60 लाख घूसकांड में कार्रवाई जारी: CBI का बुलंदशहर में GST इंस्पेक्टर के घर..

The News Air- गाजियाबाद- सीबीआई ने रिश्वतखोरी के मामले में गाजियाबाद के बाद बुलंदशहर में भी एक इंस्पेक्टर के घर पर छापामार कार्रवाई की है।

60 लाख रुपए की रिश्वत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रविवार रात गाजियाबाद के बाद बुलंदशहर जिले के खुर्जा में छापेमारी की। यह कार्रवाई GST की गाजियाबाद यूनिट में इंटेलिजेंस विंग के इंस्पेक्टर ऐश्वर्य अत्री के घर पर हुई। CBI के पहुंचने से पहले ही इंस्पेक्टर बीवी-बच्चों को लेकर फरार हो गए। CBI टीम करीब तीन घंटे तक उनके घर पर रुकी रही।

यह है पूरा मामला

CBI ने रविवार को GST की गाजियाबाद यूनिट के सीनियर इंटेलिजेंस ऑफिसर मोहित धनकड़ और एक प्राइवेट व्यक्ति राकेश शर्मा को 60 लाख रुपए की घूस में गिरफ्तार किया। दरअसल, एक कारोबारी के यहां बड़ी टैक्स चोरी पकड़ी गई। इसमें कारोबारी का पक्ष लेने के लिए उसके बेटे से एक करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। 60 लाख रुपए की पहली इंस्टॉलमेंट लेते हुए सीबीआई ने दो लोगों को गाजियाबाद से रविवार को पकड़ लिया।

दोनों आरोपी आज कोर्ट में पेश होंगे

सीबीआई ने देर रात मोहित धनकड़ से पूछताछ की, तो इसमें जीएसटी की खुफिया विंग के इंस्पेक्टर ऐश्वर्य अत्री का नाम सामने आया। ऐश्वर्य अत्री बुलंदशहर जिले में खुर्जा स्थित न्यू शिवपुरी में परिवार सहित रहते हैं। सीबीआई की एक टीम ने रविवार देर रात इंस्पेक्टर के आवास पर छापा मारा, लेकिन वह परिवार सहित मौजूद नहीं मिले। उधर, माना जा रहा है कि रविवार को गिरफ्तार हुए दोनों आरोपियों को आज सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया जा सकता है।

आरोपियों के दफ्तर और घर की तलाशी जारी

CBI प्रवक्ता ने बताया कि हमारे पास यह शिकायत आई थी। इसके बाद मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई। प्रथम दृष्ट्या शिकायत सही पाई गई। रविवार को CBI ने जाल बिछाकर एक प्राइवेट व्यक्ति के माध्यम से रिश्वत लेते हुए DGGI गाजियाबाद में तैनात सीनियर इंटेलिजेंस ऑफिसर मोहित धनकड़ और प्राइवेट व्यक्ति राकेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों के कार्यालय और आवासों की तलाशी भी ली जा रही है। 60 लाख रुपए की रकम रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ली जा रही थी। फिलहाल GST गाजियाबाद यूनिट के अधिकारियों ने CBI की इस कार्रवाई पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। फोन टैपिंग होने के डर से विभाग से जुड़े कुछ लोगों ने मीडिया कर्मियों के फोन तक नहीं उठाए।

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