AAP MLA Manjinder Singh Lalpura : पंजाब (Punjab) की राजनीति में इस वक्त बड़ी हलचल है! आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा (Manjinder Singh Lalpura) को एक पुराने मामले में तरनतारन कोर्ट (Tarn Taran Court) ने 4 साल कैद की सजा सुनाई है।
इस फैसले के बाद पंजाब में एक और विधानसभा उपचुनाव (By-election) का रास्ता साफ हो गया है। 12 साल पुराने एक केस में आए इस फैसले ने लालपुरा की विधायकी पर सीधा असर डाला है, जिसके चलते उनका विधानसभा से डिसक्वालिफाई (Disqualify) होना तय माना जा रहा है। इस मामले में विधायक लालपुरा के साथ-साथ 11 अन्य दोषी और 6 पुलिस कर्मचारी भी शामिल हैं। यह घटनाक्रम न सिर्फ आम आदमी पार्टी बल्कि पूरे पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।
पीड़िता का बयान : फैसले के बाद पीड़ित महिला ने सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई। उसने कहा कि इतने सालों से वह न्याय के लिए लड़ रही है और अब उसे भरोसा है कि अदालत विधायक और अन्य आरोपियों को सख्त से सख्त सजा सुनाएगी। पीड़िता ने कहा, “आज मुझे लग रहा है कि इंसाफ की राह मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं।”
अदालत का फैसला और दोषी ठहराए गए लोग : इस केस में केवल विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा ही नहीं, बल्कि अन्य आरोपियों को भी अदालत ने दोषी पाया है। इससे पहले 10 सितंबर को अदालत ने विधायक को दोषी ठहराया था और आज सजा का ऐलान किया गया। यह केस 12 साल पुराना है, जब लालपुरा टैक्सी ड्राइवर हुआ करते थे और उन पर शादी समारोह में आई एक युवती से मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगा था।
यह घटना साल 2013 की है। उस समय पीड़िता अपने परिजन की शादी में शामिल होने गई थी, जहां टैक्सी ड्राइवर के रूप में मौजूद मनजिंदर सिंह लालपुरा और कुछ पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट और अभद्रता की थी। मामले को एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत दर्ज किया गया था। सालों तक चली इस कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने आखिरकार अपना फैसला सुनाया।
राजनीतिक असर : इस फैसले ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। सत्ताधारी पार्टी (AAP) के विधायक पर दोष सिद्ध होना विपक्ष के लिए बड़ा मुद्दा बन सकता है। दूसरी ओर, विधायक के वकील का कहना है कि वे इस फैसले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट जाएंगे। लेकिन फिलहाल अदालत के आदेश से यह साफ हो गया है कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं।








