Anti-Drone System on Punjab Border : पाकिस्तान (Pakistan) की तरफ से हो रही ड्रोन घुसपैठ और हथियारों व नशे की तस्करी को रोकने के लिए पंजाब (Punjab) सरकार ने Anti-Drone System on Punjab Border लगाने का बड़ा फैसला किया है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पहलगाम (Pahalgam) में हुए हालिया आतंकवादी हमले के बाद केंद्र और राज्य सरकारें पाकिस्तान के खिलाफ हर स्तर पर सक्रिय हो गई हैं। अब पंजाब बॉर्डर (Punjab Border) पर अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम (Anti-Drone System) की तैनाती की जा रही है, ताकि पाकिस्तान की नापाक हरकतों को समय रहते रोका जा सके।
पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय (Chief Minister’s Office – CMO) से जारी बयान में कहा गया है कि यह नई तकनीक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन की तुरंत पहचान करने और उसे नष्ट करने की क्षमता प्रदान करेगी। बयान में स्पष्ट किया गया कि इस प्रणाली के ज़रिए किसी भी ड्रोन घुसपैठ की स्थिति में तत्काल एक्शन लिया जाएगा और ड्रोन को मार गिराया जा सकेगा।
पिछले कुछ सालों में पंजाब में ड्रोन के जरिए हथियार, नकदी और मादक पदार्थ भेजने की घटनाएं बढ़ी हैं। कई बार सुरक्षा बलों ने इन ड्रोन को पकड़ने में सफलता पाई है, लेकिन कई बार ये ड्रोन अपनी डिलीवरी कर सुरक्षित वापस लौटने में सफल रहे हैं। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने यह तकनीकी और रणनीतिक कदम उठाया है।
एंटी-ड्रोन सिस्टम में रडार (Radar), सेंसर (Sensors), जैमिंग (Jamming) और शूट-डाउन (Shoot-down) जैसी एडवांस तकनीकें शामिल होंगी। इसके माध्यम से न केवल ड्रोन की लोकेशन का पता चलेगा, बल्कि ड्रोन को जमीनी स्तर से निष्क्रिय करने के लिए हथियारबंद जवाबी क्षमता भी मौजूद रहेगी। यह तकनीक सीमा क्षेत्र में तैनात पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित होगी।
गौरतलब है कि सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force – BSF) पहले भी पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर कई बार चिंता जता चुकी है। ड्रोन के ज़रिए होने वाली तस्करी न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि पंजाब में युवाओं को नशे की ओर धकेलने का एक प्रमुख जरिया भी बन चुका है। ऐसे में एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक और स्वागत योग्य कदम है।
अब यह सिस्टम पाकिस्तानी ड्रोन को घुसपैठ करने से पहले ही रोकने, पहचानने और मार गिराने के लिए तैनात रहेगा, जिससे पंजाब की सीमा पहले से अधिक सुरक्षित होगी।







