Amit Shah Punjab Rally 2027 : पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता अमित शाह अगले महीने पंजाब का दौरा करेंगे। पार्टी ने 14 मार्च की तारीख फाइनल कर दी है, जब वह मोगा जिले के किल्ली चाहलां गांव में एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे। यह रैली सिर्फ एक जनसभा नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज मानी जा रही है।
भाजपा ने इस रैली को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी चाहती है कि यह कार्यक्रम भव्य हो और पंजाब की जनता तक पार्टी का संदेश साफ तौर पर पहुंचे। मोगा के भाजपा नेता हरजोत कमल ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए बताया कि अमित शाह के दौरे का कार्यक्रम लगभग फाइनल हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि अमित शाह पंजाब में कुल पांच रैलियां करेंगे, जिनमें से पहली रैली मोगा में होगी। इसके अलावा, हरियाणा के मुख्यमंत्री समेत कई दिग्गज नेता भी इन रैलियों में शामिल होंगे। हालांकि, बाकी रैलियों की तारीख और स्थानों का अभी एलान नहीं हुआ है।
क्यों टली फरवरी की रैली?
दरअसल, अमित शाह की यह रैली पहले फरवरी महीने में ही होने वाली थी। भाजपा ने फरवरी में ही इस रैली की योजना बना ली थी, लेकिन मौसम ने पार्टी की यह प्लानिंग बिगाड़ दी। फरवरी के महीने में पंजाब में घनी धुंध (कोहरा) छाया रहता है, जिसके चलते लोगों का रैली स्थल तक पहुंचना मुश्किल हो सकता था। पार्टी ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि रैली में भारी भीड़ जुटे, इसे टालकर अब मार्च में करने का फैसला किया। अब मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जिससे कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए रैली में शामिल होना आसान होगा।
‘किल्ली चाहलां’ गांव की रणनीतिक अहमियत
सवाल उठता है कि भाजपा ने मोगा जिले के इस छोटे से गांव ‘किल्ली चाहलां’ को ही क्यों चुना? इसके पीछे बड़ी रणनीति है। आधिकारिक तौर पर जगराओं के पास का गांव ‘काउके कलां’ पंजाब का सेंटर प्वाइंट माना जाता है, लेकिन किल्ली चाहलां उसके बेहद करीब है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह गांव नेशनल हाईवे से बेहतर तरीके से कनेक्ट है।
इस गांव की सबसे खास बात यह है कि यहां पंजाब के तीनों प्रमुख क्षेत्रों माझा, मालवा और दोआबा की सड़कें आकर मिलती हैं। यानी यह जगह भौगोलिक रूप से पूरे पंजाब के लिए सबसे सुलभ केंद्र बिंदु है। पंजाब के किसी भी कोने से लोगों का यहां आना-जाना आसान है। राजनीतिक दलों के लिए यह जगह किसी ‘बैरोमीटर’ से कम नहीं है। ऐसा माना जाता है कि यहां होने वाली रैली में आने वाली भीड़ से ही अंदाजा लग जाता है कि अगला चुनाव किसके पक्ष में जा सकता है। यही वजह है कि अकाली दल, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और भाजपा सभी की नजर हमेशा मोगा पर रहती है। मोगा जिले में होने वाली कोई भी रैली सीधे तौर पर आसपास की करीब 18 विधानसभा सीटों पर असर डालती है।
पीएम मोदी ने एक फरवरी को किया था दौरा
गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक फरवरी को पंजाब आए थे। संसद में बजट पेश होने के तुरंत बाद वह सीधे जालंधर स्थित डेरा बल्ला पहुंचे थे। यह दौरा गुरु रविदास जयंती के अवसर पर था, जहां उन्होंने विशाल संगत को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस मौके पर केंद्र सरकार के फैसलों और बजट में की गई घोषणाओं का भी जिक्र किया था। अब अमित शाह का दौरा पंजाब में भाजपा की सक्रियता को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
‘जानें पूरा मामला’
पंजाब में 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारी बहुमत हासिल करके सरकार बनाई थी। कांग्रेस और अकाली दल जैसी पारंपरिक पार्टियों को करारी हार का सामना करना पड़ा था, जबकि भाजपा का खाता भी नहीं खुला था। 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था और सूबे की 13 सीटों में से 2 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा इसी गति को आगे बढ़ाना चाहती है। अमित शाह की यह रैली AAP सरकार के खिलाफ जनता को एकजुट करने और पार्टी को मजबूत आधार देने की एक बड़ी कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
अमित शाह 14 मार्च को पंजाब के मोगा जिले के किल्ली चाहलां गांव में रैली करेंगे।
यह रैली 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के चुनावी अभियान का आधिकारिक आगाज होगी।
फरवरी में घने कोहरे के कारण यह रैली टाल दी गई थी, जिसे अब मार्च में किया जा रहा है।
किल्ली चाहलां गांव पंजाब के तीनों क्षेत्रों माझा, मालवा और दोआबा को जोड़ता है, जिससे यह रणनीतिक रूप से अहम है।
इस रैली का असर आसपास की करीब 18 विधानसभा सीटों पर पड़ने की संभावना है।








