Amul Expired Products का ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़े गोदाम पर छापेमारी करके करीब 1.5 लाख किलो (डेढ़ लाख किलोग्राम) एक्सपायर्ड अमूल ब्रांड के नॉन-डेयरी फूड आइटम्स पकड़े हैं। आरोप है कि इन प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट केमिकल्स से मिटाकर उन पर नई तारीख छापकर दोबारा बाजार में बेचने की तैयारी चल रही थी। शादी-ब्याह जैसे मौकों पर कैटरिंग वालों को लूज सामान खपाने की भी योजना थी।
आज तक से जुड़े पत्रकार विशाल शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला इतना बड़ा था कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी हैरान रह गई। चार दिन तक चली कार्रवाई के बाद 27 ट्रकों में भरकर इस एक्सपायर्ड सामान को कचरा डंपिंग ग्राउंड ले जाया गया और बुलडोजर चलाकर व जलाकर पूरी तरह नष्ट किया गया।
कैसे मिली शिकायत: 1881 पोर्टल पर आई थी सूचना
Amul Expired Products के इस गोरखधंधे का पर्दाफाश एक शिकायत से हुआ। खाद्य सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले 1881 संपर्क पोर्टल पर एक शिकायत आई थी। शिकायत में बताया गया कि जयपुर के कोनागोरियान इलाके में एक बड़ा गोदाम है जिसमें संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। आरोप था कि एक्सपायर्ड माल की डेट मिटाकर उसे दोबारा बेचा जा रहा है।
इस शिकायत के बाद जयपुर सेकंड की फूड सेफ्टी टीम ने गोदाम पर छापेमारी की। जब टीम अंदर पहुंची तो जो नजारा दिखा उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
12,000 कार्टन जब्त: नूडल्स, केचप, मेयोनीज सब एक्सपायर्ड
Amul Expired Products से भरे इस गोदाम से लगभग 12,000 कार्टन खाद्य सामग्री बरामद हुई। इन कार्टनों में अमूल ब्रांड के कई नॉन-डेयरी प्रोडक्ट्स रखे हुए थे। इनमें नूडल्स, केचप, मेयोनीज, एनर्जी ड्रिंक समेत अन्य खाद्य सामान शामिल था।
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि करीब 3,000 कार्टनों में रखे पैकेट्स की एक्सपायरी डेट पहले ही मिटाई जा चुकी थी। यानी यह काम पहले से जारी था और बड़े पैमाने पर किया जा रहा था। बाकी कार्टनों पर भी नई डेट प्रिंट करके उन्हें 4,500 नए कार्टनों में पैक कर बाजार में उतारने की पूरी तैयारी थी।
थिनर और एसीटोन से मिटाई जा रही थी एक्सपायरी डेट
Amul Expired Products पर छपी एक्सपायरी डेट मिटाने के लिए गोदाम में थिनर, एसीटोन और अन्य खतरनाक केमिकल्स बरामद हुए। ये वही केमिकल्स हैं जो इंडस्ट्री में पेंट हटाने के काम आते हैं। इन केमिकल्स की मदद से पैकेट पर छपी एक्सपायरी डेट को रगड़कर मिटा दिया जाता था और फिर उस पर नई तारीख छाप दी जाती थी।
गोदाम में पैकेजिंग का काम करने वाली मशीनें भी मिलीं। इसका मतलब साफ था कि यह कोई छोटा-मोटा धंधा नहीं बल्कि एक सुनियोजित रैकेट था जिसमें एक्सपायर्ड सामान को नए पैकेट में डालकर ताजा बताकर बेचा जा रहा था।
सोचिए अगर यह सामान बाजार में पहुंच जाता और आपके घर की किचन में आ जाता तो क्या होता। एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ खाने से फूड पॉइज़निंग से लेकर गंभीर बीमारियां तक हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए तो यह जानलेवा भी हो सकता था।
गोदाम का मालिक कौन: गगन अहूजा और मेसर्स एथलीट डिस्ट्रीब्यूटर
Amul Expired Products के इस गोरखधंधे की जांच में सामने आया कि यह गोदाम मेसर्स एथलीट डिस्ट्रीब्यूटर नाम की फर्म का था। इसका संचालन कारोबारी गगन अहूजा कर रहा था।
विभाग की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया: इस फर्म का फूड लाइसेंस भी एक्सपायर हो चुका था। यानी जिस फर्म के पास खाद्य सामग्री बेचने का वैध लाइसेंस तक नहीं था, वह लाखों किलो एक्सपायर्ड सामान को नई डेट लगाकर बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा था।
बंद दरवाजों के पीछे चलता था काला कारोबार
Amul Expired Products के इस रैकेट की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे कितनी चालाकी से छिपाकर चलाया जा रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि गोदाम के अंदर 10 से 12 कर्मचारी काम करते थे। सुबह के बाद मुख्य गेट बंद कर दिया जाता था जिससे किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलती थी।
यानी बाहर से देखने पर कोई कारोबार नहीं दिखता था लेकिन अंदर एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स की डेट मिटाने, नई डेट छापने और दोबारा पैकिंग करने का पूरा काम चल रहा होता था। यह बंद दरवाजों के पीछे का खेल था जो शिकायत न मिलती तो शायद और लंबे समय तक चलता रहता।
YouTube से सीखा था एक्सपायरी डेट बदलने का तरीका
Amul Expired Products मामले में पूछताछ के दौरान एक और हैरान करने वाली बात सामने आई। कारोबारी गगन अहूजा ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसने YouTube देखकर एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स की डेट बदलने का तरीका खोजा और सीखा था।
यह बात जितनी हैरान करने वाली है उतनी ही चिंताजनक भी। अगर कोई व्यक्ति YouTube पर वीडियो देखकर इतने बड़े पैमाने पर फूड फ्रॉड कर सकता है तो देश में खाद्य सुरक्षा के हालात कितने कमजोर हैं, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
शादी-ब्याह की कैटरिंग में भी खपाने की थी तैयारी
Amul Expired Products को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने एक और गंभीर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इन एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स को सिर्फ नई पैकिंग में बेचने की नहीं, बल्कि लूज (खुला) खोलकर कैटरिंग वालों को भी बेचने की तैयारी चल रही थी। यह सामान शादी-ब्याह और ऐसे ही बड़े आयोजनों में खपाया जाना था।
इसका मतलब यह है कि अगर यह रैकेट समय पर नहीं पकड़ा जाता तो हजारों लोग शादियों और पार्टियों में एक्सपायर्ड सामान खा रहे होते और उन्हें पता भी नहीं चलता। यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की सेहत को कितना खतरा था।
27 ट्रकों में भरकर नष्ट किया गया डेढ़ लाख किलो सामान
Amul Expired Products को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने चार दिन तक लगातार कार्रवाई की। यह कार्रवाई इतनी बड़ी थी कि डेढ़ लाख किलो एक्सपायर्ड सामान को ढोकर ले जाने के लिए 27 ट्रकों की जरूरत पड़ी।
इन ट्रकों में भरकर पूरा सामान आगरा रोड पर स्थित मथुरादास माल कचरागाह (डंपिंग ग्राउंड) तक पहुंचाया गया। वहां बुलडोजर चलाकर और जलाकर इस एक्सपायर्ड सामग्री को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। 27 ट्रक भरकर सामान नष्ट करना: यह आंकड़ा ही बता देता है कि यह रैकेट कितने बड़े पैमाने पर चल रहा था।
गोदाम सील, फूड बिजनेस बंद, कानूनी कार्रवाई शुरू
Amul Expired Products मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल सख्त कार्रवाई की है। गोदाम को सील कर दिया गया है। फर्म का फूड बिजनेस पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मामले में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इसके साथ ही संबंधित कंपनियों को भी नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस इसलिए अहम है क्योंकि सवाल यह भी उठता है कि इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड सामान एक डिस्ट्रीब्यूटर के पास कैसे पहुंचा? क्या कंपनी की सप्लाई चेन में कोई खामी थी? क्या वापस आए माल (रिटर्न स्टॉक) की कोई ट्रैकिंग नहीं होती?
अमूल ब्रांड पर भरोसा और जनता का सवाल
अमूल भारत का सबसे भरोसेमंद डेयरी ब्रांड है। करोड़ों भारतीय परिवारों के किचन में अमूल का दूध, दही, मक्खन, पनीर रोज इस्तेमाल होता है। ऐसे में Amul Expired Products का यह मामला ब्रांड के भरोसे पर सवाल खड़ा करता है।
हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इस मामले में पकड़ा गया सामान नॉन-डेयरी प्रोडक्ट्स (नूडल्स, केचप, मेयोनीज, एनर्जी ड्रिंक) था। यह गोरखधंधा एक स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर चला रहा था, न कि अमूल कंपनी खुद। लेकिन इसके बावजूद जनता के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि अमूल की सप्लाई चेन में ऐसी खामी कैसे रह गई कि इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड सामान एक डिस्ट्रीब्यूटर के पास इकट्ठा होता रहा और कंपनी को पता तक नहीं चला।
आम आदमी अपनी सुरक्षा कैसे करे?
Amul Expired Products का यह मामला हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है जो बाजार से कोई भी पैक्ड फूड आइटम खरीदता है। कोई भी खाद्य पदार्थ खरीदते वक्त उसकी एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। अगर डेट धुंधली दिखती है, मिटी हुई लगती है या पैकेट पर कोई छेड़छाड़ के निशान दिखते हैं तो वह सामान बिल्कुल न खरीदें।
अगर आपको कहीं भी ऐसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो 1881 संपर्क पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं। इस मामले में भी एक आम नागरिक की शिकायत ने ही इतने बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करवाया। यह बताता है कि अगर जागरूक नागरिक अपनी आवाज उठाएं तो बड़े से बड़े फूड फ्रॉड को भी पकड़ा जा सकता है।
खाद्य सुरक्षा का सवाल: सिस्टम में खामियां कहां हैं?
Amul Expired Products का यह मामला भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अगर एक कारोबारी YouTube देखकर इतने बड़े पैमाने पर फूड फ्रॉड शुरू कर सकता है, उसका फूड लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी वह बेरोकटोक काम करता रहता है, और बंद दरवाजों के पीछे डेढ़ लाख किलो एक्सपायर्ड सामान जमा कर लेता है: तो यह सिस्टम में गहरी खामियों की ओर इशारा करता है।
FSSAI और राज्य खाद्य सुरक्षा विभागों को अपनी निगरानी और मुआयने की प्रक्रिया को और सख्त करने की जरूरत है। एक्सपायर्ड फूड लाइसेंस पर ऑटोमैटिक अलर्ट सिस्टम होना चाहिए। बड़ी कंपनियों को भी अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स और सप्लाई चेन पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए ताकि उनके नाम पर इस तरह का गोरखधंधा न चल सके।
मुख्य बातें (Key Points)
- जयपुर में 1.5 लाख किलो एक्सपायर्डAmul Expired Products (नूडल्स, केचप, मेयोनीज, एनर्जी ड्रिंक) पकड़े गए; 12,000 कार्टन जब्त और 3,000 कार्टन पर एक्सपायरी डेट पहले ही मिटाई जा चुकी थी।
- कारोबारी गगन अहूजा की फर्म मेसर्स एथलीट डिस्ट्रीब्यूटर का फूड लाइसेंस भी एक्सपायर था; थिनर और एसीटोन से डेट मिटाकर नई तारीख छापने का तरीका YouTube से सीखा गया था।
- एक्सपायर्ड सामान को शादी-ब्याह की कैटरिंग में लूज बेचने की भी योजना थी; 27 ट्रकों में भरकर सामान डंपिंग ग्राउंड ले जाकर बुलडोजर और आग से नष्ट किया गया।
- गोदाम सील, फूड बिजनेस बंद, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के तहत कार्रवाई जारी; संबंधित कंपनियों को भी नोटिस भेजा गया है।







