Amritsar Arms Smuggling: पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (CI) अमृतसर ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत में हथियार तस्करी करने वाले क्रॉस-बॉर्डर मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से 10 विदेशी बनावट की अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद की गई हैं। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने शुक्रवार को इस बड़े खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी एक विदेश में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर पाकिस्तान स्थित तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे थे।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान रेशम सिंह और मनप्रीत सिंह के रूप में की है। रेशम सिंह अमृतसर के खुसूपुरा गांव का रहने वाला है, जबकि मनप्रीत सिंह तरन तारन जिले के ख्वासपुर का निवासी है।
इन दोनों के कब्जे से बरामद हुए हथियारों की सूची किसी को भी चौंका सकती है। पुलिस ने एक तुर्की निर्मित Zigana Pistol, एक ऑस्ट्रिया निर्मित Glock Pistol, दो अमेरिका निर्मित Beretta Pistols, पांच PX5 Pistols और एक चीन निर्मित Norinco Pistol बरामद की है। इन सभी पिस्तौलों के साथ मैगजीन भी बरामद हुई हैं। पुलिस टीम ने आरोपियों द्वारा हथियारों की खेप की ढुलाई में इस्तेमाल की जा रही काले रंग की प्लेटिना मोटरसाइकिल (PB63D3668) को भी जब्त कर लिया है।
विदेशी गैंगस्टर और पाकिस्तानी तस्करों का कनेक्शन
DGP गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी एक विदेश में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर काम कर रहे थे। यह गैंगस्टर पाकिस्तान में बैठे तस्करों के साथ मिलकर भारत में अवैध हथियारों की तस्करी करा रहा था। बरामद हथियारों की यह खेप पंजाब भर में सक्रिय आपराधिक तत्वों को वितरित करने के लिए भेजी गई थी।
यह बात इस Amritsar Arms Smuggling मामले को और भी गंभीर बना देती है कि तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा था। विदेश में बैठा गैंगस्टर पाकिस्तान स्थित तस्करों के जरिए ड्रोन से हथियार सीमा पार भारत में भिजवा रहा था और पंजाब में उसके सहयोगी इन खेपों को इकट्ठा करके आगे पहुंचाने का काम कर रहे थे।
ऐसे हुआ पूरा ऑपरेशन: सूचना से गिरफ्तारी तक
DGP गौरव यादव ने ऑपरेशन की पूरी डिटेल साझा करते हुए बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर को एक पुख्ता सूचना मिली थी कि एक विदेश स्थित गैंगस्टर अपने पंजाब में बैठे सहयोगियों की मदद से पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए अवैध हथियार और गोला-बारूद की तस्करी करा रहा है।
जानकारी के मुताबिक पंजाब स्थित सहयोगी रेशम सिंह ने हथियारों की खेप इकट्ठा कर ली थी और पाकिस्तानी तस्करों के निर्देशों पर वह इसे अमृतसर-चोगावां रोड पर गांव कोहाली के पास नहर पुल के करीब संदिग्ध मनप्रीत सिंह को सौंपने वाला था। पुलिस टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस स्थान पर नाका लगाया और दोनों आरोपियों को हथियारों की खेप सहित रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
अब आगे और पीछे के सभी कनेक्शन खंगालेगी पुलिस
DGP गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि जांच अभी जारी है और पुलिस इस मामले में आगे और पीछे के सभी कनेक्शन (Forward and Backward Linkages) का पता लगाने में जुटी है। मकसद साफ है: इस पूरे तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म करना।
यह जांच कई अहम सवालों के जवाब तलाशेगी, जैसे कि विदेश में बैठा गैंगस्टर कौन है, पाकिस्तान से और कितनी खेपें पहले भेजी जा चुकी हैं, पंजाब में किन आपराधिक तत्वों को ये हथियार पहुंचाए जाने थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
इस Amritsar Arms Smuggling मामले में पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में FIR नंबर 20 दिनांक 27-03-2026 दर्ज की गई है। यह मामला आर्म्स एक्ट की धारा 25, 25(1)A और 25(1)B तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत दर्ज किया गया है।
आर्म्स एक्ट की ये धाराएं अवैध हथियार रखने, उनकी तस्करी और निषिद्ध हथियारों के कब्जे से संबंधित गंभीर अपराधों से जुड़ी हैं, जबकि BNS की धारा 61(2) आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित है। इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपियों को कड़ी सजा हो सकती है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर चल रहा अभियान
यह कार्रवाई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित और संरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। पिछले कुछ समय से पंजाब पुलिस ने सीमा पार से होने वाली ड्रग और हथियार तस्करी के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार और नशे की तस्करी पंजाब के लिए एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बन चुकी है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन गतिविधियों में पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ोतरी देखी गई है, जिसके खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं।
आम लोगों के लिए क्यों अहम है यह खबर
पंजाब के आम नागरिकों के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सीमा पार से तस्करी के जरिए आने वाले ये अत्याधुनिक हथियार सीधे तौर पर राज्य की कानून-व्यवस्था को खतरे में डालते हैं। अगर ये पिस्तौलें आपराधिक तत्वों तक पहुंच जातीं, तो गैंगवार, फिरौती और हिंसा की घटनाओं में बड़ा इजाफा हो सकता था। पुलिस की यह समय रहते कार्रवाई न सिर्फ एक बड़ी साजिश को नाकाम करती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सीमा पार से संचालित अपराधी नेटवर्क की पहुंच को तोड़ने के लिए सुरक्षा तंत्र मुस्तैद है।
हालांकि, ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी और सीमा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम करना होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- Counter Intelligence अमृतसर ने क्रॉस-बॉर्डर हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, दो आरोपी गिरफ्तार और 10 विदेशी पिस्तौलें बरामद।
- आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर पाकिस्तान स्थित तस्करों के साथ मिलकर ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी कर रहे थे।
- बरामद हथियारों में तुर्की, ऑस्ट्रिया, अमेरिका और चीन में बनी अत्याधुनिक पिस्तौलें शामिल हैं, खेप पंजाब में आपराधिक तत्वों को बांटने के लिए थी।
- मामला आर्म्स एक्ट और BNS के तहत दर्ज, पुलिस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे-पीछे के सभी कनेक्शन की जांच कर रही है।








