चंडीगढ़, 25 सितंबर (The News Air) आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसके नेताओं पर राष्ट्रीय स्वाभिमान और पंजाब में रहने वाले प्रवासी मजदूरों के साथ पक्षपात और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
वीरवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ‘आप’ पंजाब के सीनियर नेता नील गर्ग और बलतेज पन्नू ने वीडियो दिखाकर कांग्रेस नेताओं के पाखंड को उजागर किया, जिन्होंने पंजाबियों में रोष पैदा कर दिया है।
पहले वीडियो में सनौर से कांग्रेस के पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर को दिखाया गया, जो कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कत्ल के बारे में बोलते हुए भारत को शर्मनाक ढंग से “गंदा देश” (तीसरे दर्जे का देश) कहते हैं। नील गर्ग ने कहा कि यह उस धरती का ना-माफ़ करने योग्य अपमान है जहां शहीद भगत सिंह और शहीद उधम सिंह जैसे शहीदों ने भारत की आजादी के लिए अपनी जान वार दी थी। उन्होंने आगे कहा कि जिस देश के लिए लाखों भारतीयों ने अपनी जानें कुर्बान कीं, उसे ‘तीसरे दर्जे का देश’ कहना उनकी शहादत और हर भारतीय के मान का अपमान है। कांग्रेस पार्टी को पंजाब और पूरे देश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
दूसरे वीडियो ने पंजाब में प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर कांग्रेस लीडरशिप के अंदर के स्पष्ट विरोध को उजागर किया। एक तरफ, कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा प्रवासियों को पंजाब में बसने से रोकने के लिए कानूनों की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ, पंजाब कांग्रेस के प्रधान और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बिहार में एक पार्टी मीटिंग में पंजाब और बिहार के गहरे संबंधों की सराहना की और कहा कि प्रवासी मजदूरों के योगदान के बिना पंजाब नहीं चल सकता।
बलतेज पन्नू ने कहा यह कांग्रेस का असली चेहरा, दोहरा मापदंड और राजनीतिक पाखंड है। उन्होंने कहा कि एक नेता प्रवासियों का अपमान करता है, दूसरा उनकी प्रशंसा करता है। कोई भारत को तीसरे दर्जे का देश कहता है, कोई इस देश को बचाने के लिए ‘संविधान बचाओ’ रैलियां करता है। पंजाबी सब देख रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस पार्टी खैहरा की फूट डालने वाली राजनीति का समर्थन करती है या क्या यह वड़िंग के शब्दों पर खड़ी है?” कांग्रेस को अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए।
‘आप’ नेताओं ने मांग की कि कांग्रेस हाईकमान मदन लाल जलालपुर की अपमानजनक टिप्पणियों के लिए भारत के लोगों से तुरंत माफी मांगे और आने वाले विधान सभा सेशन से पहले प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करे।








