Delhi Assembly Session में पहली बार चुने गए सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ग्रहण की है। यह सत्र 24 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा, जिसमें Aam Aadmi Party (AAP) विपक्ष की भूमिका निभाएगी। इस बार BJP (Bharatiya Janata Party) ने यह साफ कर दिया है कि वह इस सत्र में CAG (Comptroller and Auditor General) की रिपोर्ट पेश करेगी। वहीं, AAP ने यह घोषणा की है कि वह महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने के भाजपा वादे पर सरकार से जवाब मांगेगी।
CM Rekha Gupta से मिलने पहुंचे AAP विधायक
सत्र की शुरुआत से पहले ही माहौल गर्म हो गया जब AAP के विधायक सीधे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) से मिलने पहुंच गए। जानकारी के मुताबिक, आप विधायकों ने पहले से समय मांगा था, लेकिन समय नहीं मिलने पर वे खुद मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उनके दफ्तर पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि यह मुलाकात महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता योजना के संबंध में थी। इस मुद्दे को लेकर AAP विधायकों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी चिंता जाहिर की। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को अंदर बुलाकर उनकी बातें सुनीं।
आतिशी का मुख्यमंत्री को पत्र
आम आदमी पार्टी की नेता और पूर्व मंत्री आतिशी (Atishi) ने पहले ही इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा था। 23 फरवरी को उन्होंने एक पत्र के माध्यम से सवाल उठाया कि भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में महिलाओं को 2500 रुपये देने की योजना को मंजूरी क्यों नहीं दी गई, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने एक चुनावी रैली में यह वादा किया था।
आतिशी ने अपने पत्र में कहा, “प्रधानमंत्री ने 31 जनवरी को द्वारका (Dwarka) में चुनावी रैली के दौरान यह वादा किया था कि सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में यह योजना पास कर दी जाएगी।”
भाजपा का जवाब: मार्च से लागू होगी योजना
भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य नेताओं ने सफाई दी है कि इस योजना को मार्च से लागू कर दिया जाएगा। हालांकि, AAP ने आरोप लगाया है कि दिल्ली की महिलाएं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं क्योंकि योजना को अभी तक आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है।
विधानसभा में सियासी जंग के आसार
दिल्ली विधानसभा में BJP के पास 48 सीटें हैं, जबकि AAP ने 22 सीटें जीती हैं। इस सत्र में AAP विपक्ष में रहकर भाजपा सरकार के फैसलों पर सवाल उठाने की पूरी तैयारी में है।
दिल्ली विधानसभा का यह सत्र सियासी दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। महिलाओं को 2500 रुपये देने की योजना पर दोनों दलों के बीच टकराव के संकेत मिल रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा अपने चुनावी वादों को किस तरह पूरा करती है और AAP किस प्रकार विपक्ष में रहकर दबाव बनाती है।