Kanwar Yatra Accident: उत्तराखंड के रुद्रपुर (Rudrapur) में स्थित काशीपुर रोड (Kashipur Road) पर उस समय बवाल मच गया जब हरिद्वार (Haridwar) से गंगाजल (Gangajal) लेकर लौट रहे एक कांवड़िये को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। यह हादसा एनएच 74 (NH 74) पर हुआ, जिसके बाद कांवड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए कांवड़ियों ने हाईवे पर जाम लगाकर जमकर हंगामा किया।
इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। जाम और हंगामे को देखते हुए कोतवाल मनोज रतूड़ी (Manoj Raturi) की अगुवाई में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कांवड़ियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान पुलिस और कांवड़ियों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हो गई।
कांवड़ियों की मांग: One-Way ट्रैफिक का इंतजाम क्यों नहीं?
कांवड़ियों का आरोप था कि महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) के दौरान प्रशासन से पहले ही इस मार्ग को वन-वे (One-Way) करने की मांग की गई थी। उनका कहना था कि अगर प्रशासन ने समय पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया होता, तो हादसे से बचा जा सकता था।
हादसे के बाद सैकड़ों कांवड़ियों ने हाईवे को जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने कांवड़ियों से बातचीत कर मार्ग को एक तरफ से खोलने का निर्णय लिया।
पुलिस और प्रशासन की सफाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। हालांकि, अचानक हुए इस हादसे के कारण स्थिति बिगड़ गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि दोषी वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाल मनोज रतूड़ी ने कहा, “हमने सभी कांवड़ियों से सहयोग की अपील की है। यातायात को सामान्य करने के लिए वन-वे का विकल्प जल्द लागू किया जाएगा।”
निष्कर्ष: यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर से यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्वों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि पहले से सही इंतजाम किए गए होते, तो इस तरह के हादसों से बचा जा सकता था।
अब यह देखना होगा कि प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है और कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन से नए नियम लागू किए जाते हैं।