रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points):
- बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने कट्टरपंथियों के दबाव में स्कूलों से संगीत और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की बहाली रद्द कर दी है।
- कट्टरपंथी नेताओं ने संगीत शिक्षकों को “अप्रासंगिक” और “बच्चों को चरित्रहीन बनाने वाला” बताया था।
- सितंबर में कट्टरपंथी संगठनों ने चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांगें (सिर्फ धार्मिक शिक्षकों की भर्ती) नहीं मानी गईं, तो वे सड़कों पर उतरेंगे।
- इस फैसले की तुलना अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा संगीत पर लगाए गए प्रतिबंध से की जा रही है।








