Amritpal Singh Release Protest Chandigarh : ‘वारिस पंजाब दे’ जथेबंदी के मुखिया भाई अमृतपाल सिंह और देश की विभिन्न जेलों में बंद ‘बंदी सिंघों’ की तुरंत रिहाई की मांग को लेकर संगठन के कार्यकर्ता और समर्थक बुधवार को चंडीगढ़ में एक विशाल शांतिमय मार्च निकालेंगे। वारिस पंजाब दे के नेता मनप्रीत सिंह इयाली ने मंगलवार को युवाओं और आम जनता से अपील की कि वे इस वाजिब मांग का पूर्ण समर्थन करें।
देखा जाए तो यह प्रदर्शन उस समय हो रहा है जब अमृतपाल सिंह असम के दिब्रूगढ़ जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत बंद हैं और उनके मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हो पा रही है।
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500 वाहनों के साथ निकलेगा मार्च
इयाली ने कहा, “हम बड़ी संख्या में चंडीगढ़ की ओर कूच कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि मेरे इलाके (दाखा और आसपास) से ही लगभग 500 वाहन इस शांतिमय रोष प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे।”
समझने वाली बात यह है कि यह कोई छोटा-मोटा प्रदर्शन नहीं होगा। 500 वाहनों का मतलब है हजारों समर्थक सड़कों पर उतरेंगे।
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गुरुद्वारा अंब साहिब से शुरू होगा मार्च
उन्होंने बताया कि सभी प्रदर्शनकारी पहले गुरुद्वारा अंब साहिब (मोहाली) में इकट्ठा होंगे और उसके बाद मुख्यमंत्री की निवास की ओर मार्च करके रोष धरना देंगे।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि धार्मिक स्थल से प्रदर्शन शुरू करना इस आंदोलन को एक आध्यात्मिक आयाम देता है। गुरुद्वारे से आशीर्वाद लेकर निकलना सिख परंपरा का हिस्सा है।
शांतिपूर्ण रहेगा प्रदर्शन
इयाली ने लोगों को बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए इस बात पर खास जोर दिया कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिमय रहना चाहिए। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों को अमन-कानून की व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। यह अपील बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब में किसी भी बड़े प्रदर्शन को लेकर प्रशासन सतर्क रहता है।
विरोधी ताकतें खराब कर सकती हैं माहौल
अपने फेसबुक पेज पर पाई एक पोस्ट में इयाली ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते अपने “हकों और वाजिब मांगों” के लिए आवाज बुलंद करना हमारा फर्ज है, लेकिन हिंसा का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने खदशा जताया कि विरोधी पक्ष इस शांतिमय प्रदर्शन को खराब करने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए समर्थकों को ऐसी कोशिशों को नाकाम करना चाहिए।
यह बयान दर्शाता है कि संगठन को किसी उकसावे या साजिश का अंदेशा है।
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झूठे मामले हैं: इयाली का दावा
इयाली ने दावा किया कि भाई अमृतपाल सिंह और बंदी सिंघों के खिलाफ दर्ज किए गए मामले झूठे और बनावटी हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि जब एजेंसी की ओर से साफ सुथरी चिट दिए जाने का दावा किया जा रहा है, तो भी अमृतपाल सिंह को दिब्रूगढ़ जेल में क्यों रखा गया है?
समझने वाली बात यह है कि यह सवाल कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण है। अगर NIA ने चिट दी है, तो NSA क्यों लागू है?
पैरोल पर रिहाई क्यों नहीं?
उन्होंने यह भी पूछा कि नजरबंद नेताओं को पैरोल पर रिहा क्यों नहीं किया जा रहा? यह सवाल पंजाब सरकार और केंद्र सरकार दोनों के लिए है।
अगर गौर करें तो पैरोल की सुविधा हर कैदी का कानूनी अधिकार है। लेकिन अमृतपाल सिंह के मामले में यह सुविधा क्यों नहीं दी जा रही, यह एक बड़ा सवाल है।
पंजाब और पंजाबियत की आवाज
इयाली ने आगे कहा, “इन नेताओं ने सदा पंजाब और पंजाबियत की आवाज बुलंद की है। हमें एक शांतिमय रोष प्रदर्शन के जरिए प्रशासन और सरकार को जगाना होगा।”
यहां ध्यान देने वाली बात है कि ‘पंजाबियत’ शब्द का इस्तेमाल इस आंदोलन को एक सांस्कृतिक और पहचान से जुड़ा मुद्दा बनाता है।
जिला स्तर पर संगठन
उन्होंने बताया कि ‘वारिस पंजाब दे’ के सभी जिलों के नेता इस मार्च की अगुवाई करेंगे, जिनके पीछे युवा चलेंगे।
इयाली ने दावा किया कि यह प्रदर्शन सरकार और प्रशासन पर गहरी छाप छोड़ेगा। यह बयान संगठन के आत्मविश्वास को दर्शाता है।
कौन हैं अमृतपाल सिंह?
अमृतपाल सिंह ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के मुखिया हैं। उन्हें मार्च 2023 में पंजाब पुलिस की एक बड़े ऑपरेशन के बाद गिरफ्तार किया गया था। उन पर अलगाववाद फैलाने और कानून व्यवस्था भंग करने के आरोप हैं।
वे वर्तमान में असम के दिब्रूगढ़ जेल में NSA के तहत बंद हैं। हालांकि, उन्हें खडूर साहिब लोकसभा सीट से सांसद चुना गया है, लेकिन वे शपथ नहीं ले पाए हैं।
सरकार की चुनौती
यह प्रदर्शन आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। एक ओर सरकार को कानून व्यवस्था बनाए रखनी है, दूसरी ओर युवाओं की भावनाओं को भी समझना होगा।
अगर प्रशासन ने सख्ती दिखाई, तो स्थिति बिगड़ सकती है। और अगर ढिलाई दिखाई, तो आंदोलन और मजबूत हो सकता है।
चंडीगढ़ प्रशासन की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ पुलिस ने इस प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन किसी भी तरह की हिंसा या कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
विपक्षी दल इस प्रदर्शन को AAP सरकार की नाकामी के रूप में पेश कर रहे हैं। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने कहा है कि सरकार युवाओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है।
दूसरी ओर, AAP का कहना है कि यह केंद्र सरकार का मामला है और राज्य सरकार के हाथ बंधे हैं।
मुख्य बातें (Key Points):
- वारिस पंजाब दे ने अमृतपाल सिंह और बंदी सिंघों की रिहाई के लिए चंडीगढ़ में विशाल मार्च का ऐलान किया
- करीब 500 वाहनों के साथ हजारों समर्थक प्रदर्शन में शामिल होंगे
- गुरुद्वारा अंब साहिब से मार्च शुरू होकर CM आवास तक जाएगा
- संगठन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की
- NIA की साफ चिट के बावजूद अमृतपाल सिंह दिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं











