Arvind Kejriwal Acquitted: दिल्ली की शराब नीति (Excise Policy) से जुड़े कथित घोटाले मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई (CBI) अपने आरोपों को साबित करने में पूरी तरह नाकाम रही और उसके पास कोई ठोस सबूत नहीं थे। फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए और कोर्ट परिसर में ही मीडिया से बात करते समय वह फूट-फूट कर रो पड़े।
कोर्ट के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अरविंद केजरीवाल के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने कहा, “मैंने केवल अपनी जिंदगी में ईमानदारी कमाई है। इन्होंने झूठा केस लगाया और आज यह साबित हो गया। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है, मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार है, आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है।” उन्होंने आरोप लगाया कि 24 घंटे टीवी चैनलों पर उनके खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाया गया और उन्हें भ्रष्ट करार दिया गया।
पीएम मोदी-अमित शाह पर लगाया साजिश का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा, ताकि आम आदमी पार्टी को खत्म किया जा सके।” उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया। उन्होंने कहा, “एक सिटिंग मुख्यमंत्री को उनके घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जो भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।”
केजरीवाल ने दावा किया कि उनके खिलाफ पूरा का पूरा फर्जी केस बनाया गया था। उन्होंने कहा, “24 घंटे टीवी चैनलों के ऊपर डिबेट चलते थे। खबरें दिखाई जाती थी कि केजरीवाल भ्रष्ट है। लेकिन आज कोर्ट ने सच बोला है।”
मनीष सिसोदिया ने क्या कहा?
इस फैसले पर पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी खुशी जताई। उन्होंने कहा, “सर, कोर्ट ने सीबीआई के ऊपर आज एक बार फिर… गर्व हो रहा है देश के संविधान पर, बाबा साहब अंबेडकर पर, जिन्होंने इतना शानदार संविधान दिया और सत्य की जीत हुई है।” सिसोदिया ने कहा कि यह फैसला सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि देश की न्यायपालिका और संविधान की जीत है। उन्होंने कहा कि 510 दिन जेल में रहने के बाद उन्हें न्याय मिला है।
177 दिन जेल में रहे केजरीवाल, 510 दिन सिसोदिया
यह मामला 2021-22 की दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति (Delhi Excise Policy) से जुड़ा है। सीबीआई ने इस मामले में 2022 में केस दर्ज किया था, जबकि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। इस केस में अरविंद केजरीवाल 177 दिनों तक जेल में रहे। मनीष सिसोदिया 510 दिनों तक जेल में रहे। संजय सिंह 181 दिन और के. कविता 150 दिन जेल में रहे। इस पूरे मामले में आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को जेल जाना पड़ा और जमानत भी कई बार खारिज हुई। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए यह फैसला एक बड़ी राहत माना जा रहा है और इससे पार्टी पर लगे कई कानूनी दबावों से उन्हें मुक्ति मिली है।
कोर्ट ने उठाए सीबीआई पर सवाल
राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में सीबीआई की जांच पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए उस तरह के सबूत पेश नहीं किए गए। अरविंद केजरीवाल के बारे में कोर्ट ने कहा कि वे एक चुने हुए नेता थे और उनके खिलाफ आरोप बेहद संवेदनशील थे, लेकिन सीबीआई उन्हें साबित करने में नाकाम रही। मनीष सिसोदिया के मामले में कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने कुछ बयान तो दर्ज किए, लेकिन कुछ चुनिंदा बयानों को ही चार्जशीट में शामिल किया। वहीं, तत्कालीन डिप्टी एक्साइज कमिश्नर कुलदीप सिंह के बारे में कोर्ट ने कहा, “मुझे समझ में नहीं आ रहा कि आपको इस मामले में आरोपी बनाया क्यों गया। आपके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।”
सीबीआई कोर्ट के फैसले से नाराज
हालांकि, जांच एजेंसी सीबीआई इस फैसले से असंतुष्ट है और उन्होंने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देने का इशारा किया है। सीबीआई के वकील आदेश का विस्तृत अध्ययन कर अपील दायर करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने सबूतों को सही तरीके से नहीं देखा और जल्दबाजी में फैसला सुनाया है। वे हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती दे सकते हैं।
‘जानें पूरा मामला’
दिल्ली की शराब नीति 2021-22 में लागू की गई थी, जिसमें निजी कंपनियों को शराब की दुकानें चलाने की अनुमति दी गई थी। इस नीति में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल की सिफारिश पर सीबीआई ने जांच शुरू की थी। आम आदमी पार्टी ने हमेशा इस केस को राजनीतिक साजिश करार दिया था। पार्टी का आरोप था कि केंद्र सरकार दिल्ली सरकार के कामकाज में बाधा डालने और आप नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। इस मामले में कई आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल जाना पड़ा और जमानत भी कई बार खारिज हुई। अब कोर्ट के इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि केस में कोई दम नहीं था और सीबीआई के पास सबूतों की कमी थी।
मुख्य बातें (Key Points)
राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया।
फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल कोर्ट परिसर में फूट-फूट कर रो पड़े, बोले- मैंने जिंदगी में ईमानदारी कमाई है।
केजरीवाल ने पीएम मोदी और अमित शाह पर आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया।
मनीष सिसोदिया ने कहा- सत्य की जीत हुई है, बाबा साहब के संविधान पर गर्व है।
सीबीआई इस फैसले से नाराज, हाईकोर्ट में चुनौती देने का इशारा।








