Arvind Kejriwal Liquor Scam: दिल्ली की शराब नीति (Excise Policy) से जुड़े मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अब अगली कानूनी लड़ाई के लिए तैयार हैं। सीबीआई (CBI) केस में मिली इस बड़ी राहत के बाद अब उनका ध्यान प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग केस पर है। सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल आज के फैसले को आधार बनाते हुए ईडी के केस को नई चुनौती देंगे। इसके अलावा, वह आज शाम 4 बजे एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने वाले हैं, जहां वह आगे की रणनीति और अपने विचार रख सकते हैं।
गौरतलब है कि सीबीआई केस में कोर्ट ने न सिर्फ केजरीवाल को बरी किया, बल्कि मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को भी बरी कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि सीबीआई अपने आरोपों को साबित करने में नाकाम रही और उसके पास कोई ठोस सबूत नहीं थे। इस फैसले के बाद अब ईडी के केस की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
अब क्या होगा? केजरीवाल की अगली रणनीति
अरविंद केजरीवाल अब क्या करेंगे? यह सवाल हर किसी के मन में है। तो चलिए समझते हैं। सबसे पहले, वह ईडी के केस को नई चुनौती देंगे। आज के फैसले को आधार बनाते हुए प्रवर्तन निदेशालय के जो केस था, उसको अरविंद केजरीवाल की तरफ से चुनौती दी जाएगी। चूंकि सीबीआई केस में कोर्ट ने साफ कर दिया कि कोई सबूत नहीं है, ऐसे में ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग केस भी कमजोर पड़ सकता है।
दूसरी बात, अरविंद केजरीवाल खुद मोर्चे पर उतरेंगे। आज शाम 4 बजे वह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। माना जा रहा है कि उसी मुखरता और आक्रामक अंदाज में, जिसके लिए वह जाने जाते हैं, वह सरकार पर हमला बोलेंगे। इसके अलावा, इस फैसले का असर आने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव पर भी दिख सकता है। अरविंद केजरीवाल इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएंगे और इसे राजनीतिक साजिश का शिकार बताएंगे।
सीबीआई केस में क्या थीं खामियां?
राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में सीबीआई की जांच पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए उस तरह के सबूत पेश नहीं किए गए। अरविंद केजरीवाल के बारे में कोर्ट ने कहा कि वे एक चुने हुए नेता थे और उनके खिलाफ आरोप बेहद संवेदनशील थे, लेकिन सीबीआई उन्हें साबित करने में नाकाम रही। मनीष सिसोदिया के मामले में कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने कुछ बयान तो दर्ज किए, लेकिन कुछ चुनिंदा बयानों को ही चार्जशीट में शामिल किया। वहीं, तत्कालीन डिप्टी एक्साइज कमिश्नर कुलदीप सिंह के बारे में कोर्ट ने कहा, “मुझे समझ में नहीं आ रहा कि आपको इस मामले में आरोपी बनाया क्यों गया। आपके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।”
सुनीता केजरीवाल का भावुक बयान
इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने भावुक होकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं ईश्वर का धन्यवाद देना चाहूंगी। इस दुनिया में चाहे कोई कितना भी शक्तिवान हो जाए, लेकिन ईश्वर की शक्ति के ऊपर नहीं हो सकता। मैं जज साहब का भी धन्यवाद देना चाहूंगी जिन्होंने इतनी हिम्मत दिखाई।” उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के लालच में उनके परिवार को बहुत कष्ट दिया गया, लेकिन उन्हें विश्वास था कि सच की जीत होगी।
उन्होंने कहा, “अरविंद जी ने पूरा जीवन ईमानदारी से जिया है। इन लोगों ने अपने सत्ता के लालच में पिछले इतने सालों से हमारे ऊपर झूठे आरोप लगाए। हमारे को तड़पाया। अरविंद जी को, उनके साथियों को जेल में भेजा। बहुत कष्ट दिया। लेकिन मुझे विश्वास था कि ईश्वर हमारा साथ देंगे। सच की जीत होगी।”
संजय सिंह का पीएम मोदी पर हमला
आप सांसद संजय सिंह ने भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, “पूरे देश में आज यह संदेश चला गया कि प्रधानमंत्री एक विध्वंसकारी सोच के व्यक्ति हैं। वो विनाश के देवता हैं। वो इस देश का विकास नहीं देख सकते।” उन्होंने आरोप लगाया कि जो पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी पर काम कर रही थी, उस पार्टी को साजिश करके बदनाम किया गया और दिल्ली की सत्ता से हटाने का काम किया गया।
संजय सिंह ने कहा, “आज अगर प्रधानमंत्री में जरा सी भी शर्म है तो उनको पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए और अरविंद केजरीवाल जी से उनके परिवार से माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने फर्जी केस लगाकर, ‘शराब घोटाला’ का झूठा प्रोपेगेंडा फैलाकर संविधान और लोकतंत्र की हत्या की है। आज अदालत ने अपना फैसला सुना कर यह साफ संदेश दिया है कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं हो सकता।
क्या है ईडी का केस?
सीबीआई केस से अलग, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी शराब नीति मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। ईडी का आरोप था कि शराब नीति में कथित अनियमितताओं से पैदा हुए पैसों को लॉन्ड्रिंग किया गया। इस केस में भी अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कई अन्य लोग आरोपी हैं। सीबीआई केस में बरी होने के बाद अब केजरीवाल इस केस को भी चुनौती देंगे। उनकी दलील होगी कि जब सीबीआई का केस ही सबूत के अभाव में खारिज हो गया, तो ईडी का केस भी उसी आधार पर खड़ा है और वह भी निराधार है।
‘जानें पूरा मामला’
दिल्ली की शराब नीति 2021-22 में लागू की गई थी, जिसमें निजी कंपनियों को शराब की दुकानें चलाने की अनुमति दी गई थी। इस नीति में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल की सिफारिश पर सीबीआई ने जांच शुरू की थी। बाद में ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। इस मामले में अरविंद केजरीवाल 177 दिन, मनीष सिसोदिया 510 दिन, संजय सिंह 181 दिन और के कविता 150 दिन जेल में रहे। आम आदमी पार्टी ने हमेशा इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। अब सीबीआई केस में बरी होने के बाद पार्टी ने इसे सच की जीत बताया है।
मुख्य बातें (Key Points)
Arvind Kejriwal Liquor Scam के सीबीआई केस में राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को बरी किया, अब ईडी केस को चुनौती देंगे।
अरविंद केजरीवाल आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जहां आगे की रणनीति का ऐलान हो सकता है।
सुनीता केजरीवाल ने भावुक होकर कहा- सत्ता के लालच में हमें तड़पाया, पर ईश्वर की शक्ति के आगे कोई नहीं टिक सका।
संजय सिंह ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा- प्रधानमंत्री से माफी मांगनी चाहिए।
कोर्ट ने सीबीआई पर सवाल उठाते हुए कहा- आरोप साबित करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं किए गए।








