Amritsar Terror Plot Busted – पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाए रखने की मुहिम के तहत एक बड़ी सफलता सामने आई है। अमृतसर में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के समर्थन से रची जा रही आतंकी साजिश को पंजाब पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर ने खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को RDX आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के साथ गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप की गई, जिनका फोकस राज्य में शांति और कानून व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखना है।
पाक-आईएसआई की साजिश पर समय रहते प्रहार
पुलिस महानिदेशक Gaurav Yadav ने चंडीगढ़ में जानकारी देते हुए बताया कि यह साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े विदेशी हैंडलरों के इशारे पर रची जा रही थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सीधे तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में था और उनके निर्देशों पर काम कर रहा था।
डीजीपी ने कहा कि यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि राज्य की सुरक्षा के खिलाफ बड़ी आतंकी साजिश को विफल करने की दिशा में अहम कदम है।
कौन है गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान राहुल कुमार उर्फ गज्जू के रूप में हुई है। वह अमृतसर के चमरंग रोड इलाके का रहने वाला है और शहर के एक सैलून में सहायक के तौर पर काम करता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की सामान्य सामाजिक पृष्ठभूमि यह दिखाती है कि आतंकी नेटवर्क किस तरह आम नागरिकों को धीरे-धीरे अपने जाल में फंसाकर गंभीर अपराधों के लिए इस्तेमाल करते हैं।
IED छिपाने के लिए अपनाया गया नया तरीका
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि आईईडी को पारंपरिक धातु की केसिंग में नहीं, बल्कि पीवीसी पाइप में छिपाया गया था। डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक, इसका मकसद सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचना और डिवाइस को आसानी से छिपाकर ले जाना था।
यह तरीका इस बात की ओर इशारा करता है कि आतंकी संगठन अब नए-नए प्रयोग कर रहे हैं, ताकि विस्फोटक सामग्री की पहचान मुश्किल हो सके।
खुफिया सूचना से हुआ बड़ा खुलासा
इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए एसएसओसी अमृतसर के एआईजी Sukhwinder Singh Mann ने बताया कि पाकिस्तान से आईईडी की खेप भेजे जाने की विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी। इसी आधार पर पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई की और संदिग्ध राहुल उर्फ गज्जू को दबोच लिया।
एआईजी ने बताया कि आरोपी को एक तय स्थान से विस्फोटक डिवाइस प्राप्त करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस ने उसी दौरान उसे रंगे हाथों पकड़ लिया, जिससे किसी बड़े नुकसान की आशंका टल गई।
एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए विदेशी हैंडलर से संपर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपने विदेशी हैंडलर से संपर्क के लिए एन्क्रिप्टेड मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल करता था। पुलिस के अनुसार, यह संपर्क 2022 से चला आ रहा था, जब विदेशी हैंडलर पंजाब के दौरे पर आया था और तभी राहुल उसके संपर्क में आया।
शुरुआत में आरोपी को छोटी-छोटी रकम देकर भरोसे में लिया गया और धीरे-धीरे उसे बड़े कामों के लिए तैयार किया गया। यह तरीका आतंकी नेटवर्क की उस रणनीति को दिखाता है, जिसमें आर्थिक लालच के जरिए युवाओं को फंसाया जाता है।
जांच का दायरा और बढ़ा
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह जांच की जा रही है कि आईईडी की डिलीवरी कहां से हुई और इसके पीछे पूरा नेटवर्क कौन-कौन लोग चला रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी को किसी बड़े हमले को अंजाम देने का निर्देश मिला था या वह केवल डिवाइस की डिलीवरी का हिस्सा था।
डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस किसी भी साजिश की जड़ तक पहुंचने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है।
कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज
इस पूरे मामले में थाना एसएसओसी अमृतसर में 09 फरवरी 2026 को एफआईआर नंबर 08 दर्ज की गई है। आरोपी पर—
- विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5
- आर्म्स एक्ट की धारा 25
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 और 61(2)
के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राज्य की सुरक्षा पर बड़ा खतरा टला
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह आईईडी समय रहते बरामद नहीं होती, तो अमृतसर जैसे संवेदनशील शहर में बड़ा नुकसान हो सकता था। पंजाब पुलिस की यह कार्रवाई यह दिखाती है कि खुफिया नेटवर्क और स्पेशल यूनिट्स पूरी तरह सतर्क हैं।
यह मामला यह भी साबित करता है कि सीमापार से लगातार पंजाब को अस्थिर करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां उन्हें नाकाम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पंजाब सरकार का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने बार-बार यह संदेश दिया है कि राज्य की शांति और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नशा तस्करी हो या आतंकवाद, हर मोर्चे पर सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई गई है।
इस कार्रवाई को उसी नीति की एक मजबूत कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमृतसर में पाक-आईएसआई समर्थित आतंकी साजिश नाकाम
- RDX आधारित IED के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
- IED छिपाने के लिए पीवीसी पाइप का इस्तेमाल
- एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए विदेशी हैंडलर से संपर्क
- विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और BNS की धाराओं में केस दर्ज








