AAP Sarpanch Arrested With Heroin: पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने 19 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में एक प्रेस नोट जारी करके आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमृतसर से आम आदमी पार्टी के सरपंच लवप्रीत सिंह को 4 किलो 300 ग्राम हेरोइन, एक .30 बोर पिस्तौल और 30 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया है। रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार खुद नशा बिकवा रही है तभी तो शरेआम चिट्टा बिक रहा है।
अमृतसर से AAP सरपंच लवप्रीत सिंह गिरफ्तार: स्कॉर्पियो से मिली हेरोइन और हथियार
सांसद रंधावा ने बताया कि पुलिस ने अमृतसर से गांव कोट हिरदेराम के सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के सरपंच लवप्रीत सिंह और उनके दो साथियों को नाके के दौरान गिरफ्तार किया। इनकी स्कॉर्पियो गाड़ी की तलाशी में 4 किलो 300 ग्राम हेरोइन के अलावा एक .30 बोर का पिस्तौल, 4 राउंड और 30 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए। जानकारी के मुताबिक ये लोग नशे की खेप सप्लाई करने के लिए कत्थूनंगल जा रहे थे।
यह बरामदगी इसलिए भी गंभीर है क्योंकि एक सरपंच जो गांव के विकास और लोगों की सेवा के लिए चुना जाता है, वह खुद किलोग्राम में हेरोइन की तस्करी कर रहा था। हथियार और भारी मात्रा में कारतूसों का मिलना यह दर्शाता है कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं बल्कि संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है।
दो हफ्ते में दूसरा AAP सरपंच नशे के मामले में गिरफ्तार
AAP Sarpanch Arrested With Heroin का यह कोई पहला मामला नहीं है। रंधावा ने बताया कि इससे पहले पिछले हफ्ते ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सीमावर्ती जिले तरनतारन से गांव कलसिया के सत्ताधारी पार्टी से संबंधित सरपंच परमजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। उससे 18 किलो हेरोइन बरामद हुई थी और उसके पाकिस्तानी तस्करों के साथ संबंध होने के आरोप लगे थे।
कुछ ही दिनों के अंतराल में दो-दो AAP सरपंचों का भारी मात्रा में हेरोइन के साथ पकड़ा जाना सत्ताधारी पार्टी के लिए बेहद शर्मनाक है। पहले सरपंच से 18 किलो और अब दूसरे से 4.3 किलो हेरोइन बरामद होना दिखाता है कि पार्टी के जमीनी नेताओं का नशा तस्करी से कितना गहरा जुड़ाव है।
रंधावा का तंज: ‘युद्ध नशा बेचन वाले आपणेयां विरुध’ अभियान चलाए सरकार
सांसद रंधावा ने मुख्यमंत्री मान सरकार के ‘युद्ध नशेयां विरुध’ अभियान पर करारा तंज कसते हुए कहा कि सरकार को यह अभियान बदलकर ‘युद्ध नशा बेचन वाले आपणेयां विरुध’ (अपने ही नशा बेचने वालों के खिलाफ युद्ध) शुरू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी के अपने ही पदाधिकारी और सरपंच किलोग्राम में हेरोइन बेच रहे हैं तो सरकार का नशा विरोधी अभियान कितना विश्वसनीय रह जाता है।
रंधावा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ सारी मुहिम बेअसर और खोखली है। सरकार युद्ध नशे विरुध जैसे अभियान चलाकर लोगों को मूर्ख बना रही है और सिर्फ अखबारों और टीवी चैनलों पर पब्लिसिटी करके वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है। असलियत में जमीनी हालात बिल्कुल उलट हैं।
चार हफ्ते में नशा खत्म करने का वादा, चार साल बाद तस्करी ग्राम से किलोग्राम तक पहुंची
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि यह वही आम आदमी पार्टी है जिसने 2022 में पंजाब में चार हफ्ते के अंदर नशा खत्म करने का वादा करके सत्ता हासिल की थी। लेकिन चार साल बाद हकीकत यह है कि नशे की तस्करी ग्रामों की बजाय अब किलोग्राम तक पहुंच गई है। रंधावा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मान सरकार की शह के बिना इतनी भारी मात्रा में नशा नहीं बिक सकता।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के सरपंच गांवों का विकास करने और लोगों के काम करवाने की बजाय नशा बेचने का काम कर रहे हैं। जो लोग ग्रामीण स्तर पर जनता के प्रतिनिधि हैं, वही सबसे बड़े तस्कर निकल रहे हैं। यह पंजाब की जनता के साथ सबसे बड़ा धोखा है।
पंजाब की नशा राजनीति: आरोपों और जवाबी आरोपों के बीच पिसता आम आदमी
यह पूरा मामला पंजाब की राजनीति में नशे के मुद्दे की गंभीरता और जटिलता दोनों को उजागर करता है। एक तरफ पंजाब सरकार ‘युद्ध नशेयां विरुध’ अभियान के तहत रोजाना सैकड़ों गिरफ्तारियां और बरामदगी के आंकड़े पेश कर रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी के अपने लोग ही इस धंधे में लिप्त हैं। जब किसी भी पार्टी के जमीनी नेता, जो गांव स्तर पर सबसे ज्यादा प्रभावशाली होते हैं, खुद तस्करी में शामिल हों तो नशा विरोधी अभियान की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पंजाब के लिए नशा सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संकट का मुद्दा बन चुका है। हजारों परिवार टूट चुके हैं, युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है और हर सरकार नशा खत्म करने का वादा करती है लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदलती। जब तक राजनीतिक संरक्षण में चल रही तस्करी पर लगाम नहीं लगती, तब तक चाहे कितने भी अभियान चलाए जाएं, पंजाब का नशे से मुक्त होना मुश्किल है।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमृतसर से AAP सरपंच लवप्रीत सिंह को दो साथियों समेत 4.3 किलो हेरोइन, .30 बोर पिस्तौल और 30 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया, ये नशे की खेप सप्लाई करने कत्थूनंगल जा रहे थे।
- पिछले हफ्ते ही NCB ने तरनतारन से AAP से जुड़े सरपंच परमजीत सिंह को 18 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा था, जिसके पाकिस्तानी तस्करों से संबंध होने के आरोप लगे थे। दो हफ्ते में दो AAP सरपंच नशे में गिरफ्तार हुए।
- सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नशे की तस्करी ग्राम से किलोग्राम तक पहुंच गई है और सरकार की शह के बिना इतना नशा नहीं बिक सकता।
- रंधावा ने ‘युद्ध नशेयां विरुध’ अभियान को खोखला बताते हुए कहा कि सरकार को ‘युद्ध नशा बेचन वाले आपणेयां विरुध’ चलाने की जरूरत है, क्योंकि पार्टी के अपने लोग ही तस्करी में लिप्त हैं।








