LIVE | ...
गुरूवार, 30 जुलाई 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - आपने जो संपत्ति बनाई, उसकी आधी सरकार ले? क्या है विरासत टैक्स जिसकी…

आपने जो संपत्ति बनाई, उसकी आधी सरकार ले? क्या है विरासत टैक्स जिसकी…

वकालत पित्रोदा ने की, क्या यह देश को पीछे ले जाएगा

The News Air Team by The News Air Team
बुधवार, 24 अप्रैल 2024
in Breaking News, NEWS-TICKER, बिज़नेस, राष्ट्रीय, सियासत
A A
0
वकालत पित्रोदा
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (The News Air) चुनावी माहौल में संपत्ति के बंटवारे को लेकर गरमाई सियासत के बीच अब इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने भारत में विरासत कर लगाने की वकालत की है। उन्होंने अमेरिका के शिकागो में कहा है कि अमेरिका में विरासत कर लगता है। अगर किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है तो मरने के बाद महज 45 फीसदी उसकी संपत्ति ही उसके बच्चों को ट्रांसफर हो सकती है। कुल संपत्ति का 55 फीसदी सरकार ले लेती है। पित्रोदा ने कहा कि यह एक दिलचस्प कानून है। यह कहता है कि आपने अपनी पीढ़ी में संपत्ति बनाई और अब आप जा रहे हैं, ऐसे में आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए-पूरी नहीं, आधी। ये जो निष्पक्ष कानून है मुझे अच्छा लगता है।

पित्रोदा ने कहा कि भारत में ऐसा कुछ नहीं है। अगर किसी की संपत्ति 10 अरब है तो मरने के बाद उसके बच्चों को 10 अरब मिलते हैं और जनता को कुछ नहीं मिलता। इसलिए लोगों को इस तरह के मुद्दों पर बहस और चर्चा करनी होगी। सैम पित्रोदा के इस बयान के बाद भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोला है। पीएम ने फिर कहा है कि कांग्रेस की नजर आपकी संपत्ति पर है। वहीं भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस गरीबों को बर्बाद करना चाहती है।आज हम जानेंगे कि क्या है विरासत कर, जिसकी सैम पित्रोदा ने लागू करने की वकालत की है। भारत में इस तरह के टैक्स को लेकर क्या हैं नियम? यह दुनिया के किन देशों में लागू है? इसके फायदे-नुकसान के बारे में भी बात करेंगे।

विरासत या इनहेरिटेंस टैक्स क्या है

फाइनेंशियल एक्सपर्ट जितेंद्र सोलंकी के अनुसार, भारत में किसी की बनाई हुई संपत्ति और पैतृक संपत्ति उसकी मृत्यु के बाद उसके कानूनी उत्तराधिकारियों जैसे बच्चों, पोते-पोतियों या संबंधित लोगों को ट्रांसफर हो जाती है। इसी विरासत पर अमेरिका समेत कई देशों में इनहेरिटेंस टैक्स या विरासत कर लगता है, जिसकी पित्रोदा ने वकालत की है। नीचे दिए ग्राफिक से जानते हैं कि दुनिया के किन देशों में विरासत टैक्स लगता है।

यह भी पढे़ं 👇

Ration Card Update Bihar 2026

Ration Card Update Bihar 2026: बंद राशन कार्ड होगा चालू, नए कार्ड के लिए आवेदन शुरू

गुरूवार, 30 जुलाई 2026
WhatsApp Web Calling Feature 2026

WhatsApp Web Calling Feature 2026: अब ब्राउजर से होगी WhatsApp कॉल, डाउनलोड की जरूरत नहीं

गुरूवार, 30 जुलाई 2026
8th Pay Commission MACP Update

8th Pay Commission MACP Update: इन रिटायर्ड कर्मचारियों को नहीं मिलेगा MACP का लाभ, सरकार ने किया साफ

गुरूवार, 30 जुलाई 2026
Delhi Mahila Samman Yojana

Delhi Mahila Samman Yojana: दिल्ली लक्ष्मी योजना में किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ? जानें पूरी डिटेल

गुरूवार, 30 जुलाई 2026
भारत में क्या लगता है विरासत कर

सोलंकी के अनुसार, भारत में विरासत कर नहीं लगता है। चाहे वह संपत्ति अचल हो या चल। अगर नया मालिक विरासत में हासिल की गई संपत्ति को बेचता है तो उसे टैक्स देना होगा। जैसे मान लीजिए नए मालिक को म्यूचुअल फंड्स, गोल्ड, शेयर वगैरह मिलता है तो उसे कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। मगर जैसे ही वह इन चल संपत्ति को बेचेगा तो उसे इन पर टैक्स देना पड़ेगा। हालांकि, इस तरह की संपत्ति से होने वाली कमाई पर टैक्स जरूर देना पड़ता है। मान लीजिए किसी के मरने के बाद उसके उत्तराधिकारी को कमर्शियल कॉम्लेक्स के रूप में कोई संपत्ति मिलती है तो उससे मिलने वाले रेंट और ब्याज पर नए मालिक को टैक्स देना होगा। ऐसे में संपत्ति के नए मालिक को अपनी इस इनकम का ब्यौरा देना होगा और उसी के मुताबिक टैक्स चुकाना होगा।

ऐसे समझिए भारत में विरासत में मिली संपत्ति पर टैक्स के बारे में

आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार, वसीयत या विरासत से हासिल की गई सपंत्ति टैक्स के दायरे में नहीं आएगी। एक बार अगर आप विरासत में मिली संपत्ति के मालिक बन जाते हैं तो उसका नफा-नुकसान भी आपको ही झेलना होगा। फायदा होने की स्थिति में आपको कैपिटल गेंस टैक्स देना होगा। इस कैपिटल गेंस का निर्धारण प्रॉपर्टी पर कब्जे की समयसीमा से तय होगी। अगर आपको अपने पिता से कोई संपत्ति 2022 में मिली है और आप इसे अप्रैल, 2024 में बेचना चाहते हैं तो इस प्रॉफिट पर आपको कैपिटल गेंस देना होगा। अगर आप और आपके पिता ने इस प्रॉपर्टी को 2 साल से ज्यादा अपने कब्जे में रखा है तो इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस में माना जाएगा और आपको टैक्स भी इसी के हिसाब से देना होगा।

क्या NRI को भारत में विरासत वाली संपत्ति पर टैक्स देना होगा

नहीं। किसी प्रवासी भारतीय (NRI) को भारत में विरासत में संपत्ति मिलती है तो वह उसका मालिक बन सकता है। फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट(FEMA) के तहत इनहेरिटेंस प्रॉपर्टी पर टैक्स नहीं लगेगा।

भारत में कभी लागू थी एस्टेट ड्यूटी

भारत में एस्टेट ड्यूटी एक्ट, 1953 कभी लागू था। इसके तहत विरासत में प्राप्त की गई संपत्ति के कुल मूल्य का 85 फीसदी तक एस्टेट ड्यूटी देनी पड़ जाती थी। यहां तक कि कानूनी रूप से विरासत में मिली संपत्ति को उपहार मान लिया जाता था। इस एक्ट काे 1985 में हटा दिया गया था।

रिसर्च कहती है कि एस्टेट या इनहेरिटेंस टैक्स खराब आर्थिक नीति में से एक

टैक्स फाउंडेशन की 2015 में छपी एक रिसर्च के अनुसार, एस्टेट या इनहेरिटेंस टैक्स खराब आर्थिक नीति है। ये घरेलू जमा पूंजियों पर एक बोझ की तरह ही हैं। इससे धन और संपत्ति जरूर जमा होती है, जिसने अमेरिका को ज्यादा अमीर बनाया। स्टडी में कहा गया है कि अगर अमेरिका एस्टेट टैक्स वसूलना बंद कर दे तो करीब 1.5 लाख नौकरियां पैदा होंगी और हर साल संघीय टैक्स में 8 बिलियन डॉलर का इजाफा होगा। भले ही अमेरिका जैसे देशों में एस्टेट टैक्स या इनहेरिटेंस टैक्स लागू है, मगर इससे राजस्व में बढ़ोतर बहुत ही कम होती है। इससे जनता पर बोझ बढ़ता ही है। दुनिया के बहुत से देशों ने एस्टेट और इनहेरिटेंस टैक्स को राजस्व का खराब सोर्स करार दिया है और इन दोनों ही टैक्स को हटा दिया है। भारत में भी एस्टेट टैक्स को काफी पहले ही हटाया जा चुका है।

जिन देशों ने हटाए हैं विरासत या एस्टेट टैक्स, उसकी वजह क्या है

रिसर्च के अनुसार, जिन देशों ने एस्टेट या इनहेरिटेंस टैक्स हटाया है, उसका मकसद दो है। पहला ये है कि इन दोनों टैक्स को हटाना आपको ज्यादा प्रगतिशील बनाता है और दूसरा ऐसे टैक्स वसूलने में बड़ी लागत आती है। इसके अलावा किसी की प्रॉपर्टी की वैल्यू आंकना भी बेहद जटिल काम है। भारत, रूस, मकाऊ, पुर्तगाल, स्लोवाक रिपब्लिक, स्वीडन, हांगकांग, हंगरी, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और नॉर्वे जैसे देशों में विरासत कर लागू नहीं है।

चंद हाथों में संपत्ति को जाने से रोकने के लिए विरासत कर अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया जैसे देशों में विरासत कर लागू है। ब्रिटेन में एस्टेट ड्यूटी के रूप में विरासत कर लागू है। यह 1894 से बैक टैक्स के रूप में लागू किया गया था। वहां इसे रिहायशी प्रॉपर्टी की कीमतें घटाने के हथियार के रूप में माना जाता है। अमेरिका में विरासत कर लगाने के यह तर्क दिया जाता है कि संपत्ति को चंद लोगों के हाथों में जाने से बचाने की यह कोशिश है। इसका मकसद यह है कि नागरिकों को बराबर अवसर प्रदान करना भी है, चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। ज्यादातर देशों में विरासत कर की सीमा 40 से 50 फीसदी तक है।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

‘कांग्रेस नेता आतंकवादियों के मारे जाने पर आंसू बहाती हैं’, पीएम मोदी बोले-

Next Post

शाहरुख खान फिर बनेंगे डॉन, बेटी सुहाना की फिल्म किंग में आएंगे नजर!

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Ration Card Update Bihar 2026

Ration Card Update Bihar 2026: बंद राशन कार्ड होगा चालू, नए कार्ड के लिए आवेदन शुरू

गुरूवार, 30 जुलाई 2026
WhatsApp Web Calling Feature 2026

WhatsApp Web Calling Feature 2026: अब ब्राउजर से होगी WhatsApp कॉल, डाउनलोड की जरूरत नहीं

गुरूवार, 30 जुलाई 2026
8th Pay Commission MACP Update

8th Pay Commission MACP Update: इन रिटायर्ड कर्मचारियों को नहीं मिलेगा MACP का लाभ, सरकार ने किया साफ

गुरूवार, 30 जुलाई 2026
Delhi Mahila Samman Yojana

Delhi Mahila Samman Yojana: दिल्ली लक्ष्मी योजना में किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ? जानें पूरी डिटेल

गुरूवार, 30 जुलाई 2026
Rakesh Tikait CJP Alliance

Rakesh Tikait CJP Alliance: किसान नेता राकेश टिकैत से मिले CJP नेता, क्या बनेगा महामोर्चा?

गुरूवार, 30 जुलाई 2026
Harpal Singh Cheema

MGNREGA VB Gee Ram Ji Scheme: पंजाब सरकार ने सुलझाया मनरेगा कर्मचारियों का विवाद, 2000 कर्मियों को फायदा

गुरूवार, 30 जुलाई 2026
Next Post
शाहरुख खान

शाहरुख खान फिर बनेंगे डॉन, बेटी सुहाना की फिल्म किंग में आएंगे नजर!

बाबा रामदेव

बाबा रामदेव ने फिर एड देकर बोला सॉरी, दोबारा ऐसा नहीं होगा, हम माफी मांगते हैं

शाहरुख खान

दिल्ली में आज है IPL Match, Traffic Advisory हुई जारी, इन रास्तों पर ना जाएं, होगी परेशानी

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।