AI Summit Delhi 2026 को लेकर दुनियाभर की निगाहें भारत पर टिकी हैं। एक तरफ जहां कई देशों में भू-राजनीतिक तनाव जारी है, वहीं दूसरी तरफ 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष (प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति) भारत आ रहे हैं। सवाल उठता है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में दुनिया के नेताओं का जमावड़ा भारत में क्यों हो रहा है? इसकी वजह है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आयोजित होने वाला चौथा ग्लोबल समिट, जिसकी मेजबानी इस बार भारत कर रहा है।
नई दिल्ली स्थित भारत मंडप 16 से 20 फरवरी 2026 तक एआई इंपैक्ट समिट 2026 की मेजबानी करेगा। इस कार्यक्रम में 20 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति शामिल होंगे। इसके अलावा टेक और एआई जगत की कई बड़ी हस्तियां भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगी। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 45 से ज्यादा देशों के मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इस समिट में भाग लेंगे।

क्या है एआई इंपैक्ट समिट 2026? समझिए पूरा मामला
दरअसल, यह दुनिया का चौथा ग्लोबल एआई समिट है। इसकी शुरुआत 2023 में एआई सेफ्टी समिट के साथ हुई थी, जो ब्रिटेन के ब्लेचली पार्क में आयोजित किया गया था। इसके बाद दक्षिण कोरिया में एआई सोल समिट और पिछले साल फरवरी में फ्रांस की राजधानी पेरिस में एआई एक्शन समिट आयोजित किया गया था। अब चौथा समिट यानी एआई इंपैक्ट समिट भारत की राजधानी नई दिल्ली में हो रहा है।
इस समिट की थीम ‘इंपैक्ट’ रखी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य समावेशी और प्रभावशाली एआई के भविष्य की दिशा तय करना और उस पर वैश्विक सहमति बनाना है। एआई के बढ़ते दायरे और इसके सामाजिक, आर्थिक व सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर चर्चा के लिए यह मंच अहम भूमिका निभाएगा।
कौन-कौन से देशों के नेता आ रहे हैं भारत?
इस समिट में शामिल होने के लिए 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की सूची जारी कर दी गई है। आइए जानते हैं कौन-कौन से बड़े नेता भारत आ रहे हैं:
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे
बोलीविया के उपराष्ट्रपति एडमंड नोविलो मोंटानो
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा
क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रे प्लेंकोविच
एस्टोनिया की राष्ट्रपति अलार कारिस
फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ऑर्पो
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों
ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस
गुयाना के उपराष्ट्रपति भरत जगदेव
कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओल्झास बेकटेनोव
लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस
मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम
सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक
स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी
स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके
सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ
स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति करिन केलर-सटर (गाय पार्मेलिन के स्थान पर)
नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कूफ
यूएई के अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का संकेत
इतनी बड़ी संख्या में दुनिया के नेताओं का भारत आना संयोग नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और रणनीतिक संकेत है। एक तरफ जहां दुनिया के कई हिस्सों में तनाव जारी है, वहीं भारत एआई जैसे भविष्य के विषय पर सभी देशों को एक मंच पर लाने में कामयाब हो रहा है। यह वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत और कूटनीतिक क्षमता को दर्शाता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन 20 राष्ट्राध्यक्षों के अलावा 45 से ज्यादा देशों के मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इस समिट में शामिल होंगे। इससे इस आयोजन की गंभीरता और वैश्विक स्तर पर इसके महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।
‘जानें पूरा मामला’
एआई इंपैक्ट समिट 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडप में किया जा रहा है। यह दुनिया का चौथा ग्लोबल एआई समिट है, जिसकी थीम ‘इंपैक्ट’ रखी गई है। इसका उद्देश्य समावेशी और प्रभावशाली एआई के भविष्य की दिशा तय करना और उस पर वैश्विक सहमति बनाना है। पिछले तीन समिट क्रमश: ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में आयोजित किए गए थे। इस समिट में 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों के अलावा 45 से ज्यादा देशों के मंत्री और टेक जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी।
मुख्य बातें (Key Points)
नई दिल्ली के भारत मंडप में 16 से 20 फरवरी तक एआई इंपैक्ट समिट 2026 का आयोजन।
20 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति होंगे शामिल, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा प्रमुख हैं।
45 से ज्यादा देशों के मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी समिट में भाग लेंगे।
यह दुनिया का चौथा ग्लोबल एआई समिट है, जिसकी थीम ‘इंपैक्ट’ है।
समिट का उद्देश्य समावेशी और प्रभावशाली एआई के भविष्य की दिशा तय करना है।








