AAP Minister Laljit Bhullar Arrest Demand: पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर पंजाब वेयरहाउस के जिला मैनेजर गगनदीप रंधावा को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले ने पूरे पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया है। चंडीगढ़ में 22 मार्च को शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया और मंत्री की तुरंत गिरफ्तारी तथा जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की। मृतक के भाई वीरेंद्र पाल सिंह ने ऐलान किया कि जब तक भ्रष्ट मंत्री गिरफ्तार नहीं होता, तब तक परिवार अंतिम संस्कार नहीं करेगा।
एक टेंडर के लिए काबिल अफसर को मौत के मुंह में धकेला
AAP Minister Laljit Bhullar Arrest Demand के पीछे एक दिल दहला देने वाली कहानी है। पंजाब वेयरहाउस के जिला मैनेजर गगनदीप रंधावा एक काबिल और ईमानदार अधिकारी थे। आरोप है कि AAP मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने सिर्फ एक टेंडर के लिए गगनदीप रंधावा को इस कदर प्रताड़ित किया कि वो आत्महत्या करने पर मजबूर हो गए।
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने पानी की बौछारों के बीच मीडिया से बात करते हुए प्रताड़ना की रोंगटे खड़े कर देने वाली तफसील बताई। मजीठिया ने कहा कि मंत्री लालजीत भुल्लर, सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके PA ने मिलकर गगनदीप रंधावा को नंगा किया, बेरहमी से पीटा, टॉर्चर किया, बेइज्जत किया और पिस्तौल की बट से सिर पर मारकर घायल कर दिया।
लेकिन दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। मजीठिया ने बताया कि मंत्री ने मृतक की दोनों बेटियों और पत्नी को यह कहकर लगातार धमकाया कि “आज किस रंग के कपड़े पहने हो और कहां गई हो, मंत्री को सब पता है” और गैंगस्टरों के जरिए गोली मरवा देने की धमकी दी गई। इन धमकियों से गगनदीप रंधावा इतना डर गए कि जब वो गंभीर हालत में जिंदगी और मौत से लड़ रहे थे, तो उन्होंने डॉक्टर का हाथ पकड़कर कहा कि “मेरी जान नहीं बचनी चाहिए, क्योंकि मेरी वजह से मेरे परिवार को खतरा है, तो मेरा मर जाना ही सही है।”
केस दर्ज करने में जानबूझकर की गई देरी: मजीठिया
बिक्रम सिंह मजीठिया ने AAP सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह केस 21 मार्च को ही दर्ज होना चाहिए था, लेकिन इसे जानबूझकर टालकर 22 मार्च को सुबह 1 बजे दर्ज किया गया। केस दर्ज करने में यह देरी सरकार की गंभीरता या कहें तो गंभीरता की कमी को साफ दिखाती है।
मजीठिया ने बताया कि जब विपक्षी पार्टियों के नेता केस दर्ज करवाने के लिए थाने पर बैठे हुए थे, तो सरकार और मंत्री ने अपनी ताकत का इस्तेमाल करके थाने की बिजली काट दी। और इतना ही नहीं, मंत्री लालजीत भुल्लर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “मुझे हटाया नहीं गया बल्कि मैंने खुद इस्तीफा दिया है।” मजीठिया ने कहा कि इतनी घिनौनी हरकत करने के बाद भी नैतिकता दिखाने की कोशिश करना शर्मनाक है।
पुलिस परिवार को इंसाफ देने की बजाय समझौते के लिए दबा रही: मजीठिया का गंभीर आरोप
AAP Minister Laljit Bhullar Arrest Demand के बीच बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर पीड़ित परिवार पर समझौता करने और अंतिम संस्कार करवाने का दबाव बना रहे हैं। कार्यकारी DGP गौरव यादव की अगुवाई में अमृतसर पुलिस परिवार को इंसाफ देने की बजाय धमकाकर समझौते के लिए दबाव डाल रही है।
मजीठिया ने कहा कि जिन लोगों के पति, पिता और भाई इस दुनिया से चले गए हैं, उन्हें न्याय दिलाने की बजाय पुलिस अपना काम ठीक से नहीं कर रही। मंत्री को गिरफ्तार करने की बजाय परिवार को परेशान किया जा रहा है। जबकि आत्महत्या से पहले मृतक के हलफनामे के वीडियो में सब कुछ साफ है, फिर भी विपक्षी पार्टियों को परिवार के साथ मिलकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
“विजय सिंगला को क्लीन चिट दी, अब इस मर्डर केस में भी ऑपरेशन चलाएंगे?”
बिक्रम सिंह मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री लालजीत भुल्लर की पीठ पर नहीं खड़े हैं, तो उन्हें तुरंत लालजीत भुल्लर, सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके PA को गिरफ्तार करके जेल की सलाखों के पीछे डालना चाहिए। कानून सभी के लिए एक समान है और इस मामले की जांच CBI को सौंपी जानी चाहिए।
मजीठिया ने पुराने मामलों का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद विजय सिंगला भ्रष्टाचार केस में गवाह बने थे, लेकिन उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार अब इस “सीधे मर्डर केस” में भी अपने मंत्री को क्लीन चिट देने के लिए कोई “ऑपरेशन” चला रही है?
पंजाब की तीनों विपक्षी पार्टियां हुईं एकजुट, AAP सरकार का घमंड नहीं टूटा
AAP Minister Laljit Bhullar Arrest Demand को लेकर पंजाब के राजनीतिक इतिहास में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां, जो आमतौर पर एक-दूसरे की कट्टर विरोधी हैं, इस मुद्दे पर एक मंच पर आ गईं। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर हुए इस विरोध प्रदर्शन में पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़, शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा एक साथ खड़े दिखे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन नेता और कार्यकर्ता डटे रहे। मजीठिया ने कहा कि आज पंजाब की सभी विपक्षी पार्टियां इंसाफ की इस लड़ाई में एक साथ आ गई हैं, लेकिन खुद को “आम आदमी” कहने वालों की सरकार का घमंड अभी टूटा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे इंसाफ के लिए अपनी लड़ाई आखिर तक लड़ेंगे।
इस विरोध प्रदर्शन में शिरोमणि अकाली दल के नेता महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, डॉ. दलजीत सिंह चीमा, शरणजीत सिंह ढिल्लों, हीरा सिंह गाबड़िया, एनके शर्मा, सरबजीत सिंह झिंजर, अर्शदीप सिंह कलेर और नछत्तर सिंह गिल सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।
“भाई का अंतिम संस्कार मंत्री की गिरफ्तारी के बाद ही होगा”: मृतक का भाई
AAP Minister Laljit Bhullar Arrest Demand के बीच सबसे भावुक और दर्दनाक पल तब आया जब मृतक गगनदीप रंधावा के भाई वीरेंद्र पाल सिंह ने विपक्षी पार्टियों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर मीडिया से बात की। वीरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने केस तो दर्ज करा लिया है, लेकिन अगर वो सच्चे और ईमानदार मुख्यमंत्री हैं तो उन्हें तुरंत मंत्री और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजना चाहिए, ताकि परिवार अपने भाई का अंतिम संस्कार कर सके।
वीरेंद्र पाल सिंह ने गहरे आक्रोश और दर्द के साथ कहा कि “हमारे भाई ने उस भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान दी है, लेकिन अब अगली लड़ाई हम लड़ेंगे।” उन्होंने मंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि “हम झुकने वाले नहीं हैं। आप जितनी देरी गिरफ्तारी और कार्रवाई में करेंगे, आप सोचते हैं कि हमें दबा देंगे और झुका देंगे, ऐसा नहीं होगा।”
परिवार ने साफ ऐलान कर दिया है कि जब तक उनके भाई को मौत के मुंह में धकेलने वाले भ्रष्ट मंत्री को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक गगनदीप रंधावा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
“ईमानदारी की दुहाई देने वालों के राज में गुंडे बन गए मंत्री”: मृतक के भाई का दर्द
वीरेंद्र पाल सिंह ने बड़े भावुक होकर कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री कहते हैं कि विदेशी लोग पंजाब में आकर नौकरी करेंगे और पंजाब के नौजवानों से कहा जाता है कि विदेश मत जाओ, यहीं नौकरी मिलेगी। लेकिन जो लोग यहां पढ़-लिखकर मेहनत से नौकरी पा रहे हैं, उनके साथ सरकार के मंत्री गुंडों की तरह पेश आ रहे हैं और उन्हें जान देने पर मजबूर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर पहले ही इंसाफ मिल जाता तो आज परिवार अपने भाई का अंतिम संस्कार कर रहा होता, चंडीगढ़ तक आकर इंसाफ की लड़ाई नहीं लड़ रहा होता। जो सरकार “कट्टर ईमानदारी” की दुहाई देती है, उसी के राज में मंत्री गुंडों की तरह काम कर रहे हैं, यह सबसे बड़ी विडंबना है।
ईमानदारी का नकाब उतर गया: इस एक घटना ने AAP सरकार की पोल खोल दी
बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि इस एक घटना ने AAP सरकार की “ईमानदारी” के नकाब के पीछे छिपे भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के असली चेहरे को पूरी तरह उजागर कर दिया है। जो पार्टी “आम आदमी” के नाम पर सत्ता में आई, उसी के मंत्री एक काबिल अफसर को टेंडर के लिए प्रताड़ित करते हैं, उसके परिवार की महिलाओं को गैंगस्टरों से गोली मरवा देने की धमकी देते हैं, और अफसर को इतना डरा देते हैं कि वो मरते वक्त भी डॉक्टर से कहता है कि “मेरी जान मत बचाओ, मेरे मरने से ही मेरा परिवार सुरक्षित रहेगा।”
यह सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि एक ऐसी मानवीय त्रासदी है जिसने पूरे पंजाब की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या वो अपने मंत्री को गिरफ्तार करवाकर इंसाफ की मिसाल कायम करेंगे, या फिर विजय सिंगला केस की तरह इस मामले को भी दबाने की कोशिश करेंगे? अगले कुछ घंटे पंजाब की राजनीति के लिए बेहद अहम होने वाले हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- AAP मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर पंजाब वेयरहाउस के जिला मैनेजर गगनदीप रंधावा को एक टेंडर के लिए प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है। आरोप है कि मंत्री ने अफसर को नंगा किया, पीटा, पिस्तौल की बट से मारा और परिवार की महिलाओं को गैंगस्टरों से गोली मरवाने की धमकी दी।
- शिरोमणि अकाली दल, BJP और कांग्रेस ने एकजुट होकर चंडीगढ़ में CM ऑफिस का घेराव किया, बिक्रम सिंह मजीठिया ने CBI जांच की मांग की और कहा कि लालजीत भुल्लर, सुखदेव सिंह भुल्लर और PA को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- मृतक के भाई वीरेंद्र पाल सिंह ने ऐलान किया कि जब तक भ्रष्ट मंत्री गिरफ्तार नहीं होता, तब तक गगनदीप रंधावा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा और परिवार इंसाफ के लिए लड़ता रहेगा।
- मजीठिया ने आरोप लगाया कि कार्यकारी DGP गौरव यादव की अगुवाई में पुलिस परिवार को इंसाफ देने की बजाय समझौते के लिए धमका रही है, और विजय सिंगला केस की तरह इस मामले में भी मंत्री को क्लीन चिट देने का “ऑपरेशन” चलाया जा सकता है।








